बिहार में सत्ता परिवर्तन की आहट तेज, नीतीश के राज्यसभा की शपथ के बाद नए सीएम पर आज मंथन, 15 अप्रैल को नई सरकार की संभावना

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव होने के संकेत मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 12:15 बजे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। इसके साथ ही राज्य में सत्ता परिवर्तन को लेकर हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने बिहार में नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर दिल्ली में कोर ग्रुप की अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में आगामी नेतृत्व को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी। बैठक दोपहर 12 बजे के बाद होने की संभावना जताई जा रही है। इसमें बीजेपी के वरिष्ठ नेता और बिहार से जुड़े प्रमुख चेहरे शामिल होंगे। जानकारी के मुताबिक, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा गुरुवार को ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। इसके अलावा श्रेयसी सिंह को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया है।

कोर ग्रुप की इस बैठक में बिहार प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, संजय जायसवाल समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। मंत्री दिलीप जायसवाल और मंगल पांडेय के भी बैठक में शामिल होने की संभावना है। संगठन स्तर पर भीखू भाई दलसानिया और नागेंद्र जैसे पदाधिकारी भी इसमें भाग ले सकते हैं। इधर, बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने साफ किया है कि नीतीश कुमार पहले राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इसके बाद एनडीए नेतृत्व यह तय करेगा कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। 

उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में चल रही है और गठबंधन मिलकर अंतिम फैसला करेगा। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि शपथ के बाद नीतीश कुमार से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने मुलाकात की है। इस मुलाकात को भी सत्ता परिवर्तन की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। एनडीए के भीतर लगातार बैठकों का दौर जारी है और सभी दल अपने-अपने स्तर पर रणनीति तैयार कर रहे हैं।

बिहार में 15 अप्रैल को नई सरकार बनने के संकेत

14 अप्रैल को खरमास समाप्त होने के बाद नई सरकार गठन का रास्ता साफ हो सकता है। इसी बीच 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र प्रस्तावित है, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम यानी महिला आरक्षण बिल पेश किया जाना है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व चाहता है कि 15 अप्रैल तक बिहार में नई सरकार का गठन हो जाए, ताकि सभी बड़े नेता संसद सत्र में शामिल हो सकें। बताया जा रहा है कि 10 अप्रैल को राज्यसभा की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार 11 अप्रैल को बिहार लौट सकते हैं। इसके बाद 12 और 13 अप्रैल के बीच एनडीए के सभी घटक दल अपने-अपने विधायक दल की बैठक कर नेता का चयन करेंगे। 14 अप्रैल को एनडीए विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री पद के लिए नेता के नाम का ऐलान होने की संभावना है। 

इसके बाद नीतीश कुमार राज्यपाल को इस्तीफा सौंप सकते हैं और 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी हो सकती है। इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और संभावित नामों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। उधर, बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने भी संकेत दिए हैं कि राज्य में जल्द नई सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार आज राज्यसभा सदस्य की शपथ लेंगे और उसके बाद बिहार में नई सरकार का गठन होगा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस कुछ भी करे, उससे एनडीए को कोई फर्क नहीं पड़ता। गठबंधन पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है और जल्द ही नया नेतृत्व सामने आएगा।

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