असम में पीएम मोदी का चुनावी शंखनाद, यूसीसी पर सियासी संदेश, कहा- राज्य की संस्कृति से समझौता नहीं होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान के तहत बुधवार को असम के धेमाजी जिले के गोगामुख में जनसभा को संबोधित करते हुए तीसरी बार भाजपा सरकार बनने का दावा किया। उन्होंने कहा कि चुनाव की घोषणा के बाद यह उनकी पहली सभा है और मैदान में उमड़ा जनसैलाब स्पष्ट संकेत दे रहा है कि राज्य में एक बार फिर जनता विकास के पक्ष में मतदान करने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी जनसभा में संकेत दिया कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल कानून बनाने का नहीं, बल्कि असम की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को सुरक्षित रखने का भी प्रयास है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज और विशेष क्षेत्रों की परंपराओं का पूरा सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करते समय स्थानीय रीति-रिवाजों और सामाजिक संरचना को ध्यान में रखा जाएगा। सरकार का उद्देश्य किसी परंपरा को समाप्त करना नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे महिलाओं को समान अधिकार मिलेंगे और समाज में संतुलन मजबूत होगा। उन्होंने इसे असम की पहचान बचाने और राज्य को नई दिशा देने वाला बड़ा कदम बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं का उत्साह, माताओं-बहनों का आशीर्वाद और लोगों का विश्वास इस बात की खुली घोषणा है कि इस बार भी भाजपा सरकार की हैट्रिक पक्की है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जनता के आशीर्वाद से उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में तीसरी बार सेवा करने का अवसर मिला है और उसी तरह असम में भी लगातार तीसरी बार सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि वे इस मैदान में तीसरी बार आए हैं और लोगों का प्रेम यह बता रहा है कि राज्य में स्थिर और मजबूत सरकार के लिए जनता ने मन बना लिया है। उनके अनुसार यह चुनाव केवल सरकार बनाने का नहीं बल्कि विकसित असम और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने का चुनाव है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि असम में अब विकास की नई धारा बह रही है। उन्होंने बाढ़ की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य को बाढ़ से राहत दिलाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर बड़े स्तर पर योजना शुरू की है। इस योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये की लागत से बाढ़ नियंत्रण के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले असम में हिंसा, उग्रवाद और असुरक्षा की खबरें आती थीं, लेकिन अब यहां से विकास, निवेश और अवसरों की चर्चा हो रही है। हजारों युवाओं ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है और राज्य में शांति का माहौल बना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि असम को प्रकृति ने भरपूर संसाधन दिए हैं, लेकिन लंबे समय तक इनका सही उपयोग नहीं हुआ। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों तक शासन करने के बावजूद राज्य में बुनियादी ढांचे पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि ब्रह्मपुत्र नदी पर पुलों की कमी के कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पिछले वर्षों में कई बड़े पुलों का निर्माण कर इस समस्या को दूर करने का प्रयास किया गया है, जिससे दोनों किनारों के बीच संपर्क मजबूत हुआ है और विकास को गति मिली है।
कांग्रेस पर निशाना, विकास और पहचान बचाने का किया वादा

