एनयूजे (आई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगरा में आयोजित आमसभा में की घोषणा

इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (आईएफजे) से संबद्ध नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) [एनयूजे (आई)] द्वारा स्थापित एनयूजे स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन के अध्यक्ष पद पर वरिष्ठ पत्रकार अनिल पांडेय को नियुक्त किया गया है। वहीं, जनसत्ता के संवाददाता प्रियरंजन को महासचिव चुना गया है।

यह घोषणा आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के जयप्रकाश नारायण सभागार में आयोजित एनयूजे स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन की आमसभा में की गई, जहां पदाधिकारियों एवं गवर्निंग काउंसिल का गठन किया गया।

एनयूजे (आई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने आमसभा को संबोधित करते हुए स्कूल के नए संविधान की जानकारी दी तथा नवगठित पदाधिकारियों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि गवर्निंग काउंसिल में भीष्म सिंह (जमशेदपुर) एवं अनीता चौधरी (दिल्ली) को उपाध्यक्ष, आलोक मोहन नायक को कोषाध्यक्ष तथा गौरव ललित (दिल्ली), विपुल कुमार (हरियाणा), भंवर सिंह (राजस्थान) और राहुल वर्मा (उत्तराखंड) को सचिव नियुक्त किया गया है।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि एनयूजे स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन का नया संविधान औपचारिक रूप से अंगीकृत कर लिया गया है। यह निर्णय 13 सितंबर 2025 को आयोजित कार्यकारी बैठक में लिया गया था। नए संविधान के निर्माण में हरिद्वार में आयोजित एनयूजे (आई) अधिवेशन के दौरान गठित समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समिति में अनिल पांडेय, दधिबल यादव, मनोज वर्मा, राकेश थपलियाल और अमलेश राजू सहित अन्य सदस्य शामिल थे, जबकि एनयूजे (आई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पदेन सदस्य के रूप में समिति से जुड़े थे।

नए संविधान के अनुसार संस्था में एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष, एक महासचिव, एक कोषाध्यक्ष, चार संयुक्त/सह सचिव तथा 11 सदस्यीय कार्यकारिणी का प्रावधान किया गया है।

गवर्निंग काउंसिल के अन्य सदस्यों में रास बिहारी, प्रदीप तिवारी, राकेश थपलियाल, उषा पहवा, दधिबल यादव, प्रतिभा शुक्ल, सचिन बुधौलिया, डॉ. उमेश पाठक, डॉ. ऋतु दुबे, प्रमोद गोस्वामी (उत्तर प्रदेश) तथा राकेश कुमार सिंह (बिहार) शामिल हैं।

गौरतलब है कि एनयूजे स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन की स्थापना पत्रकारों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल मीडिया और मीडिया जगत में हो रहे निरंतर परिवर्तनों की जानकारी एवं प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। संस्था देशभर में समय-समय पर कार्यशालाओं, प्रशिक्षण शिविरों और मीडिया उन्नयन कार्यक्रमों का आयोजन करती रही है। इसी क्रम में शीघ्र ही दिल्ली में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी।

दिल्ली में यूएनआई के कार्यालय पर दिल्ली पुलिस की कार्यवाही की निंदा

ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम न्यूजपेपर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार गुरिंदर सिंह सदस्य भारतीय प्रेस परिषद और फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव अशोक कुमार नवरत्न पूर्व सदस्य भारतीय प्रेस परिषद ने देश की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (यूएनआई) के रफी मार्ग स्थित दफ्तर पर दिल्ली पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई कठोर शब्दों में निंदा की है ।
इस कार्यवाही को प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है । उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान पत्रकारों को घसीटा गया और उनके साथ बदसलूकी की गई, यहां तक कि महिला पत्रकारों को भी अपमानित किया गया । पत्रकारों को निजी सामान तक लेने और प्रबंधन से बात करने तक का अवसर नहीं दिया गया । पूरी कार्रवाई में कानून और लोकतांत्रिक मानकों की खुली अवहेलना की गई । उन्होंने कहा कि न्यूज रूम के अंदर पत्रकारों के साथ मारपीट की तस्वीरें इस बात का संकेत हैं कि देश में मीडिया की स्वतंत्रता कितनी कमजोर होती जा रही है । बताया जाता है कि यह कार्रवाई दिल्ली के उपराज्यपाल के निर्देश पर हुई और इसे दिल्ली पुलिस ने अंजाम दिया जो सीधे केंद्रीय गृह मंत्री के अधीन काम करती है । पुलिस के शक्ति के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं । उन्होंने कहा कि यह एक घटना नहीं बल्कि एक खतरनाक प्रवृत्ति है जिसमें संस्थाओं को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नतमस्तक करने का कुप्रयास है । इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की अधिनायकवादी प्रवृति पर कठोर और दोषियों की जवाबदेही बिना किसी देरी के तय की जानी चाहिए ।

