राज्यसभा से उपनेता पद से हटाए गए आप सांसद राघव चड्ढा का बड़ा संदेश, कहा- ‘खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं’

आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें उच्च सदन में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया। आम आदमी पार्टी ने उनकी जगह सांसद अशोक मित्तल को राज्यसभा में नया उपनेता नियुक्त किया है। पार्टी के इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। वहीं, राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दे उठाने पर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। राघव चड्ढा ने अपने एक्स हैंडल पर करीब 2 मिनट 45 सेकेंड का वीडियो साझा किया। इस वीडियो में उन्होंने कई जनहित के मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि वे लगातार आम लोगों से जुड़े विषय संसद में उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि मिडिल क्लास पर बढ़ते टैक्स का बोझ, बैंक खातों में न्यूनतम बैलेंस न रखने पर लगने वाले जुर्माने, मोबाइल कंपनियों के 28 दिन वाले रिचार्ज को लेकर शिकायतें, एयरपोर्ट पर महंगे खाने की समस्या, हेल्थ इंश्योरेंस पर लगने वाला जीएसटी, एयर पॉल्यूशन, पेपर लीक जैसे मुद्दे वे लगातार उठाते रहे हैं।

उन्होंने वीडियो में कहा कि देश के मध्यम वर्ग की परेशानियां बढ़ रही हैं, लेकिन इन मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा नहीं हो रही। उन्होंने मोबाइल सेवाओं से जुड़ी समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनकमिंग कॉल चार्ज, डेटा एक्सपायरी और 28 दिन के रिचार्ज जैसे मामले लोगों को आर्थिक रूप से प्रभावित कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने फूड एडल्टरेशन, एयरलाइन कंपनियों द्वारा एक्सेस बैगेज चार्ज, पितृत्व अवकाश (पैटरनिटी लीव) और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े खर्चों का भी मुद्दा उठाया।

राघव चड्ढा ने कहा कि वे संसद के अंदर और बाहर लगातार इन मुद्दों पर आवाज उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे। उन्होंने अपने संदेश में लिखा, “खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।” इसके साथ ही उन्होंने शायराना अंदाज में कहा, “मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।” उनके इस बयान को पार्टी नेतृत्व पर अप्रत्यक्ष निशाने के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी के इस फैसले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। हालांकि आम आदमी पार्टी की ओर से इस बदलाव को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत कारण नहीं बताया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि संगठनात्मक संतुलन और संसदीय रणनीति के तहत यह निर्णय लिया गया है। अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता बनाए जाने के बाद पार्टी की संसदीय टीम में बदलाव का संकेत भी मिला है।

राघव चड्ढा का राजनीतिक सफर और पार्टी में भूमिका

राघव चड्ढा लंबे समय से आम आदमी पार्टी के प्रमुख युवा चेहरों में शामिल रहे हैं। राज्यसभा पहुंचने से पहले वे दिल्ली की राजनीति में सक्रिय रहे। फरवरी 2020 से मार्च 2022 तक वे दिल्ली विधानसभा के सदस्य रहे और इस दौरान कई मुद्दों पर मुखर भूमिका निभाई। विधानसभा में उन्होंने वित्त, शहरी सेवाओं और प्रशासनिक मामलों से जुड़े विषयों पर चर्चा की। राज्यसभा में भेजे जाने से पहले वे दिल्ली जल बोर्ड से भी जुड़े रहे और पानी से संबंधित परियोजनाओं पर काम किया। 

अप्रैल 2022 में उन्हें राज्यसभा के लिए निर्वाचित किया गया, जिसके बाद वे राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी की प्रमुख आवाज बने। उच्च सदन में वे आर्थिक मुद्दों, मिडिल क्लास की समस्याओं और उपभोक्ता हितों से जुड़े विषयों को उठाते रहे हैं। पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद उनका वीडियो सामने आने से यह मामला और चर्चा में आ गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके बयान आने वाले समय में पार्टी के भीतर समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, राघव चड्ढा ने अपने संदेश में साफ किया है कि वे जनता के मुद्दे उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।

उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी आवाज दबाने की कोशिश भले हो, लेकिन वे “आम आदमी” की लड़ाई जारी रखेंगे। वहीं, पार्टी द्वारा अशोक मित्तल को नई जिम्मेदारी दिए जाने के बाद अब राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की रणनीति किस तरह बदलती है, इस पर भी नजर रहेगी।

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