Himachal cabinet meeting सुक्खू सरकार के कैबिनेट में बड़े फैसले : 1550 नौकरियों का एलान, किसानों को MSP और होम स्टे को बड़ी राहत
हिमाचल प्रदेश में विकास और रोजगार को नई रफ्तार देने के उद्देश्य से सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े और प्रभावी फैसले लिए गए। इस बैठक में सरकार ने युवाओं, किसानों, बागवानों, स्वास्थ्य सेवाओं और ऊर्जा क्षेत्र को केंद्र में रखते हुए नीतिगत निर्णय किए, जिनका सीधा असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों के जीवन पर पड़ने वाला है।
बैठक की शुरुआत में ही सरकार ने बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ी सौगात दी। कैबिनेट ने विभिन्न विभागों में 1550 खाली पदों को भरने की मंजूरी दी है।
इनमें सबसे अधिक 1000 पद पुलिस कॉन्स्टेबल के हैं, जो प्रदेश की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे। इसके अलावा अग्निशमन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 500 असिस्टेंट फायर गार्ड के पदों को भरने का निर्णय लिया गया है। इन पदों की भर्ती प्रक्रिया वन विभाग के माध्यम से पूरी की जाएगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता आने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार के इस कदम को युवाओं के लिए राहत भरा माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से सरकारी नौकरियों का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को अब अवसर मिलने की संभावना है। साथ ही, यह फैसला आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कैबिनेट बैठक में पर्यटन और ऊर्जा क्षेत्र को भी विशेष प्राथमिकता दी गई। सरकार ने होम स्टे संचालकों को बड़ी राहत देते हुए यह फैसला लिया कि अब उन्हें अग्निशमन विभाग से एनओसी लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इस निर्णय से पर्यटन कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और छोटे उद्यमियों को अनावश्यक कागजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी। इसके अलावा ‘हिम ऊर्जा’ योजना के तहत 71 स्मॉल हाइड्रो प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इस फैसले से राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ेगा और निजी निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा। ऊर्जा क्षेत्र में यह कदम हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए भी कैबिनेट ने बड़ा निर्णय
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए भी कैबिनेट ने बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में लंबे समय से चल रही फैकल्टी की कमी को दूर करने के लिए अब सेवानिवृत्त प्रोफेसरों को कॉन्ट्रैक्ट आधार पर दोबारा नियुक्त किया जाएगा। इस योजना के तहत सामान्य प्रोफेसरों को 2 लाख 30 हजार रुपये प्रति माह वेतन दिया जाएगा, जबकि रेडियोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों को 3 लाख रुपये प्रति माह तक भुगतान किया जाएगा। इस फैसले से न केवल मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि मरीजों को भी बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, किसानों और बागवानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने अदरक की फसल पर 30 रुपये प्रति किलो MSP तय किया है, जिससे अदरक उत्पादकों को बड़ी राहत मिलेगी। यह निर्णय किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें बाजार में उचित मूल्य दिलाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। सुक्खू सरकार की इस कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। जहां एक ओर युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, वहीं किसानों, बागवानों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