अल्मोड़ा के हवालबाग में हुआ भव्य कार्यक्रम। बड़ी संख्या में पहुंचे किसान।

जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच कृषि और किसानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से हवालबाग में राज्य स्तरीय “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने तथा किसानों को भविष्य की चुनौतियों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। मोटे अनाजों विशेषकर मांडुआ, झंगोरा, चौलाई एवं अन्य पारंपरिक फसलों के संरक्षण और उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि अल्मोड़ा की धरती पर किसानों के बीच आकर उन्हें नई ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि “खेत बचाओ अभियान” अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जनांदोलन बन चुका है। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि देश की शक्ति और हिम्मत हैं। हमारी संस्कृति में मिट्टी केवल भूमि का टुकड़ा नहीं बल्कि मां के समान पूजनीय है। इसलिए मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना और खेतों को रासायनिक पदार्थों से यथासंभव मुक्त रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित कृषि व्यवस्था छोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्राविधान भी किया है।

मुख्यमंत्री ने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी का परीक्षण कराने, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह और वैज्ञानिक शोध के अनुरूप खेती करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप फसलों का चयन किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक समृद्धि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं तथा इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। प्रधानमंत्री के “मन की बात” कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बागवानी क्षेत्र के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पॉलीहाउस, फलोत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, मेगा फूड पार्क तथा सुगंधित फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मोटे अनाजों को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के मामले में देश में उत्तराखंड का नाम प्रथम श्रेणी में आना सरकार की नीतियों की सफलता का जीता जागता उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों से केवल वादे नहीं करती, बल्कि धरातल पर कार्य करने में विश्वास रखती है। उन्होंने किसानों से अपनी खेती और मिट्टी का परीक्षण कराने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

किशोर दा के गीतों से सजी महफिल

मानव सेवा क्लब के तत्वावधान में सदा बहार गायक किशोर कुमार की याद में रामपुर बाग के एक सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। गीत-संगीत की शाम किशोर कुमार के नाम महफ़िल का प्रारंभ मां शारदे की वंदना से अरुणा सिन्हा द्वारा किया गया।किशोर कुमार के गीत प्रस्तुत करने वाले बेहतरीन कलाकार अजय कुमार को किशोर कुमार स्मृति संगीत सम्मान दिया गया।यह सम्मान क्लब के अध्यक्ष सुरेन्द्र बीनू सिन्हा,महासचिव मुकेश सक्सेना तथा अजय कुमार ने प्रदान किया। गीत-संगीत की महफिल में सुरेन्द्र बीनू सिन्हा ने तेरी भीगी-भीगी सी सुनाकर लोगों की खूब वाहवाही लूटी। प्रकाश चंद्र सक्सेना का कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना,अरुणा सिन्हा का गीत मेरे दिल में आज क्या है जो कहे तो मैं बता दूं और जितेंद्र सक्सेना गीत तेरा जैसा यार तेरा कहाँ श्रोताओं ने बहुत पसंद किया।
सत्येंद्र सक्सेना का गीत चला जाता हूं किसी की धुन में ने वातावरण आनंदमय कर दिया।मुकेश सक्सेना ने पल भर के लिये कोई मुझे प्यार कर ले ,बेबी शर्मा ने कोरा कागज था यह मन मेरा और अजय कुमार ने किशोर कुमार के हिट गीत ज़िन्दगी के सफर में प्रस्तुत करके समा बांध दिया,प्रसिद्ध गायक डा. असित रंजन ने आपकी आंखों में कुछ महके हुए से राज हैं की शानदार प्रस्तुति दी। गायिका शकुन सक्सेना ने रिमझिम गिरे सावन पेश करके वातावरण गुंजायमान कर दिया। अनिल गुप्ता का गीत यह शाम मस्तानी ने खूब तालियां बटोरी। सभी का आभार महासचिव मुकेश कुमार ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में असित रंजन,गंगा राम पाल, ब्रजेश कुमार और सोनी शामिल रहे। संचालन सुरेन्द्र बीनू सिन्हा ने किया।

