बिजली बिल पर बड़ी राहत, हिमाचल में 126-300 यूनिट उपभोक्ताओं की सब्सिडी फिर से लागू, आठ लाख से अधिक लोगों को होगा फायदा
हिमाचल प्रदेश सरकार ने आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए बिजली सब्सिडी को लेकर अहम फैसला लिया है। सरकार ने 126 से 300 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं की सब्सिडी बहाल कर दी है। इस निर्णय से प्रदेश के 8 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। इससे पहले जारी आदेशों में इस श्रेणी के उपभोक्ताओं की सब्सिडी खत्म कर दी गई थी, जिसके बाद बिजली बिलों में बढ़ोतरी होने लगी थी और लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही थी। अब सरकार ने इस फैसले को वापस लेते हुए फिर से राहत देने का निर्णय लिया है।
सरकार के इस फैसले के बाद 126 से 300 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को पहले की तरह रियायती दरों का लाभ मिलेगा। माना जा रहा है कि इससे मध्यम वर्गीय परिवारों और सीमित आय वाले उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा फायदा होगा। हाल के महीनों में बढ़ते बिजली बिलों को लेकर कई जिलों से शिकायतें सामने आ रही थीं। उपभोक्ताओं का कहना था कि सब्सिडी खत्म होने के बाद बिलों में अचानक बढ़ोतरी हो गई है, जिससे घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सब्सिडी बहाल करने का निर्णय उपभोक्ताओं की समस्याओं को देखते हुए लिया गया है। सरकार का मानना है कि सीमित खपत करने वाले उपभोक्ताओं को राहत देना जरूरी है, ताकि उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को इस फैसले से राहत मिलने की उम्मीद है।
बताया जा रहा है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद बिजली कंपनियां संशोधित बिल जारी करेंगी। जिन उपभोक्ताओं के बिल पहले बढ़े हुए आए हैं, उन्हें भी आगामी बिलों में समायोजन का लाभ दिया जा सकता है। इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं में राहत की भावना देखी जा रही है और इसे आम जनता के हित में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
बढ़ते बिलों के बाद सुखविंदर सरकार ने लिया यू-टर्न
दरअसल, पूर्व में जारी आदेशों के तहत 126 से 300 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं की सब्सिडी समाप्त कर दी गई थी। इसके बाद इस श्रेणी के उपभोक्ताओं को पूरी दर से बिजली का भुगतान करना पड़ रहा था। इससे कई परिवारों के बिजली बिल में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। खासतौर पर गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ बिजली खपत बढ़ने लगी, जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया।
विपक्षी दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे को उठाया था और सरकार से सब्सिडी बहाल करने की मांग की थी। इसके बाद सरकार ने स्थिति की समीक्षा की और अब सब्सिडी को फिर से लागू करने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि यह फैसला आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है और आगे भी उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी।
ऊर्जा विभाग का कहना है कि सब्सिडी बहाल होने से बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला अतिरिक्त भार कम होगा। इससे घरेलू खर्च संतुलित रखने में मदद मिलेगी। साथ ही, सरकार बिजली उपभोग को नियंत्रित रखने और ऊर्जा बचत को बढ़ावा देने के लिए भी जागरूकता अभियान चलाने पर विचार कर रही है। यह फैसला राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से अहम है। इससे सरकार को आम लोगों के बीच सकारात्मक संदेश देने में मदद मिलेगी। आने वाले महीनों में बिजली की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए यह राहत उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सब्सिडी का लाभ पात्र उपभोक्ताओं को ही मिलेगा और इसके लिए पहले से लागू मानकों का पालन किया जाएगा। साथ ही विभागीय स्तर पर इसकी निगरानी भी की जाएगी, ताकि योजना का लाभ सही उपभोक्ताओं तक पहुंचे।

