अक्षय तृतीया से पहले केंद्र सरकार का बड़ा दांव : 15 बैंकों को गोल्ड-सिल्वर इंपोर्ट की छूट, बाजार में बढ़ेगी रौनक
अक्षय तृतीया से ठीक पहले केंद्र सरकार ने सोने-चांदी के बाजार को लेकर ऐसा कदम उठाया है, जो सीधे तौर पर देशभर के सर्राफा कारोबार और खरीदारों दोनों को प्रभावित कर सकता है। जब बाजार में सप्लाई को लेकर अनिश्चितता और कीमतों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई थी, तब सरकार ने इंपोर्ट नियमों में ढील देकर एक बड़ा संदेश दिया है त्योहार से पहले बाजार में कमी नहीं आने दी जाएगी। वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले Directorate General of Foreign Trade (DGFT) ने एक अधिसूचना जारी करते हुए 31 मार्च 2029 तक के लिए 15 बैंकों को सोना और चांदी आयात करने की अनुमति दे दी है। यह फैसला Reserve Bank of India (RBI) द्वारा अधिकृत बैंकों पर लागू होगा, जिससे आयात प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और नियंत्रित तरीके से हो सकेगी। इस सूची में देश के प्रमुख बैंक जैसे State Bank of India, HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank और Yes Bank शामिल हैं, जिन्हें गोल्ड और सिल्वर दोनों के आयात की अनुमति दी गई है। वहीं Union Bank of India और Sberbank को केवल सोना आयात करने की मंजूरी मिली है।
यह संशोधन Foreign Trade Policy 2023 के तहत Appendix 4B में किया गया है, जो आयात-निर्यात नियमों को व्यवस्थित करने का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार के इस कदम को बाजार में स्थिरता लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय से वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूती के चलते भारतीय बाजार में भी दाम ऊंचे बने हुए थे। इसके कारण खुदरा मांग में हल्की सुस्ती देखने को मिली थी। हालांकि अब कीमतों में कुछ नरमी और इंपोर्ट की अनुमति मिलने से बाजार में फिर से संतुलन बनने की उम्मीद है।
अक्षय तृतीया जैसे बड़े त्योहार से पहले यह फैसला और भी अहम हो जाता है। भारत में यह दिन सोना खरीदने के लिए बेहद शुभ माना जाता है और हर साल इस दौरान भारी खरीदारी होती है। ज्वैलर्स और ट्रेडर्स के लिए यह सीजन सालभर की बिक्री का बड़ा हिस्सा तय करता है। ऐसे में सरकार का यह कदम बाजार में सप्लाई की कमी को दूर करने और ग्राहकों को बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अक्षय तृतीया पर मांग का समीकरण: क्या बदलेगा बाजार का रुख?
अक्षय तृतीया भारत में सोना खरीदने के लिए सबसे बड़ा गैर-शादी सीजन माना जाता है। अनुमान है कि इस एक दिन के आसपास होने वाली खरीदारी सालाना रिटेल गोल्ड डिमांड का करीब 15 से 20 प्रतिशत तक योगदान देती है। यही वजह है कि इस समय बाजार में सप्लाई और कीमत दोनों का संतुलन बेहद अहम हो जाता है। हाल के हफ्तों में ऊंची कीमतों के चलते ग्राहकों ने थोड़ी सतर्कता दिखाई थी, जिससे मांग में हल्की गिरावट दर्ज की गई। लेकिन अब कीमतों में आई मामूली नरमी और सरकार के इस फैसले से बाजार में सकारात्मक माहौल बन रहा है। ज्वैलर्स को उम्मीद है कि इस बार त्योहार के दौरान ग्राहकों की वापसी होगी और खरीदारी में तेजी देखने को मिलेगी। इंपोर्ट की अनुमति मिलने से बैंकों के जरिए सोने की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे थोक और खुदरा बाजार दोनों को फायदा मिलेगा। इससे छोटे ज्वैलर्स को भी पर्याप्त स्टॉक मिल सकेगा और ग्राहकों को विकल्पों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। कुल मिलाकर, यह फैसला मांग और सप्लाई के बीच संतुलन बनाने में मददगार साबित हो सकता है।
कीमतों पर असर और आगे की राह, निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मोदी सरकार के इस फैसले के बावजूद यह कहना मुश्किल है कि अक्षय तृतीया तक सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी या नहीं। फिलहाल भारतीय बाजार में डीलर्स करीब 4 डॉलर प्रति औंस तक डिस्काउंट दे रहे हैं, जबकि कुछ जगहों पर 14 डॉलर तक का प्रीमियम भी देखा गया है। यह संकेत देता है कि बाजार में मांग धीरे-धीरे मजबूत हो रही है, लेकिन पूरी तरह से स्थिर नहीं हुई है। इंपोर्ट आसान होने से सप्लाई बेहतर होगी, जिससे कीमतों में अत्यधिक उछाल पर रोक लग सकती है। हालांकि, वैश्विक बाजार में चल रहे रुझान जैसे अमेरिकी डॉलर की स्थिति, ब्याज दरें और भू-राजनीतिक तनाव कीमतों की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाते रहेंगे।
निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है। जहां एक ओर त्योहार के कारण मांग बढ़ सकती है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक संकेतों के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में खरीदारी या निवेश से पहले बाजार की चाल को समझना और सही समय का इंतजार करना बेहतर रणनीति हो सकती है। सरकार का यह कदम अल्पकालिक रूप से बाजार को स्थिर करने और त्योहार से पहले आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल ज्वैलर्स और ट्रेडर्स को राहत मिलेगी, बल्कि आम ग्राहकों को भी बेहतर उपलब्धता और संतुलित कीमतों का फायदा मिल सकता है।