हिन्दू सनातन बोर्ड’ के गठन को लेकर, संतों का राष्ट्रीय आह्वान

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित एक गरिमामयी प्रेस वार्ता में ‘श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास’ द्वारा 7 जून को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित होने वाली ‘अंतरराष्ट्रीय धर्म संसद’ की घोषणा की गई। इस आयोजन के माध्यम से न्यास ने सनातन संस्कृति की रक्षा और श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए एक व्यापक राष्ट्रव्यापी अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की है।

इस पूरे आयोजन और मांग पत्र का सबसे प्रमुख केंद्र ‘हिन्दू सनातन बोर्ड’ का गठन करना है। न्यास का मानना है कि सनातन धर्म की संपत्तियों, प्राचीन मंदिरों और धार्मिक व्यवस्थाओं के सुचारू व सुरक्षित संचालन के लिए एक सशक्त और स्वतंत्र ‘हिन्दू सनातन बोर्ड’ का होना समय की मांग है। इसके साथ ही, हिन्दुस्तान को आधिकारिक रूप से हिन्दू राष्ट्र घोषित करने, देश में गौ माता के कत्लेआम को पूरी तरह रोकने और गौरवशाली सनातन संस्कृति के संरक्षण जैसी महत्वपूर्ण मांगों को इस धर्म संसद के मुख्य एजेंडे में शामिल किया गया है। न्यास का संकल्प समाज को जाति-पाति के बंधनों से मुक्त कर एक अटूट सूत्र में पिरोना है।

प्रेस वार्ता में मौजूद संगठन के सभी प्रमुख पदाधिकारियों और प्रबुद्ध जनों ने इस धर्म संसद के उद्देश्यों को लेकर अपनी बात रखी। न्यास के अंतरराष्ट्रीय मुख्य संरक्षक श्री रूप सिंह नागर ने कहा कि हमारा उद्देश्य देशव्यापी संपर्क अभियान और धार्मिक यात्राओं के माध्यम से संतों, अखाड़ों और धार्मिक संगठनों को राष्ट्रहित में एक मंच पर लाना है। मुख्य याचिकाकर्ता श्री दिनेश फलाहारी जी महाराज ने न्यायपालिका पर अटूट भरोसा जताते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद में हमारे पक्ष ने न्यायालय में सभी पुख्ता प्रमाण प्रस्तुत कर दिए हैं और कानूनी रूप से हमारी जीत सुनिश्चित है।

कार्यक्रम की सह-प्रभारी एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती सोनिया ठाकुर ने इसे संपूर्ण सनातन समाज की सामूहिक आस्था का प्रश्न बताते हुए दिल्ली, मथुरा, आगरा और वृंदावन सहित पूरे देश से लाखों लोगों को शामिल होने का आह्वान किया। वहीं, महन्त श्री हर्षिल गिरी गोस्वामी जी ने प्राचीन धार्मिक मूल्यों के संरक्षण पर बल दिया, तो श्री महीपाल बिधूड़ी जी ने गौ माता की रक्षा के लिए देशव्यापी जन-जागरण फैलाने की बात कही।

राष्ट्रीय महामन्त्री डॉ. सिद्धांत भट्टाचार्य ने संगठन के ध्येय को स्पष्ट करते हुए कहा कि हिंदुओं को जात-पात के भेदों में बंटने से रोकना और समाज को जागरूक करना ही हमारा मुख्य लक्ष्य है। श्री बिट्टू बजरंगी जी ने कहा कि समाज को पूरी तरह संगठित करके ही हम एक सशक्त राष्ट्र की कल्पना को साकार कर सकते हैं। मुम्बई से आईं राष्ट्रीय ब्रैंड एम्बेसडर आराधना सोलंकी ने कहा कि महानगरों के युवाओं और मातृशक्ति को इस पावन अभियान से जोड़कर इसे एक ऐतिहासिक जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। उन्होंने “एकजुट हिंदू – सशक्त राष्ट्र” के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह धर्म संसद देश की धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को एक नई दिशा देने में मील का पत्थर साबित होगी।

