उत्तराखंड में रिश्वतखोरी पर विजिलेंस का वार: उपखंड शिक्षा अधिकारी एक लाख रुपए लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, शिक्षा विभाग में हड़कंप 

उत्तराखंड में एक बार फिर भ्रष्टाचार की पोल खुल गई है। देहरादून में विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए उपखंड शिक्षा अधिकारी को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अधिकारी को नेपाली फार्म के पास घूस लेते हुए दबोचा गया, जिसके बाद उसे रायवाला कोतवाली ले जाकर पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और विभागीय कामकाज पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, उपखंड शिक्षा अधिकारी धनवीर सिंह बिष्ट पर आरोप है कि उन्होंने ऋषिकेश क्षेत्र के एक स्कूल को ग्रेड देने और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत छात्रों की प्रतिपूर्ति के बिल पास करने के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।

शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना सतर्कता विभाग को दी थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप प्लान तैयार किया। विजिलेंस के अनुसार, तय योजना के तहत बुधवार को शिकायतकर्ता को आरोपी अधिकारी से संपर्क करने के लिए कहा गया। ट्रैप के मुताबिक, आरोपी अधिकारी नेपाली फार्म के पास अपनी निजी गाड़ी से रिश्वत लेने पहुंचा। जैसे ही शिकायतकर्ता ने रकम सौंपी, विजिलेंस टीम ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए धनवीर सिंह बिष्ट को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान उनके साथ मौजूद पुष्पांजलि, जो ऋषिकेश स्थित उत्तरांचल मॉडर्न स्कूल की संचालिका बताई जा रही हैं, को भी हिरासत में लिया गया।

गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम आरोपी से पूछताछ में जुटी 

शिकायतकर्ता के स्कूल ‘गंगा वैली जूनियर हाईस्कूल, ऋषिकेश’ में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत पढ़ रहे छात्रों की प्रतिपूर्ति के बिल लंबित थे। इन बिलों के भुगतान के एवज में आरोपी अधिकारी ने कथित तौर पर एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने जब इस मांग को अनुचित बताया, तो उसने विजिलेंस विभाग से संपर्क कर पूरी जानकारी दी। इसके बाद टीम ने सटीक योजना बनाकर आरोपी को पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम आरोपी को रायवाला कोतवाली ले गई, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में और भी अहम जानकारी सामने आ सकती है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है या नहीं। 

सतर्कता सेक्टर देहरादून ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमा संख्या 7/2026 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विजिलेंस टीम अब आरोपियों के आवास और अन्य ठिकानों की भी जांच कर रही है, ताकि मामले से जुड़े और सबूत जुटाए जा सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *