कान्स की चमक लेकर ALF NOVA के उद्घाटन में छाईं कोमल ठक्कर  

कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर तीन बार अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकीं अभिनेत्री कोमल ठक्कर ने पवई के हिरानंदानी गार्डन्स में ALF NOVA एस्थेटिक स्किन क्लिनिक का उद्घाटन किया। कान्स के ग्लोबल मंच से लेकर मुंबई की एस्थेटिक और वेलनेस इंडस्ट्री तक, कोमल ठक्कर की मौजूदगी ने इस खास मौके को ग्लैमर और सेलिब्रेशन से भर दिया।

ALF NOVA की स्थापना कंसल्टिंग एस्थेटिक फिजिशियन, कॉस्मेटोलॉजिस्ट, ट्राइकोलॉजिस्ट एवं एस्थेटिक गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. अलिफिया रिज़वी ने की है। उद्घाटन समारोह में उन्होंने आधुनिक दौर में एस्थेटिक और वेलनेस सेवाओं की बढ़ती मांग पर बात करते हुए लोगों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम में शिवाज सैलून के शिवराम भंडारी, मैग्नेट पब्लिशिंग के संस्थापक एवं सोसाइटी अचीवर्स मैगजीन के प्रकाशक अशोक धामणकर, बिल्डर डॉ. अख्तर रिज़वी तथा रिज़वी एजुकेशन सोसाइटी की निदेशक एडवोकेट रुबीना रिज़वी सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। अतिथियों ने पारंपरिक दीप प्रज्वलन कर क्लिनिक के नए सफर की शुरुआत की और डॉ. अलिफिया रिज़वी को शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर कोमल ठक्कर ने कहा कि आज के तेज़ रफ्तार दौर में आत्मविश्वास और व्यक्तित्व की प्रस्तुति का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, आधुनिक एस्थेटिक क्लिनिक लोगों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने डॉ. अलिफिया रिज़वी को नई पहल के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

गुजराती सिनेमा में अपनी अलग पहचान बना चुकीं कोमल ठक्कर Aa To Prem Chhe, Kasoombo, Hameer और Sanghvi & Sons जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। वर्ष 2022, 2023 और 2025 में कान्स फिल्म फेस्टिवल में उनकी उपस्थिति ने उनके करियर में अंतरराष्ट्रीय ग्लैमर का एक और अध्याय जोड़ा। एडवोकेट रुबीना रिज़वी ने इस मौके को परिवार के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि डॉ. अलिफिया रिज़वी ने ALF NOVA को स्थापित करने के लिए अथक मेहनत की है। उनके अनुसार, यह क्लिनिक एस्थेटिक मेडिसिन के प्रति डॉ. अलिफिया के समर्पण और लोगों में आत्मविश्वास जगाने की उनकी सोच को दर्शाता है।

कान्स के रेड कार्पेट पर तीन बार चल चुकीं कोमल ठक्कर की मौजूदगी और ALF NOVA की नई शुरुआत ने इस उद्घाटन समारोह को खास बना दिया। ग्लैमर, एस्थेटिक केयर और वेलनेस के इस संगम में समारोह ने यह भी रेखांकित किया कि आज खूबसूरती के साथ आत्मविश्वास और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति को भी समान महत्व दिया जा रहा है।

माउंट मैरी फेयर में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश

मुंबई के बांद्रा में आयोजित माउंट मैरी फेयर 2026 में आस्था और सामुदायिक सहभागिता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देखने को मिला। हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज (HCCB), BMC और Sangam Pratishthan के सहयोग से GreenSweep पहल के तहत इस्तेमाल की गई PET बोतलों के जिम्मेदारीपूर्ण संग्रह और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मेले में 20 से अधिक स्वयंसेवकों को प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है, जो श्रद्धालुओं और आगंतुकों को निर्धारित संग्रह केंद्रों का इस्तेमाल करने तथा कचरे के स्रोत स्तर पर पृथक्करण के लिए जागरूक कर रहे हैं। एकत्र PET बोतलों को अधिकृत रीसाइक्लिंग माध्यमों के जरिए आगे भेजने की व्यवस्था की गई है।

इस पहल की खासियत केवल संग्रह अभियान तक सीमित नहीं है। मराठी और हिंदी में पथनाट्य व नुक्कड़ नाटकों के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश सरल और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। Sangam Pratishthan की सचिव Komal Ghag Nadar ने कहा, “माउंट मैरी फेयर विभिन्न समुदायों को जोड़ता है।

GreenSweep के माध्यम से हमारा प्रयास है कि सामुदायिक भागीदारी, स्वयंसेवकों और जागरूकता गतिविधियों के जरिए PET बोतलों के जिम्मेदारीपूर्ण संग्रह और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा मिले।” यह अभियान HCCB के महाराष्ट्र सरकार के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और MPCB के साथ Maha r-PET Abhiyaan के तहत चल रहे सहयोग को भी आगे बढ़ाता है।

ऑफलाइन’ के लिए जावेद खान का ट्रांसफॉर्मेशन

फिल्मी दुनिया में शानदार अभिनय सिर्फ कैमरे के सामने नहीं, बल्कि उसके पीछे की अथक मेहनत से जन्म लेता है—और अभिनेता जावेद खान इसका जीता-जागता उदाहरण बनकर उभर रहे हैं। अपनी आगामी फिल्म ‘ऑफलाइन’ के लिए उनकी तैयारी की झलक जब हाल ही में सामने आई, तो उसने यह साफ कर दिया कि वह इस भूमिका को सिर्फ निभा नहीं रहे, बल्कि उसे पूरी तरह जी रहे हैं।

बिहाइंड-द-सीन्स तस्वीरों में जावेद का रफ-टफ अंदाज़, थकान से भरा चेहरा और आंखों में झलकती गहरी एकाग्रता उनके किरदार की गंभीरता को बयां करती है। हर शॉट से पहले की उनकी रिहर्सल, सीन के बीच भी उनका फोकस और सेट पर अनुशासित दिनचर्या इस बात का संकेत है कि उन्होंने अपने प्रदर्शन को एक नए स्तर तक ले जाने का संकल्प लिया है।

सूत्रों की मानें तो ‘ऑफलाइन’ जावेद के करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण फिल्मों में से एक है, जिसमें उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों ही सीमाओं को पार करना पड़ा है। यही वजह है कि उनके इस समर्पण ने न सिर्फ टीम बल्कि फैंस को भी प्रभावित किया है।

अगर ये झलकियां कोई संकेत हैं, तो ‘ऑफलाइन’ में दर्शकों को जावेद खान का अब तक का सबसे गहन और प्रभावशाली रूप देखने को मिल सकता है।

वर्मोरा ग्रैनिटो आईपीओ की धमाकेदार एंट्री, 22 सितंबर से खुलेगा वाला इश्यू

वर्मोरा ग्रैनिटो लिमिटेड का बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) 22 सितंबर 2026, मंगलवार को खुलने जा रहा है। कंपनी ने आईपीओ के लिए ₹140 से ₹148 प्रति इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू 24 सितंबर को बंद होगा, जबकि एंकर निवेशकों के लिए बोली 21 सितंबर को खुलेगी।

निवेशक न्यूनतम 101 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे और इसके बाद 101 शेयरों के गुणकों में आवेदन किया जा सकेगा। कंपनी के आईपीओ में ₹3,200 करोड़ तक का फ्रेश इश्यू शामिल है। इसके अलावा कटसूरा इंवेस्टमेंट्स द्वारा 2,62,17,634 इक्विटी शेयरों तक का ऑफर फॉर सेल भी शामिल है। आईपीओ के बाद वर्मोरा ग्रैनिटो के इक्विटी शेयरों को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है, जिसमें एनएसई को डेजिग्नेटेड स्टॉक एक्सचेंज बनाया गया है।

कंपनी ने यह ऑफर बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के तहत पेश किया है। 

क्लियरट्रिप का ‘क्रिएटर्स क्लब’ बदलेगा कंटेंट क्रिएटर्स की दुनिया

सोशल मीडिया अब सिर्फ यात्रा की प्रेरणा का मंच नहीं, बल्कि कमाई का नया जरिया भी बनता जा रहा है। इसी बदलते ट्रेंड को देखते हुए क्लियरट्रिप ने ‘क्लियरट्रिप क्रिएटर्स क्लब’ लॉन्च किया है। यह ऐसा एफिलिएट प्रोग्राम है, जो ट्रैवल कंटेंट को सीधे बुकिंग से जोड़कर क्रिएटर्स को उनकी पहुंच और प्रभाव के आधार पर कमाई का अवसर देता है। खास बात यह है कि इसमें शामिल होने के लिए न्यूनतम फॉलोअर्स की कोई शर्त नहीं है, बल्कि एंगेजमेंट को प्राथमिकता दी गई है।