ब्रह्माकुमारीज ने वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज संस्थान द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भारत के निर्माण हेतु विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क, मनोहर भूषण इंटर कॉलेज तथा ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं टेस्टिंग इंस्टीट्यूट, बरेली में छायादार, फलदार एवं फूलदार पौधों का रोपण किया गया।
डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क एवं मनोहर भूषण इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान यहां संस्थान के सदस्यों एवं नागरिकों ने विभिन्न प्रकार के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मनोहर भूषण इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मनोज कुमार सक्सेना एवं विद्यालय के स्टाफ ने भी पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए पौधारोपण किया तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया। सभी ने प्रकृति को सुरक्षित रखने, अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।
वहीं ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं टेस्टिंग इंस्टीट्यूट, बरेली में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज की क्षेत्रीय संचालिका बीके पार्वती दीदी, बीके नीता दीदी, बीके पारुल दीदी एवं संस्थान के सदस्यों के साथ उप परिवहन आयुक्त कमल गुप्ता, संभागीय परिवहन अधिकारी पंकज सिंह तथा प्राविधिक निरीक्षक हारुन सैफी ने सहभागिता करते हुए फलदार एवं फूलदार पौधों का रोपण किया।
इस अवसर पर बीके पार्वती दीदी ने कहा कि प्रकृति ईश्वर की अनुपम देन है और इसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित न रहकर हमारी जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए। अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर और उनकी नियमित देखभाल करके ही हम आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण प्रदान कर सकते हैं।
उप परिवहन आयुक्त कमल गुप्ता ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। संभागीय परिवहन अधिकारी पंकज सिंह ने वृक्षारोपण को पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का प्रभावी माध्यम बताया, जबकि प्राविधिक निरीक्षक हारुन सैफी ने पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल पर भी विशेष बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी भाई-बहनों, अधिकारियों एवं नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन हरित, स्वच्छ, स्वस्थ एवं समृद्ध भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

अभ्युदय एक नई शुरुआत द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून पर स्वच्छता अभियान एवं वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन

5 जून: विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में एनजीओ अभ्युदय एक नई शुरुआत द्वारा आज एक वृहद स्वच्छता एवं जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। केंद्रीय विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं तथा विभिन्न क्षेत्रों से आए स्वयंसेवकों के सहयोग से लगभग 2000 किलोग्राम कचरा एकत्र कर साफ किया गया।
स्वच्छता अभियान की शुरुआत केंद्रीय विद्यालय से होकर नांगल देवत परिसर स्थित मंदिर प्रांगण तक की गई। छात्रों ने प्लेकार्ड पर पर्यावरण जागरूकता संबंधी स्लोगन लिखकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया।
यह अभियान अभ्युदय संस्था के तत्वाधान में केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य श्री गुरुपद दास के नेतृत्व में, सहयोगी शिक्षकों एवं बच्चों द्वारा लगभग दो घंटे तक चलाया गया। इसके पश्चात नांगल देवत के सेक्टर-बी स्थित पार्क में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
वृक्षारोपण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव सभरवाल (सेवानिवृत्त) तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। अभ्युदय संस्था की प्रमुख सदस्य, अध्यक्ष निधि उनियाल डंगवाल, सचिव मैत्रेयी उनियाल, रीना टोकस, हर्षिता कुनियाल, मनोज्ञा तथा अंकित शर्मा इस अवसर पर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल संचालन में क्षेत्र के पार्षद श्री इंद्रजीत सहरावत का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ, जिनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण के प्रति चेतना बढ़ाना तथा स्वच्छ एवं हरित भविष्य के निर्माण में सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना था।

मानवता का महायज्ञ : नारायण सेवा संस्थान में 46वां दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह

विश्व स्तर पर दिव्यांगता आज एक गंभीर सामाजिक विषय है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया की लगभग 16% आबादी किसी न किसी प्रकार की दिव्यांगता के साथ जीवन जी रही है। विकासशील देशों में जब दिव्यांगता के साथ गरीबी और सामाजिक पूर्वाग्रह जुड़ जाते हैं, तो विवाह जैसे सामाजिक संस्कार उनके लिए लगभग असंभव हो जाते हैं। भारत में भी लाखों दिव्यांग युवक-युवतियाँ केवल आर्थिक अभाव, सामाजिक संकोच और भविष्य की असुरक्षा के कारण वैवाहिक जीवन से वंचित रह जाते हैं।
इसी वैश्विक और राष्ट्रीय चुनौती के समाधान का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नारायण सेवा संस्थान आगामी दिनांक 6-7 जून को गोल्डन स्टार बैंक्वेट, रोहिणी डिपो-II, सेक्टर-12, रोहिणी, दिल्ली में 46वां दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह आयोजित कर रहा है। जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से चयनित 21 दिव्यांग एवं निर्धन वर-वधू, जोड़ों के रूप में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पवित्र अग्नि के सात फेरे लेकर गृहस्थ जीवन में प्रवेश करेंगे।
इन जोड़ों में कोई हाथों से वंचित है, कोई पैरों से, कोई दृष्टिहीन है, तो कोई श्रवण-वाक् बाधित। उल्लेखनीय है कि इनमें से अनेक वर-वधू ऐसे हैं जिनका निःशुल्क ऑपरेशन, कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण, और कौशल प्रशिक्षण इसी संस्थान में हुआ और अब उनका विवाह भी यहीं संपन्न हो रहा है। यह केवल विवाह ही नहीं, बल्कि उपचार, पुनर्वास, आत्मनिर्भरता, विवाह गृहस्थी की संपूर्ण जीवन यात्रा का उत्सव भी है।
संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि पिछले 22 वर्षों में संस्थान अब तक 2561 दिव्यांग युवक -युवतियों के विवाह संपन्न करा चुका है। संस्थान दिव्यांगजन को दया नहीं, बल्कि सम्मान, अवसर और सुरक्षित भविष्य देने के लिए संकल्पित है।

दिव्यांग विवाह में वास्तविक बाधाएँ – और उनका समाधान
सामाजिक पूर्वाग्रह, आर्थिक अभाव, शारीरिक निर्भरता, आत्मविश्वास की कमी, उपयुक्त जीवनसाथी न मिलना, और विवाह उपरांत गृहस्थी की असुरक्षा—ये वे प्रमुख कारण हैं जिनसे दिव्यांग विवाह रुक जाते हैं। संस्थान इन सभी बाधाओं को जड़ से समाप्त करता है:
• निःशुल्क चिकित्सा, ऑपरेशन, कृत्रिम अंग
• कौशल प्रशिक्षण व आजीविका मार्गदर्शन
• उपयुक्त जोड़ी का पारदर्शी चयन
• विवाह की संपूर्ण निःशुल्क व्यवस्था
• विवाह उपरांत गृहस्थी का पूरा सामान (बिस्तर, अलमारी, गैस, किचन सेट, पंखा, सिलाई मशीन/व्हीलचेयर आदि)
उक्त प्रकल्प विवाह के बाद जीवन को व्यवस्थित बनाने में सहायक होते हैं।
राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर एक उदाहरण
संस्थान अध्यक्ष ने बताया कि दिव्यांग जन के पुनर्वास को विवाह और आत्मनिर्भर गृहस्थ जीवन से जोड़ने का यह समग्र मॉडल विश्व में विरला ही है। देश-विदेश के दानदाता, समाजसेवी और शोधकर्ता इस मॉडल को समझने के लिए संस्थान से जुड़ते रहे हैं। यह पहल दिव्यांगों के प्रति दया-दान नहीं, बल्कि उन्हें गरिमापूर्ण पारिवारिक जीवन से जोड़ने का सशक्त उदाहरण है।
दो दिवसीय आयोजन वैदिक परंपरा, मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न होगा। देश-विदेश के अतिथि, संत-महात्मा, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और दानदाता उपस्थित रहेंगे; कई स्वयं कन्यादान कर आशीर्वाद देंगे। यह आयोजन इन परिवारों के जीवन में नई आशा का संचार करेगा और समाज को यह संदेश देगा कि सेवा, संवेदना और समर्पण से ही सच्ची मानवता जीवित रहती है।
कांफ्रेंस के दौरान मीडिया एवं जन संपर्क प्रमुख भगवान प्रसाद गौड़ ने पत्रकारों को संबोधित किया। साथ ही मीडिया प्रमुख, संरक्षक सत्य भूषण जैन और दिल्ली आश्रम प्रभारी जतन सिंह भाटी, वेद प्रकाश शर्मा, भंवर सिंह राठौड़ ने सामूहिक विवाह का पोस्टर जारी किया।