कला से मनोरंजन तक, American Express Card Members के लिए NMACC में खास सुविधाओं की सौगात

कला, संस्कृति, मनोरंजन और हॉस्पिटैलिटी के अनुभवों को और खास बनाने की दिशा में अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कोर्प., इंडिया और नीता मुकेश अम्बानी कल्चरल सेंटर (NMACC) ने रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस सहयोग के तहत पात्र अमेरिकन एक्सप्रेस इंडिया कार्ड मेंबर्स को NMACC में चुनिंदा सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अनुभवों तक विशेष पहुंच मिलेगी।

अमेरिकन एक्सप्रेस इस साझेदारी में प्रेफेर्रेड पेमेंट्स पार्टनर के रूप में कार्ड सदस्यों को प्री-सेल और चुनिंदा प्रस्तुतियों में कॉम्प्लिमेंट्री एक्सेस, विशेष डाइनिंग बेनिफिट्स, प्रीमियम सेवाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने के अवसर प्रदान करेगा।

अमेरिकन एक्सप्रेस इंडिया के सीईओ और कंट्री मैनेजर संजय खन्ना ने कहा, “भारत की कला और संस्कृति की विरासत असाधारण है। NMACC ने इसे दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के साथ वैश्विक अनुभवों को भारत तक पहुंचाने का शानदार मंच बनाया है।”

वहीं, जिओ वर्ल्ड सेंटर के सीईओ देवेंद्र भरमा ने कहा, “भारत की समृद्ध कलात्मक विरासत का उत्सव मनाने और भारत व दुनिया के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए यह साझेदारी स्वाभाविक कदम है।” यह सहयोग दोनों संस्थाओं के उस साझा दृष्टिकोण को मजबूत करता है, जिसमें संस्कृति के जरिए लोगों को जोड़ते हुए दर्शकों को यादगार और विशिष्ट अनुभव उपलब्ध कराना शामिल है।

TPS Music पर रोमांस की नई बहार, तिवारी सरकार के गीतों की होगी लगातार बारिश

हिंदी म्यूजिक इंडस्ट्री में TPS Music लगातार नए और भव्य म्यूजिक प्रोजेक्ट्स के साथ अपनी अलग पहचान बना रहा है। अभिनेता, निर्माता और निर्देशक एसके तिवारी (तिवारी सरकार) एक बार फिर अपने नए रोमांटिक गीत “तारा जो टूटा हुआ है” के जरिए दर्शकों के दिलों को छूने की तैयारी में हैं। अमित गुप्ता की मधुर आवाज, यश ईश्वरी के भावपूर्ण बोल और तिवारी सरकार का दमदार अभिनय इस गीत को खास बनाते हैं।

पोस्ट-प्रोडक्शन के अंतिम चरण में पहुंचा यह म्यूजिक वीडियो जल्द ही रिलीज होगा। इसके साथ ही TPS Music पर उदित नारायण, जावेद अली, मोहम्मद इरफान, शहजाद अली, दिव्या कुमार, अमित गुप्ता और सुदेश भोसले जैसे दिग्गज गायकों के कई नए गीत भी रिलीज होने वाले हैं, जिनकी शूटिंग मुंबई में तेज़ी से जारी है। दूसरी ओर, सनातन वर्ल्ड के माध्यम से एसके तिवारी भक्ति संगीत को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। रोमांस और आध्यात्म—दोनों रंगों को साथ लेकर चल रहा यह संगीत सफर जल्द ही उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘कोतवाल’ के साथ एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है।

‘राजमहल बना दूँ पटना में’ ने सोशल मीडिया पर मचाया धमाल

राज रंजीत और युक्ति कपूर पर फिल्माया गया बॉलीवुड स्टाइल म्यूजिक वीडियो “राजमहल बना दूँ पटना में” महज़ 10 दिनों में 2 करोड़ (20 मिलियन) से अधिक व्यूज़ हासिल कर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। मशहूर कोरियोग्राफर गणेश आचार्य के निर्देशन और हूक स्टेप ने इस गीत को वायरल बना दिया है, जबकि अमित मिश्रा और कल्पना पटवारी की आवाज़ तथा कुणाल मिश्रा के संगीत ने इसे चार्टबस्टर का दर्जा दिलाया। मुंबई के बॉम्बे कॉकटेल बार में फिल्माए गए इस गीत में राज रंजीत और युक्ति कपूर की केमिस्ट्री को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है और लाखों रील्स इस पर बनाई जा चुकी हैं।