क्लियरट्रिप की चीफ मार्केटिंग एंड रेवेन्यू ऑफिसर पल्लवी सक्सेना ने कहा, “जेन-ज़ेड ने ट्रैवल निर्णय लेने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। अब यात्रा की प्रेरणा सोशल मीडिया से शुरू होती है और इसी बदलाव के केंद्र में क्रिएटर्स हैं।” उन्होंने आगे कहा, “क्लियरट्रिप क्रिएटर्स क्लब हर पोस्ट को कमाई के अवसर और हर बुकिंग को नई प्रेरणा में बदलने का मंच देता है। हमारा लक्ष्य एक ऐसा सतत इकोसिस्टम बनाना है, जिसमें क्रिएटर्स और यात्रियों—दोनों को लाभ मिले।”

पायलट चरण में क्षेत्रीय क्रिएटर्स का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, जिसमें तेलुगु कंटेंट सबसे तेजी से उभरते सेगमेंट्स में शामिल रहा। कंपनी का लक्ष्य 2026 के अंत तक 10,000 से अधिक क्रिएटर्स को इस पहल से जोड़ना है।

 ‘वाराणसी’ में खत्म हुई महायुद्ध की तैयारी!

भारतीय सिनेमा को ‘बाहुबली’ और ‘आरआरआर’ जैसी विश्वस्तरीय ब्लॉकबस्टर देने वाले विज़नरी निर्देशक एस.एस. राजामौली अब अपनी अगली मेगा फिल्म ‘वाराणसी’ के साथ एक और सिनेमाई इतिहास रचने की तैयारी में हैं। महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा जोनास और पृथ्वीराज सुकुमारन अभिनीत यह भव्य एक्शन-एडवेंचर फिल्म पहले ही देश की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हो चुकी है। अब राजामौली ने खुलासा किया है कि फिल्म के सभी विशाल और हाई-वोल्टेज एक्शन सीक्वेंस की शूटिंग पूरी हो चुकी है, जबकि शेष भावनात्मक और कहानी को आगे बढ़ाने वाले दृश्यों की शूटिंग सितंबर या अक्टूबर तक समाप्त हो जाएगी। 

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्म को आईमैक्स के लिए किसी कृत्रिम बदलाव के बजाय उसी विज़न के साथ शूट किया गया है, जिसे शुरुआत से बड़े पर्दे के लिए कल्पना की गई थी। दूसरी ओर, ‘बाहुबली: द इटरनल वॉर’ के जरिए एनिमेशन की दुनिया में भी राजामौली भारतीय कहानी कहने की भव्यता को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के लिए उत्साहित हैं।

7 अप्रैल 2027 को रिलीज होने वाली ‘वाराणसी’ से दर्शकों को एक बार फिर भव्य दृश्य, दमदार भावनाएं और विश्वस्तरीय सिनेमाई अनुभव मिलने की पूरी उम्मीद है।

कारोबारियों के नाम कैशफ्री का फेस्टिव गिफ्ट

त्योहारों के सीज़न से पहले छोटे और उभरते कारोबारियों के लिए बड़ी राहत देते हुए एआई-नेटिव पेमेंट्स कंपनी कैशफ्री पेमेंट्स ने नए बिज़नेस के लिए पहले ₹20 लाख की बिक्री तक 0% पेमेंट गेटवे फीस की घोषणा की है। 31 मार्च 2027 तक लागू यह ऑफर ऑनलाइन कारोबार शुरू करने वाले एसएमबी और डी2सी ब्रांड्स को शुरुआती लागत कम करने और मुनाफा बढ़ाने का अवसर देगा। कंपनी का कहना है कि व्यापारी कुछ ही मिनटों में ऑनबोर्ड हो सकेंगे, अगले दिन पेमेंट सेटलमेंट मिलेगा और पूरे त्योहारी सीज़न में उन्हें डेडिकेटेड अकाउंट मैनेजर का सहयोग भी मिलेगा।

कैशफ्री पेमेंट्स के सह-संस्थापक और सीईओ आकाश सिन्हा ने कहा, “एक एसएमबी या डी2सी बिज़नेस की लगभग 40 फीसदी सालाना बिक्री त्योहारों के सीज़न में होती है। हमारा उद्देश्य इस महत्वपूर्ण समय में व्यापारियों की लागत कम करके उन्हें तेज़ी से आगे बढ़ने का अवसर देना है।”

उन्होंने आगे कहा, “त्योहारों से पहले जुड़ने वाले अधिकांश नए व्यापारी ₹20 लाख से कम की बिक्री करते हैं, इसलिए यह ऑफर उनके पूरे फेस्टिव सीज़न को कवर करता है। इससे वे बचाई गई राशि को इन्वेंट्री, मार्केटिंग और बिज़नेस विस्तार में निवेश कर सकेंगे।”

