देश में लॉकडाउन की अफवाह पर पीएम मोदी के तीन केंद्रीय मंत्रियों को संभालना पड़ा मोर्चा, कहा- घबराने की जरूरत नहीं
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच देश में संभावित लॉकडाउन की अफवाहों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी थी। सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि ईंधन संकट और अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण भारत में फिर से कोविड जैसे प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इन अटकलों के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में किसी भी तरह का लॉकडाउन लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। सरकार की ओर से तीन वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों ने सामने आकर स्थिति साफ की और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। सरकार ने कहा कि देश में आवश्यक वस्तुओं, ईंधन और ऊर्जा की पर्याप्त उपलब्धता है और आपूर्ति श्रृंखला सामान्य रूप से काम कर रही है। प्रधानमंत्री स्तर से लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सरकार ने यह भी साफ किया कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही खबरें भ्रामक हैं और इनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। आज संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अफवाहों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह समझ से परे है कि इस तरह की गलत खबरें कौन फैला रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह की घबराहट पैदा नहीं होनी चाहिए। रिजिजू ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर हालात पर नजर रख रही हैं और जमाखोरी करने वालों को चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि कोई आवश्यक वस्तुओं की कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रिजिजू ने यह भी कहा कि भारत सरकार के पास हर स्थिति से निपटने की तैयारी है और लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि शीर्ष स्तर से लेकर जिला स्तर तक निगरानी की जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी क्षेत्र में ईंधन, एलपीजी या जरूरी सामान की कमी न हो। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी लॉकडाउन की अफवाहों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक हलकों में भी इस तरह की बातें कही जा रही हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान जैसे देशव्यापी लॉकडाउन लागू किया गया था, वैसा कोई कदम उठाने की कोई योजना नहीं है। सीतारमण ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता अर्थव्यवस्था को स्थिर रखना और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर सरकार लगातार समीक्षा कर रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत ने पर्याप्त भंडार बनाए हुए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बिना वजह सामान जमा न करें और केवल जरूरत के अनुसार ही खरीदारी करें।
सोशल मीडिया अफवाहों पर सरकार सख्त, आपूर्ति व्यवस्था सामान्य
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि देश में लॉकडाउन की खबरें पूरी तरह गलत और निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। पुरी ने कहा कि वैश्विक स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार ईंधन, ऊर्जा और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति को लेकर चर्चा बढ़ी है, जिसे कुछ लोगों ने गलत तरीके से लॉकडाउन से जोड़ दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि “तैयारी” का मतलब प्रशासनिक स्तर पर सतर्क रहना है, न कि आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाना। पुरी ने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित न हो और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि अफवाहें फैलाना गैर-जिम्मेदाराना है और इससे अनावश्यक दहशत पैदा होती है। उन्होंने लोगों से केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों पर ही भरोसा करने की अपील की। केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि भारत के पास ईंधन और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। तेल कंपनियों और राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वितरण व्यवस्था में कोई बाधा न आए। साथ ही प्रशासन को यह भी कहा गया है कि यदि कहीं जमाखोरी या कृत्रिम कमी की कोशिश होती है तो तुरंत कार्रवाई की जाए। केंद्र सरकार का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की तैयारी मजबूत है और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें, घबराएं नहीं और सामान्य दिनचर्या बनाए रखें। तीनों केंद्रीय मंत्रियों के बयानों के बाद सरकार ने साफ संदेश देने की कोशिश की है कि देश में लॉकडाउन जैसी कोई स्थिति नहीं बनने वाली है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।