राज रंजीत कहते हैं, “मैं सभी दर्शकों का दिल से आभारी हूँ। एक नए चेहरे को 20 मिलियन लोगों का प्यार मिलना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।” अपने म्यूजिक लेबल हर्ष म्यूजिक रिकॉर्ड्स (एचएमआर) के जरिए राज रंजीत अब साफ-सुथरे और पारिवारिक संगीत को बढ़ावा देना चाहते हैं। इसी सोच के तहत भोजपुरी गीत “सेनूरा का कसूर” और “विवाह रीत” भी रिलीज किए गए हैं। ‘विवाह रीत’ में जरीना वहाब और पल्लवी सिंह जैसे कलाकार पारिवारिक मूल्यों और बिहार की सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत करते नज़र आते हैं।

राज रंजीत का कहना है, “हमारा उद्देश्य नए कलाकारों को मंच देना और राजश्री व यश चोपड़ा की फिल्मों जैसी पारिवारिक और संस्कारपूर्ण संगीत परंपरा को आगे बढ़ाना है।”

पल्लवी सिंह ने कहा, “जरीना वहाब जी के साथ काम करना यादगार अनुभव रहा। ‘विवाह रीत’ की विदाई वाले दृश्य की शूटिंग के दौरान मैं सचमुच भावुक हो गई थी।” 150 से अधिक म्यूजिक एल्बमों में अपनी आवाज़ दे चुके राज रंजीत अब अभिनेता, गायक और निर्माता के रूप में एचएमआर को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के मिशन पर हैं।

जागरूकता से मजबूत हो रहा किसान समुदाय

साक्षरता अब सिर्फ पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं रही। अपने अधिकारों को समझना, जरूरी दस्तावेजों की जानकारी रखना और सही समय पर सही फैसला लेना भी साक्षरता का अहम हिस्सा है। खासकर किसानों के लिए जागरूकता उनकी जमीन, आजीविका और भविष्य से सीधे जुड़ी है।

इसी सोच को आगे बढ़ा रही है खावड़ा 4C पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड, जो परियोजना से जुड़े किसानों को भूमि मुआवजा प्रक्रिया, स्वामित्व रिकॉर्ड, जरूरी दस्तावेज और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। भिवंडी तालुका में पोट हिस्सा सर्वेक्षण इसका प्रभावी उदाहरण है। TILR और SDM भिवंडी के सहयोग से 16 में से 15 गांवों में 115 में से 105 सर्वे नंबरों का महज तीन दिनों में मानचित्रण किया गया। इससे सत्यापित स्वामित्व रिकॉर्ड के आधार पर मुआवजा प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिली।

निनाद पितले (सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं ग्रुप हेड, कॉर्पोरेट अफेयर्स, खावड़ा 4C पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड) कहते हैं, “साक्षरता सिर्फ पढ़ने और लिखने तक सीमित नहीं है। अपने अधिकारों, जिम्मेदारियों और आजीविका से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझना भी उतना ही जरूरी है। जागरूक किसान ही सशक्त किसान है। लगातार संवाद और सही जानकारी से भ्रांतियां दूर होती हैं और समुदाय विकास प्रक्रिया में अधिक भरोसे व आत्मविश्वास के साथ भागीदार बनता है।”

मुंबई में एरेटो का ‘स्टाइल अटैक’  

बच्चों के फुटवियर को सिर्फ जूतों की जरूरत नहीं, बल्कि उनके बढ़ते कदमों, आराम और एक्टिव लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा मानने वाला एरेटो अब मुंबई में और मजबूत हो गया है। ब्रांड ने मलाड वेस्ट स्थित इन्फिनिटी मॉल में अपना नया स्टोर शुरू किया है। इसके साथ ही भारत में एरेटो के रिटेल स्टोर्स की संख्या बढ़कर 67 हो गई है, जिनमें मुंबई के पांच स्टोर शामिल हैं।

