नवादा मेट्रो के पास 45 दिन का ट्रैफिक ‘लॉक’, दिल्ली की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल नजफगढ़ रोड बंद, यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी

दिल्ली की रफ्तार अगले डेढ़ महीने तक एक बड़े ट्रैफिक संकट से गुजरने वाली है। राजधानी के पश्चिमी हिस्से में रोजाना लाखों लोगों की आवाजाही वाली नजफगढ़-उत्तम नगर मुख्य सड़क अब 45 दिनों तक बंद रहेगी। नवादा मेट्रो स्टेशन के पास शुरू हुए बड़े मरम्मत कार्य ने दिल्ली वालों की टेंशन बढ़ा दी है। सुबह ऑफिस जाने वालों से लेकर स्कूल बसों, कैब, ई-रिक्शा और लोकल ट्रैफिक तक, हर कोई इस असर से बच नहीं पाएगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में इस इलाके में भारी जाम लग सकता है। खासतौर पर सुबह और शाम के पीक आवर्स में वाहन चालकों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को घर से पहले निकलने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है। 

दिल्ली जल बोर्ड द्वारा नवादा मेट्रो स्टेशन के नीचे से गुजर रही पुरानी और क्षतिग्रस्त सीवर लाइन को दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया है। यह काम ट्रेंचलेस टेक्नोलॉजी के जरिए किया जा रहा है, ताकि सड़क को पूरी तरह खोदने की जरूरत न पड़े। हालांकि तकनीक आधुनिक है, लेकिन इसके बावजूद सड़क का बड़ा हिस्सा बंद करना जरूरी बताया गया है। जानकारी के मुताबिक, द्वारका मोड़ से उत्तम नगर की ओर जाने वाली नजफगढ़-उत्तम नगर रोड का हिस्सा मेट्रो पिलर नंबर 722 से 723 के बीच पूरी तरह बंद रहेगा। यह बंदी 20 मई की रात 10 बजे से लागू हो चुकी है और अगले 45 दिनों तक जारी रहेगी। इस मार्ग को पश्चिमी दिल्ली की लाइफलाइन माना जाता है। रोजाना हजारों निजी वाहन, बसें और कमर्शियल वाहन इस सड़क से गुजरते हैं। 

नवादा, मोहन गार्डन, उत्तम नगर, द्वारका, नजफगढ़ और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों पर इसका सीधा असर पड़ने वाला है। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, सड़क बंद होने के कारण आसपास की गलियों और वैकल्पिक मार्गों पर दबाव बढ़ेगा। इसके चलते कई जगहों पर ट्रैफिक स्लो रहने की आशंका है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे गैरजरूरी यात्रा से बचें और मेट्रो का अधिक इस्तेमाल करें। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की है। प्रमुख चौराहों और कट पॉइंट्स पर ट्रैफिक स्टाफ निगरानी करेगा ताकि वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जा सके। साथ ही ट्रैफिक डायवर्जन के बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि वाहन चालक जीपीएस या ऑनलाइन मैप्स के बजाय ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी डायवर्जन प्लान को प्राथमिकता दें, क्योंकि कई छोटे रास्तों पर भीड़ बढ़ सकती है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि सुबह-शाम के व्यस्त समय में अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें। खासकर ऑफिस जाने वाले लोग और स्कूल वाहन चालकों को अपनी टाइमिंग में बदलाव करना पड़ सकता है। 

दिल्ली जल बोर्ड का कहना है कि यह कार्य लंबे समय से जरूरी था। सीवर लाइन काफी पुरानी हो चुकी थी और भविष्य में बड़े नुकसान की आशंका थी। अगर समय रहते मरम्मत नहीं होती तो इलाके में सीवर ओवरफ्लो और सड़क धंसने जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती थीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बंद होने से पहले ही आसपास के इलाकों में ट्रैफिक दबाव काफी रहता है। ऐसे में अगले 45 दिन बेहद मुश्किल भरे हो सकते हैं। दुकानदारों को भी चिंता है कि जाम और डायवर्जन की वजह से ग्राहकों की संख्या प्रभावित होगी। मेट्रो स्टेशन के आसपास रोजाना भारी भीड़ रहती है। ऐसे में सड़क बंद होने से पैदल यात्रियों और ऑटो चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। कई जगहों पर अस्थायी बैरिकेडिंग कर दी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से यह भी अपील की है कि वे अपने वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें। सड़क किनारे गलत पार्किंग से जाम की स्थिति और खराब हो सकती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर लोग नियमों का पालन करें और वैकल्पिक मार्गों का सही इस्तेमाल करें, तो स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

अगले डेढ़ महीने तक बदल जाएगा पश्चिमी दिल्ली का ट्रैफिक सिस्टम

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई वैकल्पिक मार्ग सुझाए हैं ताकि मुख्य सड़क पर दबाव कम किया जा सके। द्वारका और नजफगढ़ की ओर जाने वाले वाहन चालकों को अलग-अलग रूट्स का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। उत्तम नगर और नवादा की ओर जाने वाले लोग छोटे आंतरिक मार्गों और सर्विस लेन का उपयोग कर सकते हैं, हालांकि वहां भी ट्रैफिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। राजधानी में इस तरह के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और सीवर मरम्मत कार्य अब लगातार बढ़ेंगे, क्योंकि शहर की पुरानी व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। आने वाले समय में दिल्ली के कई अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की अस्थायी बंदी देखने को मिल सकती है। 

इस बीच दिल्ली जल बोर्ड ने दावा किया है कि काम को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने की कोशिश की जाएगी। विभाग का कहना है कि इंजीनियरों और तकनीकी टीमों को लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं ताकि देरी न हो। हालांकि दिल्ली वालों को फिलहाल लंबी ट्रैफिक चुनौती के लिए तैयार रहना होगा। ऑफिस टाइम में जाम, वैकल्पिक मार्गों पर दबाव और यात्रा में बढ़ता समय आने वाले 45 दिनों तक लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर सकता है। 

लोग यदि निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो का अधिक इस्तेमाल करें तो ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो सकता है। फिलहाल पश्चिमी दिल्ली के लोगों के लिए अगले डेढ़ महीने ‘ट्रैफिक परीक्षा’ जैसे साबित होने वाले हैं। सड़क बंद होने का असर केवल एक इलाके तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर आसपास के कई बड़े मार्गों और कॉलोनियों तक महसूस किया जाएगा।

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