प्रयागराज महाकुंभ में चर्चित हुई मोनालिसा की शादी पर बड़ा खुलासा, जांच में नाबालिग निकली, पति फरमान खान पर केस दर्ज 

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर की रहने वाली मोनालिसा भोसले की शादी को लेकर बड़ा मोड़ सामने आया है। प्रयागराज महाकुंभ में रुद्राक्ष बेचते हुए चर्चा में आई मोनालिसा को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में नाबालिग पाया गया है। इस खुलासे के बाद मामले ने नया कानूनी रूप ले लिया है और शादी करने वाले युवक फरमान खान के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार, पारधी जनजाति से ताल्लुक रखने वाली मोनालिसा भोसले ने 11 मार्च को केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित अरुमनूर नैनार मंदिर में उत्तर प्रदेश के रहने वाले फरमान खान से विवाह किया था। यह शादी उस समय चर्चा में आई थी क्योंकि मोनालिसा के परिवार ने इस रिश्ते का विरोध किया था। 

परिवार के लोगों का कहना था कि यह शादी उनकी जानकारी और सहमति के बिना हुई है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने इस मामले को लव जिहाद से भी जोड़कर देखा, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। मोनालिसा के पिता ने इस पूरे मामले को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी नाबालिग है और उसे बहला-फुसलाकर शादी कराई गई है। शिकायत मिलने के बाद आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। जांच के दौरान मोनालिसा की उम्र से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की गई और अस्पताल रिकॉर्ड समेत अन्य प्रमाण जुटाए गए।

जांच में सामने आया कि मध्य प्रदेश के अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार मोनालिसा की जन्म तिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज है। इस आधार पर जब शादी हुई, उस समय उसकी उम्र करीब 16 वर्ष थी। यानी वह कानूनी रूप से नाबालिग थी। यह तथ्य सामने आने के बाद पूरे मामले ने कानूनी मोड़ ले लिया। आयोग के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फरमान खान के खिलाफ मामला दर्ज किया। आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्या की पहल पर संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए थे। दस्तावेजों की पुष्टि होने के बाद पुलिस को कार्रवाई के लिए कहा गया। इसके बाद संबंधित थाने में फरमान खान के खिलाफ POCSO एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया। साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत भी प्रकरण दर्ज किया गया है, क्योंकि पीड़िता अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित है।

परिवार के विरोध से लेकर कानूनी कार्रवाई तक मामला पहुंचा

मोनालिसा भोसले उस समय सुर्खियों में आई थीं जब प्रयागराज महाकुंभ के दौरान वह रुद्राक्ष बेचते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं। उनकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से फैलने के बाद उनकी पहचान बनी। इसी दौरान फरमान खान से उनकी मुलाकात हुई और बाद में दोनों ने शादी कर ली। बताया जाता है कि शादी के बाद दोनों केरल चले गए थे, जहां मंदिर में विवाह संपन्न कराया गया। परिवार को जब इस शादी की जानकारी मिली तो उन्होंने इसका विरोध किया। मोनालिसा के पिता का आरोप था कि उनकी बेटी को बहकाकर शादी कराई गई है और उसकी उम्र भी 18 वर्ष से कम है। इसके बाद उन्होंने आयोग में शिकायत की। मामले के संवेदनशील होने के कारण आयोग ने तुरंत संज्ञान लिया और उम्र से जुड़े रिकॉर्ड की जांच शुरू कराई। 

जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने कानून के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी। POCSO एक्ट के तहत नाबालिग से विवाह या संबंध बनाने के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है। इसके अलावा एससी-एसटी एक्ट की धाराएं जुड़ने से मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस अब फरमान खान की भूमिका, शादी की परिस्थितियों और नाबालिग होने के बावजूद विवाह कराने वालों की भी जांच कर रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, यह भी देखा जा रहा है कि शादी के समय लड़की की उम्र से संबंधित दस्तावेज किस आधार पर प्रस्तुत किए गए थे। यदि गलत जानकारी देकर शादी कराई गई है तो इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि शादी स्वेच्छा से हुई या किसी तरह का दबाव या प्रलोभन दिया गया था। मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में भी चर्चा तेज हो गई है। परिवार ने बेटी को वापस लाने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस ने कहा है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर अब यह मामला पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया में प्रवेश कर चुका है और आने वाले दिनों में जांच के बाद और खुलासे हो सकते हैं।

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