एरेटो का नया स्टोर पारंपरिक शॉपिंग स्पेस से अलग अनुभव देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यहां स्टोर के लेआउट से लेकर फुटवियर डिस्प्ले तक, डिजाइन को खास तवज्जो दी गई है, ताकि माता-पिता और बच्चे जूतों के पीछे की सोच, तकनीक और उपयोगिता को आसानी से समझ सकें।

ब्रांड के संस्थापक एवं सीईओ सत्यजीत मित्तल के अनुसार, मुंबई एरेटो के लिए बेहद महत्वपूर्ण बाजार है। उनका कहना है कि रिटेल नेटवर्क के विस्तार से ज्यादा परिवारों को एरेटो के फुटवियर को करीब से देखने और आजमाने का अवसर मिलेगा।

मलाड स्टोर में एरेटो की पूरी रेंज उपलब्ध है, जिसमें पेटेंटेड सुपरग्रूव्स एक्सपैंडेबल सोल टेक्नोलॉजी वाले फुटवियर भी शामिल हैं। बढ़ते बच्चों के कदमों को ध्यान में रखकर तैयार यह तकनीक ब्रांड की डिजाइन-केंद्रित सोच को दर्शाती है। ऑनलाइन और डी2सी प्लेटफॉर्म के साथ एरेटो अब देशभर में नए स्टोर्स के जरिए अपनी पहुंच और मजबूत करने की तैयारी में है।

‘सैफायर’ से सजेगा क्रॉम्पटन का नया चेहरा, Rhion बनेगा प्रीमियम सफर की नई पहचान

कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स की दुनिया में क्रॉम्पटन ने अपने अगले अध्याय की शुरुआत नई विजुअल और सोनिक आइडेंटिटी के साथ की है। ‘क्रॉम्पटन 2.0’ के तहत कंपनी ने नया एंब्लेम ‘सैफायर’ और ब्रांड प्रॉमिस ‘Amazing, Every Day’ पेश किया है। यह बदलाव कंपनी के इनोवेशन, प्रीमियमाइजेशन और कंज्यूमर-सेंट्रिक सोच को नई दिशा देने का संकेत है।

‘सैफायर’ की प्रेरणा गहरे नीले सैफायर और ग्रीक पवन देवता ज़ेफयरस से ली गई है, जो गुणवत्ता, परिष्कार और शांत ऊर्जा को दर्शाता है। वहीं नई सोनिक आइडेंटिटी विज्ञापनों से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म और रिटेल अनुभव तक क्रॉम्पटन की अलग पहचान मजबूत करेगी। क्रॉम्पटन के एमडी एवं सीईओ प्रोमीत घोष ने कहा, “भविष्य के सबसे मजबूत ब्रांड किसी एक कैटेगरी से नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की रोजमर्रा की जिंदगी में अपनी भूमिका से पहचाने जाएंगे।”

इसी प्रीमियमाइजेशन रणनीति को आगे बढ़ाते हुए कंपनी ने ‘Crompton Rhion’ नामक सुपर-प्रीमियम ब्रांड भी लॉन्च किया है। Rhion में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, एलिगेंट डिजाइन और पर्पजफुल इनोवेशन का मेल देखने को मिलेगा। प्रोमीत घोष ने कहा, “Crompton Rhion का लॉन्च हमारी प्रीमियमाइजेशन जर्नी में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और सुपर-प्रीमियम सेगमेंट में हमारी मौजूदगी मजबूत करने की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।”

गुलाबी जलवे में उर्वशी रौतेला—इंडो-वेस्टर्न लुक ने लूटी महफ़िल

बॉलीवुड की ग्लैमरस दुनिया में जब भी फैशन की बात होती है, उर्वशी रौतेला का नाम अपने आप चर्चा में आ जाता है। हाल ही में एक प्रतिष्ठित अवॉर्ड समारोह में उन्होंने अपने शानदार गुलाबी इंडो-वेस्टर्न लुक से ऐसा जादू बिखेरा कि हर निगाह बस उन्हीं पर ठहर गई। करीब 70 लाख रुपये की कीमत वाले इस आउटफिट में उर्वशी ने पारंपरिक भारतीय शिल्प और आधुनिक डिजाइन का ऐसा संगम पेश किया, जिसने उन्हें भीड़ से अलग खड़ा कर दिया।