यह पहल भारत के पेमेंट गेटवे सेक्टर में सबसे आकर्षक ऑफर्स में से एक मानी जा रही है, जो नए कारोबारियों को बिना अतिरिक्त फीस के डिजिटल ग्रोथ का मजबूत लॉन्चपैड देने का वादा करती है।

जब अदालत में खुलेगा धर्मांतरण के रहस्यमयी नेटवर्क का राज, राजन मिश्रा की ‘आर्टिकल 25’ मचाएगी हलचल

सिनेमा जब समाज के संवेदनशील और जटिल मुद्दों को कहानी के जरिए सामने लाता है, तो उसका असर पर्दे से कहीं आगे तक जाता है। ऐसी ही एक कोशिश है बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘आर्टिकल 25’, जो धर्मांतरण, न्याय, सत्ता के कथित दुरुपयोग, राजनीतिक दबाव और साजिश जैसे संवेदनशील विषयों को कोर्टरूम ड्रामा के अंदाज में प्रस्तुत करने जा रही है। मेगापिक्सल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बनी यह फिल्म अब शूटिंग पूरी करने के बाद रिलीज के लिए तैयार है।

फिल्म की कहानी लखनऊ की युवा मनोचिकित्सक सारा शेख के इर्द-गिर्द बुनी गई है। एक भयावह घटना उसकी जिंदगी को पूरी तरह बदल देती है। हालात ऐसे बनते हैं कि उसके सामने परिवार और राजनीतिक दबाव के आगे झुकने या फिर न्याय के लिए आवाज उठाने के बीच चुनाव करने की चुनौती खड़ी हो जाती है। सारा पीछे हटने के बजाय न्याय की लड़ाई लड़ने का फैसला करती है और यहीं से शुरू होती है एक ऐसी कानूनी जंग, जो धीरे-धीरे उसकी निजी जिंदगी से निकलकर एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक सवाल का रूप ले लेती है।

अदालत में मुकदमा जैसे-जैसे आगे बढ़ता है, कहानी की परतें खुलती जाती हैं। सत्ता, भ्रष्टाचार, राजनीतिक साजिश और बड़े स्तर पर धर्मांतरण से जुड़े कथित नेटवर्क के चौंकाने वाले पहलू सामने आने लगते हैं। सारा की लड़ाई अब सिर्फ अपने लिए नहीं रह जाती, बल्कि सच और न्याय की तलाश में बदल जाती है। फिल्म इसी संघर्ष को कोर्टरूम के तनाव, सवाल-जवाब और नाटकीय घटनाक्रम के माध्यम से पर्दे पर उतारने का प्रयास करती है।

‘आर्टिकल 25’ की खासियत इसका संवेदनशील विषय होने के साथ-साथ इसका कोर्टरूम ट्रीटमेंट भी है। फिल्म दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करने की कोशिश करती है कि जब व्यक्तिगत अधिकार, सामाजिक विश्वास, राजनीतिक प्रभाव और न्याय व्यवस्था आमने-सामने हों, तो सच की तलाश कितनी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। फिल्म में यशपाल शर्मा, विन्न मोडगिल, राजगोपाल अय्यर, शक्ति कुमार, सुशील पराशर, आकांक्षा पांडे, पारुल राय और गरिमा कपूर प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। कलाकारों की यह मजबूत टीम कहानी के अलग-अलग किरदारों में जान फूंकने की कोशिश करेगी। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी गौतम चौधरी ने की है, जिससे कहानी के कोर्टरूम तनाव और भावनात्मक उतार-चढ़ाव को प्रभावशाली विजुअल ट्रीटमेंट मिलने की उम्मीद है।

फिल्म का लेखन और निर्देशन राजन मिश्रा एवं अंशुमन श्रीवास्तव ने किया है। इसके निर्माता राजन मिश्रा, तिरस पाल सिंह और अखिलेश त्रिपाठी हैं। मेगापिक्सल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले तैयार की गई यह फिल्म विषय की गंभीरता के साथ-साथ मनोरंजक और प्रभावशाली सिनेमाई प्रस्तुति का दावा करती है। राजन मिश्रा के लिए ‘आर्टिकल 25’ एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। फिल्म के जरिए धर्मांतरण के नेटवर्क और उससे जुड़े कथित दुष्प्रचार को कहानी का हिस्सा बनाया गया है। 

‘आर्टिकल 25’ एक ऐसी कहानी लेकर सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है, जिसमें अदालत सिर्फ मुकदमे की जगह नहीं, बल्कि सच और सत्ता के बीच टकराव का मैदान बनती दिखाई देगी। सवाल कई हैं, जवाब अदालत में तलाशे जाएंगे और फैसला दर्शक करेंगे कि यह कहानी उन्हें कितना सोचने पर मजबूर करती है।

