एमएसएमई के तहत कार्यशाला का आयोजन, उद्यमियों और बैंकर्स के बीच हुआ सीधा संवाद

कांकेर/ जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र कांकेर द्वारा आज रैम्प योजना के तहत उद्योग एवं बैंकर्स कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियो, महिला उद्यमियों के प्रतिनिधि, पीएमएफएमई व् पीएमईजीपी योजना और स्टार्टअप्स ने भाग लिया। जिले के प्रमुख बैंकों जैसे केनरा बैंक बैंक, बैंक ऑफ इंडिया एवं सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने कार्यक्रम में भाग लेकर उपस्थित उद्यमियों को विभिन्न वित्तीय योजनाओं, ऋण सुविधाओं, मुद्रा योजना और सीजीटीएमएसई के लाभों की जानकारी दी। प्रतिभागियों को बैंक अधिकारियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिला। उपस्थित उद्यमियों ने अपने व्यापार से जुड़ी समस्याओं को साझा किया, जिन पर बैंक अधिकारियों ने समाधान और मार्गदर्शन प्रदान किया। मौके पर ही कई ऋण प्रस्तावों पर कार्यवाही प्रारंभ की गई।
जिला व्यपार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक टन्केश्वर देवांगन ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम एमएसएमई सेक्टर को सशक्त करने की दिशा में अहम भूमिका निभाते हैं। भविष्य में ऐसे और भी संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, औद्योगिक संगठन एवं स्थानीय उद्यमी उपस्थित रहे।

सीड ड्रिल मशीन के द्वारा धान की सीधी बुवाई का किया गया प्रदर्शन

कांकेर/खेत बचाओ अभियान के तहत खेती में नए तकनीक एवं कृषि में मशीनीकरण को बढ़ावा देने और वर्तमान में सूखा की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए सीड ड्रिल मशीन के माध्यम से धान की सीधी बुवाई का प्रदर्शन विकासखण्ड नरहरपुर के ग्राम बाबूसाल्हेटोला में किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र से कृषि वैज्ञानिक डॉ.नरेंद्र हरिदास तायडे ने बताया कि इस विधि से नर्सरी तैयार करने और पौधा रोपाई की आवश्यकता नहीं होती है। बीजों को सीधे खेतों में बोया जाता है यह विधि श्रम और पानी दोनों की बचत करती है, बुवाई का कार्य कम समय में पूरा हो जाता है। इस मशीन की सहायता से एक घण्टे में एक से सवा एकड़ तक की बुवाई हो जाती है। श्रमिकों की कमी और जल संकट की स्थिति में यह तकनीकी किसानों के लिए लाभ सिद्ध हो रही है। इसमें खरपतवार नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। सीडड्रिल मशीन प्रदर्शन के दौरान ग्राम बाबू साल्हेटोला के सरपंच, प्रदान संस्था के अधिकारीगण एवं ग्राम के कृषकगण उपस्थित थे।

चारधाम एवं हेमकुंट साहिब यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, अफवाहों से बचें: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम एवं हेमकुंट साहिब यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुख-सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का देवभूमि उत्तराखण्ड में हार्दिक स्वागत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आस्था, संस्कृति और प्रकृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से अपील की कि वे देवभूमि उत्तराखण्ड के शांत वातावरण में अपनी यात्रा का पूर्ण आनंद लें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्णप्रयाग और नगरासू में सामने आई घटनाओं के संबंध में सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार, प्रशासन एवं पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। जांच में जो भी दोषी पाया गया है, उसके विरुद्ध कार्रवाई की गई है तथा सभी तथ्यों के आधार पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चारधाम यात्रा के साथ-साथ हेमकुंट साहिब यात्रा भी सुचारु रूप से संचालित हो रही है। चारधाम यात्रा में अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, हेमकुंट साहिब यात्रा के शुरुआती दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 25 हजार अधिक दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में सिख गुरुओं द्वारा स्थापित तीन प्रमुख पवित्र स्थल—हेमकुंट साहिब, रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब—स्थित हैं, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि सभी का सम्मान करना देवभूमि उत्तराखण्ड की संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के अनुरूप यहां आने वाले सभी लोगों का स्वागत एवं सत्कार किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों से अपील की कि वे समाज और समुदायों को बांटने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोगों ने मिल-जुलकर देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रामक और भड़काऊ खबरें फैलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सभी धार्मिक स्थल आस्था, श्रद्धा और प्रेरणा के केंद्र हैं, जहां से समाज को सकारात्मक मार्गदर्शन प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट रुख है कि देवभूमि उत्तराखण्ड में ऐसा कोई कृत्य स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे किसी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचे या किसी धर्म एवं आस्था को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि संवाद, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण वातावरण के माध्यम से ही सभी समस्याओं का समाधान संभव है।

इस अवसर पर बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री हेमंत द्विवेदी, हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, अपर मुख्य सचिव श्री आर.के. सुधांशु, सचिव गृह श्री शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, सचिव श्री विनय शंकर पाण्डेय, डीजी अभिसूचना एवं सुरक्षा श्री अभिनव कुमार, आईजी श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी तथा अपर सचिव श्रीमती तृप्ति भट्ट उपस्थित थे।