बारीक कारीगरी, फ्लोइंग सिल्हूट और सॉफ्ट पिंक शेड ने उनके लुक को रॉयल और ट्रेंडी दोनों बनाया। इस आउटफिट के साथ चुनी गई स्टेटमेंट ज्वेलरी, सलीके से स्टाइल किए गए बाल और ग्लोइंग मेकअप ने उनकी खूबसूरती में चार चांद लगा दिए। उर्वशी का यह अंदाज़ सिर्फ एक फैशन चॉइस नहीं, बल्कि एक आत्मविश्वास भरा स्टेटमेंट था, जिसमें उन्होंने बिना झिझक एक्सपेरिमेंटल फैशन को अपनाया।

तेजी से बदलते ट्रेंड्स के बीच यह लुक साबित करता है कि इंडो-वेस्टर्न स्टाइल आज भी टाइमलेस है—बस उसे सही तरीके से पेश करने की जरूरत है। उर्वशी रौतेला का यह अवतार उन्हें एक सच्चे ग्लोबल फैशन आइकन के रूप में स्थापित करता है, जो ट्रेंड्स को फॉलो नहीं, बल्कि खुद गढ़ती हैं।

स्क्वैश कोर्ट पर महाराष्ट्र की सीडेड खिलाड़ी बनीं निवेदिता बसु  

टेलीविजन और डिजिटल मनोरंजन की दुनिया में दो दशक से अधिक समय तक पहचान बनाने वाली निवेदिता बसु अब एक नई भूमिका में नजर आ रही हैं—प्रतिस्पर्धी स्क्वैश खिलाड़ी के रूप में। 40 की उम्र के बाद गंभीरता से स्क्वैश अपनाने वाली निवेदिता आज मास्टर्स सर्किट में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और अपनी कैटेगरी में सीडेड खिलाड़ी बन चुकी हैं। खेल उनके लिए बचपन से ही जीवन का हिस्सा रहा है। पिता टेनिस और स्क्वैश खेलते थे, जबकि मां राष्ट्रीय स्तर की टेबल टेनिस और हैंडबॉल खिलाड़ी रही हैं। निवेदिता कहती हैं, “फल पेड़ से ज्यादा दूर नहीं गिरता।”

बालाजी टेलीफिल्म्स के साथ क्योंकि सास भी कभी बहू थी, कहानी घर घर की और कसौटी जिंदगी की जैसे चर्चित शोज से जुड़ी रहीं निवेदिता ने बाद में नेतृत्व और उद्यमिता की राह भी चुनी। अब स्क्वैश उनके लिए सिर्फ फिटनेस नहीं, बल्कि लक्ष्य और प्रतिस्पर्धा का माध्यम है।

कोलकाता में आयोजित नेशनल मास्टर्स स्क्वैश चैंपियनशिप में सेमीफाइनल तक पहुंचकर उन्होंने अपनी क्षमता साबित की। उनका मानना है, “मैं यह नहीं बदल सकती कि मैंने कब शुरुआत की, लेकिन अब इसे कितनी गंभीरता से लेती हूं, यह मेरे हाथ में है।”

महिलाओं को खेल से जोड़ने के लिए उन्होंने वीमेन एंड रैकेट स्पोर्ट्स पहल भी शुरू की है। उनका संदेश साफ है—“40 के बाद नई शुरुआत करना देर नहीं, बल्कि खुद को फिर से खोजने का मौका है।”

नरीमन पॉइंट पर साकार हुई मुंबई के अतीत और भविष्य की कलात्मक कहानी

महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर ने गुरुवार को नरीमन पॉइंट पर आरपीजी आर्ट फाउंडेशन की नई पब्लिक आर्ट इंस्टॉलेशन ‘ओवरशूट-लीनिंग इकोलॉजी’ का उद्घाटन किया। कलाकार अरुण कुमार एच.जी. द्वारा तैयार यह कलाकृति मुंबई के ऐतिहासिक गौरव, आधुनिक विकास और भविष्य की आकांक्षाओं के बीच खूबसूरत संवाद स्थापित करती है।

