दिल्ली में मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने, गलत जानकारी ठीक कराने या अपात्र व्यक्ति का नाम हटवाने के लिए मतदाताओं को एक और महत्वपूर्ण अवसर मिलने जा रहा है। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को राजधानी के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में बूथ स्तर के अधिकारी मतदाताओं की मदद करेंगे और उन्हें नाम जोड़ने, हटाने तथा मतदाता सूची में दर्ज विवरणों में सुधार के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया समझाएंगे। जिन लोगों का नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। वहीं, जिन मतदाताओं के नाम, पते या अन्य जानकारियों में गलती है, वे भी जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। इसके तहत पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने के साथ ही सूची में मौजूद गलतियों को दूर करने और नियमानुसार अपात्र प्रविष्टियों पर कार्रवाई करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
निर्वाचन संबंधी दावों और आपत्तियों को दर्ज कराने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2026 निर्धारित बताई गई है। ऐसे में 25 अक्टूबर को लगने वाले विशेष शिविर उन लोगों के लिए खास महत्व रखते हैं, जिन्होंने अभी तक आवेदन नहीं किया है या जिन्हें मतदाता सूची में सुधार कराना है। मतदाता अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर पहुंचकर बूथ स्तर के अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। अधिकारी संबंधित आवेदन पत्र भरने, जरूरी दस्तावेजों की जानकारी देने और आवेदन प्रक्रिया में सहायता करेंगे। हालांकि, मतदाताओं को ध्यान रखना होगा कि शिविर में आवेदन जमा करना और आवेदन के आधार पर मतदाता सूची में बदलाव होना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। संबंधित आवेदन की जांच और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन पर निर्णय लिया जाएगा। मतदाता सूची से संबंधित अलग-अलग कार्यों के लिए निर्वाचन आयोग ने अलग-अलग आवेदन पत्र निर्धारित किए हैं। आवेदन करने से पहले यह समझना जरूरी है कि किस उद्देश्य के लिए कौन सा फॉर्म इस्तेमाल किया जाना है। इससे गलत आवेदन करने या प्रक्रिया में अनावश्यक देरी होने की आशंका कम हो सकती है। फॉर्म-6: यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है और वह अपना नाम जुड़वाना चाहता है, तो इसके लिए फॉर्म-6 का इस्तेमाल किया जाता है।
नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है। संबंधित अभियान में पात्रता की तारीख और लागू दिशा-निर्देशों की पुष्टि बूथ स्तर के अधिकारी या निर्वाचन आयोग के आधिकारिक माध्यम से कर लेनी चाहिए। आवेदन के साथ आयु और निवास से संबंधित जरूरी दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। फॉर्म-7: मतदाता सूची में किसी नाम को हटाने के लिए आवेदन करने अथवा किसी प्रविष्टि पर नियमानुसार आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म-7 का इस्तेमाल किया जाता है। यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है, कोई मतदाता स्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित हो गया है या किसी प्रविष्टि को लेकर वैध आपत्ति है, तो संबंधित नियमों के तहत आवेदन किया जा सकता है।
हालांकि, केवल व्यक्तिगत मतभेद या राजनीतिक असहमति के आधार पर किसी का नाम हटाने की मांग नहीं की जा सकती। नाम हटाने से पहले निर्वाचन अधिकारी संबंधित तथ्यों और नियमों के अनुसार जांच कर सकते हैं। फॉर्म-8: मतदाता सूची में पहले से दर्ज नाम, पते या अन्य विवरणों में संशोधन कराने के लिए फॉर्म-8 उपयोगी है। मतदाता पहचान पत्र में सुधार, निवास स्थान बदलने या निर्धारित श्रेणी में अन्य संशोधन के लिए इस फॉर्म के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के साथ संबंधित बदलाव को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज देना जरूरी हो सकता है। इन तीनों फॉर्म का उद्देश्य अलग-अलग है। इसलिए मतदाताओं को आवेदन करने से पहले अपनी जरूरत स्पष्ट कर लेनी चाहिए। यदि किसी को यह समझने में परेशानी हो कि उसके मामले में कौन सा फॉर्म लागू होगा, तो वह 25 अक्टूबर को अपने मतदान केंद्र पर मौजूद बूथ स्तर के अधिकारी से मार्गदर्शन ले सकता है।
मतदान केंद्र पर जाकर या घर बैठे भी कर सकते हैं आवेदन
विशेष शिविरों में आवेदन करने के लिए मतदाताओं को अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर पहुंचना होगा। वहां बूथ स्तर के अधिकारी आवेदन पत्रों और प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं। मतदाता अपने साथ पहचान और पते से संबंधित दस्तावेज लेकर जाएं, ताकि आवेदन के दौरान जरूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके। नए पंजीकरण के लिए आयु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण और हाल की रंगीन फोटो जैसे दस्तावेज उपयोगी हो सकते हैं। संशोधन या नाम हटाने के मामलों में जरूरत के अनुसार अलग-अलग प्रमाण मांगे जा सकते हैं। जो लोग किसी कारणवश रविवार को मतदान केंद्र नहीं पहुंच सकते, वे निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट मतदाता सेवा पोर्टल या मतदाता सहायता मोबाइल ऐप के माध्यम से भी संबंधित सेवाओं की उपलब्धता के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन करते समय सही जानकारी भरना, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना और आवेदन संख्या सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण है। इससे आगे आवेदन की स्थिति जानने में मदद मिल सकती है। मतदाताओं को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि ऑनलाइन आवेदन जमा करने के बाद उसकी जांच की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारी अतिरिक्त जानकारी या दस्तावेज मांग सकते हैं। इसलिए आवेदन में मोबाइल नंबर और अन्य विवरण सही दर्ज करना बेहतर रहेगा। यदि आवेदन की स्थिति को लेकर कोई समस्या आती है, तो आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी देखी जा सकती है या निर्वाचन आयोग की हेल्पलाइन से सहायता ली जा सकती है। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत दावों और आपत्तियों की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2026 बताई गई है। ऐसे में मतदाताओं को अंतिम दिन तक इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन करना चाहिए।
आवेदन से पहले यह जांचना भी जरूरी है कि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है या नहीं और उसमें कोई गलती तो नहीं है। नाम, पता या अन्य विवरण गलत होने पर समय रहते संशोधन के लिए आवेदन किया जा सकता है। मतदाता अपने आवेदन से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए निर्वाचन आयोग की हेल्पलाइन संख्या 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। हालांकि, शिविरों का समय, स्थानीय व्यवस्था और जरूरी दस्तावेजों की पुष्टि संबंधित निर्वाचन कार्यालय से करना उचित रहेगा। 25 अक्टूबर को आयोजित होने वाले विशेष शिविर दिल्ली के उन नागरिकों के लिए उपयोगी अवसर हैं, जो मतदाता सूची से जुड़ी अपनी समस्याओं का समाधान कराना चाहते हैं। पात्र नागरिकों को निर्धारित नियमों के तहत आवेदन करना चाहिए, जबकि किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर आपत्ति दर्ज कराने वालों को अपने दावे के समर्थन में सही जानकारी उपलब्ध करानी होगी। मतदाता सूची में सही और अद्यतन जानकारी सुनिश्चित करने के लिए समय पर आवेदन करना और उसकी स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।