बंगाल चुनाव से पहले टीएमसी को झटका, पूर्व टेनिस स्टार लिएंडर पेस भाजपा में शामिल, एक और नई राजनीतिक पारी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज है। भारत के पूर्व टेनिस स्टार लिएंडर पेस मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। पेस के भाजपा में आने को बंगाल की राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है, क्योंकि वे पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से जुड़े रहे हैं। चुनावी माहौल में उनके इस कदम को टीएमसी के लिए झटका माना जा रहा है, वहीं भाजपा इसे खेल और युवाओं से जुड़ी अपनी रणनीति का हिस्सा बता रही है।
भाजपा में शामिल होने के बाद लिएंडर पेस ने इसे अपने जीवन का बड़ा दिन बताया। उन्होंने कहा कि देश के लिए चार दशक तक खेलने के बाद अब वे युवाओं की सेवा करना चाहते हैं। पेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें खेल और युवाओं के क्षेत्र में काम करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और अगले 20 से 25 वर्षों में खेल शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उनके मुताबिक, खेल सिर्फ पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण का भी माध्यम है। पेस ने खेलों के बुनियादी ढांचे पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 1986 में पश्चिम बंगाल में खेल सुविधाएं सीमित थीं और आज भी कई क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।
उन्होंने इंडोर टेनिस कोर्ट की कमी का जिक्र करते हुए कहा कि देश के कई राज्यों में खेल सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बंगाल, तमिलनाडु और बिहार जैसे राज्य बेहतर कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए दीर्घकालिक योजना और निवेश की जरूरत है। पेस ने खेलो इंडिया अभियान और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) की सराहना करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने खिलाड़ियों को नई दिशा दी है और भविष्य में भारत के प्रदर्शन को मजबूत करेंगे।
साल 2021 में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लिएंडर पेस तृणमूल कांग्रेस में शामिल किया था
लिएंडर पेस पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़े थे। वर्ष 2021 में गोवा में ममता बनर्जी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। उस समय पेस ने ममता बनर्जी को “सच्ची चैंपियन” बताया था और उनके साथ काम करने की इच्छा जताई थी। हालांकि, पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें कोई बड़ी राजनीतिक भूमिका नहीं मिली। समय के साथ पेस टीएमसी की सक्रिय राजनीति से दूर होते गए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यही दूरी अब उनके भाजपा में शामिल होने का कारण बनी।
पेस का बंगाल से गहरा संबंध रहा है। उनका जन्म कोलकाता में हुआ और उनकी मां भी वहीं की थीं, जबकि उनके पिता गोवा से थे। इस वजह से उनका दोनों राज्यों से जुड़ाव रहा है। भाजपा को उम्मीद है कि पेस की लोकप्रियता खेल जगत और युवा वर्ग में पार्टी को लाभ पहुंचा सकती है। खासकर शहरी मतदाताओं और खेल प्रेमियों के बीच उनकी पहचान को चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
पार्टी खेल बुनियादी ढांचे और युवा विकास को चुनावी एजेंडा बनाने की तैयारी में है। पेस ने भी महिला खिलाड़ियों के लिए समान अवसर और स्कॉलरशिप कार्यक्रम लाने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि भारत में महिला खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और वित्तीय सहायता मिले। उनके मुताबिक, अगर सही दिशा में काम किया जाए तो भारत वैश्विक खेल महाशक्ति बन सकता है। राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो पेस का भाजपा में शामिल होना चुनावी संदेश भी देता है।
भाजपा लगातार अलग-अलग क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों को अपने साथ जोड़ रही है। इससे पार्टी अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है। वहीं टीएमसी के लिए यह संकेत माना जा रहा है कि चुनाव से पहले पार्टी के पूर्व सहयोगी दूसरी दिशा में जा रहे हैं। कुल मिलाकर, लिएंडर पेस की नई राजनीतिक पारी ने बंगाल चुनाव से पहले माहौल को और दिलचस्प बना दिया है। खेल के मैदान में देश का नाम रोशन करने वाले पेस अब राजनीतिक मैदान में नई भूमिका निभाने की तैयारी में हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि खेल और युवाओं पर उनका फोकस भाजपा की चुनावी रणनीति को कितना मजबूत करता है।