154 कृत्रिम अंगों ने बदली 104 दिव्यांगजनों की जिंदगी

मुंबई में शनिवार को उस समय भावुक और प्रेरणादायक माहौल देखने को मिला, जब 104 दिव्यांगजन अपने जीवन की नई शुरुआत की ओर कदम बढ़ाते नजर आए। वडाला स्थित निको हॉल में आयोजित नारायण सेवा संस्थान के निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं कैलीपर्स वितरण शिविर में 154 अत्याधुनिक कृत्रिम अंगों का वितरण किया गया। यह केवल उपकरणों का वितरण नहीं था, बल्कि उन लोगों को आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता लौटाने का प्रयास था, जो वर्षों से शारीरिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

जापानी और जर्मन तकनीक पर आधारित 3D प्रिंटिंग प्रोस्थेटिक समाधान लाभार्थियों को उपलब्ध कराए गए, जिनकी सटीक फिटिंग और आरामदायक उपयोगिता उन्हें बेहतर गतिशीलता प्रदान करेगी। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के कौशल एवं उद्यमिता विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा, “लाभार्थियों को आत्मनिर्भरता की ओर अपना पहला कदम बढ़ाते देखना हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति रखते हैं।” नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा, “एक कृत्रिम अंग केवल शरीर का सहारा नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और नए सपनों का आधार होता है। हमारा लक्ष्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में सशक्त रूप से स्थापित करना है।”

उल्लेखनीय है कि संस्थान अब तक 39,591 से अधिक दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग उपलब्ध करा चुका है, जबकि 4.52 लाख से अधिक लोगों को निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं। मुंबई का यह शिविर सेवा, संवेदना और सामाजिक सशक्तिकरण का एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा।

लॉजिस्टिक्स सुधार से वैश्विक दौड़ में आगे बढ़ेगा भारत

भारत का खनन और धातु (माइनिंग एंड मेटल्स) क्षेत्र वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मजबूत कर सकता है, बशर्ते लॉजिस्टिक्स को केवल परिवहन नहीं बल्कि रणनीतिक आधार के रूप में देखा जाए। फिक्की के ‘एन्हांसिंग कॉम्पिटिटिवनेस ऑफ माइनिंग एंड मेटल्स’ सम्मेलन में विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि भारत में माल ढुलाई की लागत दुनिया के कई देशों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी है, लेकिन बिखरे हुए मल्टीमॉडल नेटवर्क, खदानों तक कमजोर कनेक्टिविटी और सड़क परिवहन पर अत्यधिक निर्भरता उद्योग की गति धीमी कर रही है। सम्मेलन में आधुनिक तकनीक, समर्पित फ्रेट कॉरिडोर और डिजिटल समाधान अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।

पूर्व नीति आयोग सदस्य डॉ. वी. के. सारस्वत ने कहा, “लॉजिस्टिक्स को माइनिंग और मेटल्स सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का रणनीतिक निर्धारक माना जाना चाहिए।” उन्होंने बताया कि खदानों तक पहले और अंतिम मील की कनेक्टिविटी, सड़क परिवहन पर अत्यधिक निर्भरता और खनिज ढुलाई की मौजूदा चुनौतियां उद्योग की लागत बढ़ा रही हैं। उन्होंने समर्पित मिनरल फ्रेट कॉरिडोर, कन्वेयर सिस्टम, स्लरी पाइपलाइन, पोर्ट मैकेनाइजेशन और डिजिटलाइजेशन सहित 10 सूत्रीय राष्ट्रीय रणनीति का सुझाव दिया।

फिक्की-डेलॉइट की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार भारत की फ्रेट टैरिफ वैश्विक मानकों के अनुरूप है, लेकिन बिखरा हुआ लॉजिस्टिक्स नेटवर्क इसकी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को कम कर रहा है। रेलवे बोर्ड के अतिरिक्त सदस्य (ट्रैफिक) देवेंद्र कुमार ने बताया कि रेलवे एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स सेवाओं का विस्तार कर रहा है और भविष्य में दो किलोमीटर लंबी मालगाड़ियां भी भारतीय ट्रैक पर दौड़ सकती हैं। सम्मेलन में यह भी रेखांकित किया गया कि 2047 के विकसित भारत लक्ष्य को हासिल करने के लिए माल ढुलाई क्षमता में कई गुना वृद्धि और आधुनिक, टिकाऊ लॉजिस्टिक्स अवसंरचना का निर्माण अनिवार्य होगा।