एनयूजे (आई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगरा में आयोजित आमसभा में की घोषणा

इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (आईएफजे) से संबद्ध नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) [एनयूजे (आई)] द्वारा स्थापित एनयूजे स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन के अध्यक्ष पद पर वरिष्ठ पत्रकार अनिल पांडेय को नियुक्त किया गया है। वहीं, जनसत्ता के संवाददाता प्रियरंजन को महासचिव चुना गया है।

यह घोषणा आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के जयप्रकाश नारायण सभागार में आयोजित एनयूजे स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन की आमसभा में की गई, जहां पदाधिकारियों एवं गवर्निंग काउंसिल का गठन किया गया।

एनयूजे (आई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने आमसभा को संबोधित करते हुए स्कूल के नए संविधान की जानकारी दी तथा नवगठित पदाधिकारियों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि गवर्निंग काउंसिल में भीष्म सिंह (जमशेदपुर) एवं अनीता चौधरी (दिल्ली) को उपाध्यक्ष, आलोक मोहन नायक को कोषाध्यक्ष तथा गौरव ललित (दिल्ली), विपुल कुमार (हरियाणा), भंवर सिंह (राजस्थान) और राहुल वर्मा (उत्तराखंड) को सचिव नियुक्त किया गया है।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि एनयूजे स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन का नया संविधान औपचारिक रूप से अंगीकृत कर लिया गया है। यह निर्णय 13 सितंबर 2025 को आयोजित कार्यकारी बैठक में लिया गया था। नए संविधान के निर्माण में हरिद्वार में आयोजित एनयूजे (आई) अधिवेशन के दौरान गठित समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समिति में अनिल पांडेय, दधिबल यादव, मनोज वर्मा, राकेश थपलियाल और अमलेश राजू सहित अन्य सदस्य शामिल थे, जबकि एनयूजे (आई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पदेन सदस्य के रूप में समिति से जुड़े थे।

नए संविधान के अनुसार संस्था में एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष, एक महासचिव, एक कोषाध्यक्ष, चार संयुक्त/सह सचिव तथा 11 सदस्यीय कार्यकारिणी का प्रावधान किया गया है।

गवर्निंग काउंसिल के अन्य सदस्यों में रास बिहारी, प्रदीप तिवारी, राकेश थपलियाल, उषा पहवा, दधिबल यादव, प्रतिभा शुक्ल, सचिन बुधौलिया, डॉ. उमेश पाठक, डॉ. ऋतु दुबे, प्रमोद गोस्वामी (उत्तर प्रदेश) तथा राकेश कुमार सिंह (बिहार) शामिल हैं।

गौरतलब है कि एनयूजे स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन की स्थापना पत्रकारों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल मीडिया और मीडिया जगत में हो रहे निरंतर परिवर्तनों की जानकारी एवं प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। संस्था देशभर में समय-समय पर कार्यशालाओं, प्रशिक्षण शिविरों और मीडिया उन्नयन कार्यक्रमों का आयोजन करती रही है। इसी क्रम में शीघ्र ही दिल्ली में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी।

दिल्ली में यूएनआई के कार्यालय पर दिल्ली पुलिस की कार्यवाही की निंदा

ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम न्यूजपेपर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार गुरिंदर सिंह सदस्य भारतीय प्रेस परिषद और फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव अशोक कुमार नवरत्न पूर्व सदस्य भारतीय प्रेस परिषद ने देश की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (यूएनआई) के रफी मार्ग स्थित दफ्तर पर दिल्ली पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई कठोर शब्दों में निंदा की है ।
इस कार्यवाही को प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है । उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान पत्रकारों को घसीटा गया और उनके साथ बदसलूकी की गई, यहां तक कि महिला पत्रकारों को भी अपमानित किया गया । पत्रकारों को निजी सामान तक लेने और प्रबंधन से बात करने तक का अवसर नहीं दिया गया । पूरी कार्रवाई में कानून और लोकतांत्रिक मानकों की खुली अवहेलना की गई । उन्होंने कहा कि न्यूज रूम के अंदर पत्रकारों के साथ मारपीट की तस्वीरें इस बात का संकेत हैं कि देश में मीडिया की स्वतंत्रता कितनी कमजोर होती जा रही है । बताया जाता है कि यह कार्रवाई दिल्ली के उपराज्यपाल के निर्देश पर हुई और इसे दिल्ली पुलिस ने अंजाम दिया जो सीधे केंद्रीय गृह मंत्री के अधीन काम करती है । पुलिस के शक्ति के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं । उन्होंने कहा कि यह एक घटना नहीं बल्कि एक खतरनाक प्रवृत्ति है जिसमें संस्थाओं को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नतमस्तक करने का कुप्रयास है । इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की अधिनायकवादी प्रवृति पर कठोर और दोषियों की जवाबदेही बिना किसी देरी के तय की जानी चाहिए ।