उद्घाटन के अवसर पर राहुल नार्वेकर ने कहा, “आरपीजी आर्ट फाउंडेशन की यह सार्वजनिक कला स्थापना हमारे शहर के विकास को खूबसूरती से दर्शाती है। यह हाथी, प्राचीन घारापुरी की गुफाओं और उससे प्रेरित आधुनिक वास्तुकला के जरिए अतीत और भविष्य के संतुलन को सामने लाती है। यह पूरी तरह मुंबई की आत्मा का प्रतिनिधित्व करती है।”

कलाकार अरुण कुमार एच.जी. ने कहा, “ऐसे महत्वपूर्ण स्थान के लिए कला रचने का अवसर देने के लिए मैं आरपीजी आर्ट फाउंडेशन का आभारी हूं। ऐतिहासिक एलेफंटा गुफाओं और उनकी भव्य मूर्तिकला ने मुझे प्रेरित किया। मैंने इस कृति में मुंबई की आधुनिक आकांक्षाओं और उसके गहरे ऐतिहासिक परिदृश्य को एक साथ लाने की कोशिश की है।” उन्होंने बताया कि डॉ. भाऊ दाजी लाड म्यूज़ियम में मौजूद घारापुरी हाथी इस कलाकृति की प्रमुख प्रेरणाओं में रहा। ‘ओवरशूट-लीनिंग इकोलॉजी’ इस तरह मुंबई की विरासत और तेजी से बदलते शहरी भविष्य के बीच एक जीवंत कलात्मक संवाद बनकर सामने आती है।

लिसा रे संग महिलाओं की नई हेल्थ जर्नी

अभिनेत्री और वेलनेस एडवोकेट लिसा रे ने महिलाओं के मिडलाइफ स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और वैज्ञानिक देखभाल को बढ़ावा देने की दिशा में अपनी विज्ञान-आधारित महिला मिडलाइफ क्लिनिक की विशेषज्ञ मेडिकल टीम का विस्तार किया है। उन्होंने मुंबई की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. भूमिका जैन और यूके स्थित आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. दीपा आप्टे को विशेषज्ञ पैनल में शामिल किया है।

लिसा रे ने कहा, “हमारा उद्देश्य मिडलाइफ महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी चुप्पी को तोड़ना और ऐसी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है जो वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित होने के साथ-साथ वास्तव में समग्र भी हों। आधुनिक स्त्री रोग चिकित्सा में डॉ. भूमिका जैन की गहरी विशेषज्ञता और एकीकृत आयुर्वेद में डॉ. दीपा आप्टे का अंतरराष्ट्रीय अनुभव महिलाओं को अपने स्वास्थ्य, ऊर्जा और आत्मविश्वास को फिर से प्राप्त करने के लिए संतुलित और बहुआयामी मार्गदर्शन प्रदान करेगा। डॉ. भूमिका जैन ने कहा कि मिडलाइफ में होने वाले हार्मोनल बदलावों को महिलाएं अक्सर चुपचाप सहती हैं। उनके मुताबिक, इस पहल के जरिए महिलाओं को व्यवस्थित, वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।”

डॉ. दीपा आप्टे ने कहा, “मिडलाइफ स्वास्थ्य देखभाल तभी प्रभावी हो सकती है जब वह व्यक्ति को समग्र रूप से देखे।” उनका मानना है कि आधुनिक चिकित्सा के साथ आयुर्वेदिक सिद्धांतों का संतुलित समावेश व्यक्तिगत और टिकाऊ स्वास्थ्य प्रोटोकॉल तैयार करने में मदद कर सकता है। नई पहल में स्त्री रोग, हार्मोन मूल्यांकन, जीवनशैली, पोषण और समग्र स्वास्थ्य को एकीकृत दृष्टिकोण से शामिल किया जाएगा।