हिमाचल में वाहन चालकों को बड़ी राहत : पांच और 6-12 सीटर गाड़ियों पर बढ़ा एंट्री टैक्स वापस, सुखविंदर सरकार ने लिया यू-टर्न
हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार ने पांच सीटर और 6 से 12 सीटर वाहनों पर हाल ही में बढ़ाया गया एंट्री टैक्स वापस लेने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार, 31 मार्च को विधानसभा में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि अब पहले की तरह ही पुरानी दरें लागू रहेंगी। यानी पांच सीटर वाहनों से 70 रुपये और 6 से 12 सीटर वाहनों से 110 रुपये एंट्री टैक्स ही लिया जाएगा। सरकार के इस फैसले को पर्यटन उद्योग, टैक्सी ऑपरेटरों और आम वाहन चालकों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।
विधानसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा देना है।
एंट्री टैक्स बढ़ाने के बाद विभिन्न संगठनों और पर्यटन से जुड़े लोगों की ओर से आपत्तियां सामने आई थीं। इसके बाद सरकार ने स्थिति की समीक्षा की और फैसला किया कि बढ़ी हुई दरों को वापस लिया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में पर्यटन अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और सरकार नहीं चाहती कि किसी भी फैसले से पर्यटकों या परिवहन व्यवसाय पर अनावश्यक बोझ पड़े।
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार संतुलित नीति अपनाने की कोशिश कर रही है, ताकि राजस्व भी प्रभावित न हो और लोगों को भी राहत मिलती रहे। एंट्री टैक्स को लेकर आए सुझावों और शिकायतों को गंभीरता से लिया गया और संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी गई। रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया गया कि पुरानी दरें ही अधिक व्यावहारिक हैं। इसी के चलते बढ़ाया गया टैक्स वापस लेने का निर्णय लिया गया है।
राज्य में एंट्री टैक्स बढ़ाने के फैसले के बाद टैक्सी यूनियनों ने चिंता जताई थी
राज्य में एंट्री टैक्स बढ़ाने के फैसले के बाद टैक्सी यूनियनों, होटल एसोसिएशन और पर्यटन कारोबारियों ने चिंता जताई थी। उनका कहना था कि बढ़े हुए टैक्स से बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों की संख्या प्रभावित हो सकती है। खासकर गर्मियों के सीजन से पहले यह निर्णय पर्यटन उद्योग के लिए चुनौती बन सकता था। सरकार के नए फैसले से अब पर्यटन क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। परिवहन से जुड़े लोगों का कहना है कि पांच और 6 से 12 सीटर वाहन सबसे ज्यादा पर्यटकों को लाने-ले जाने में उपयोग होते हैं। ऐसे में टैक्स बढ़ने से किराए में बढ़ोतरी होती और इसका असर सीधे पर्यटकों पर पड़ता। अब पुरानी दरें लागू रहने से किराए स्थिर रहेंगे और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। राज्य में आने वाले पर्यटकों के लिए यह फैसला सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार पर्यटन ढांचे को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है। सड़क सुविधाओं में सुधार, पार्किंग व्यवस्था, और पर्यटक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनका कहना था कि राज्य की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का बड़ा योगदान है, इसलिए ऐसी नीतियां बनाई जा रही हैं जो पर्यटन को प्रोत्साहित करें। विधानसभा में इस घोषणा के बाद सत्ता पक्ष ने इसे जनहित का फैसला बताया, जबकि विपक्ष ने कहा कि सरकार को पहले ही व्यापक विचार-विमर्श करना चाहिए था। हालांकि, सरकार का कहना है कि जनता और हितधारकों की प्रतिक्रिया के आधार पर समय रहते संशोधन करना ही बेहतर प्रशासन का हिस्सा है।

