असम विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने जारी किया अपना “संकल्प पत्र”, सुरक्षित-विकसित राज्य और मूल असमिया हितों की रक्षा का किया वादा
असम विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार सुबह ही अपना बहुप्रतीक्षित ‘संकल्प पत्र’ जारी कर दिया। गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। भाजपा अपने चुनावी घोषणापत्र को ‘संकल्प पत्र’ के नाम से जारी करती है और इस बार भी इसमें राज्य के विकास, सुरक्षा और असमिया पहचान की रक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाया गया है। भाजपा के ‘संकल्प पत्र’ में भूमि, विरासत और मूल असमिया लोगों की गरिमा की रक्षा का वादा किया गया है। पार्टी ने कहा कि वह सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए विकास को नई गति देगी। इसके साथ ही बुनियादी ढांचे के विस्तार, रोजगार के अवसर बढ़ाने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने तथा निवेश को आकर्षित करने के लिए कई अहम प्रतिबद्धताएं भी शामिल की गई हैं।
संकल्प पत्र जारी करने के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह दस्तावेज पिछले एक दशक में जनता की सेवा और अनुभव के आधार पर तैयार किया गया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के दौरान असम में व्यापक बदलाव हुआ है और राज्य विकास के नए रास्ते पर आगे बढ़ा है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक शासन में रहने के बावजूद उसने राज्य के विकास के लिए ठोस काम नहीं किया, जबकि भाजपा ने बुनियादी ढांचे, उद्योग, कनेक्टिविटी और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में कई पहल की हैं।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी संकल्प पत्र को राज्य के भविष्य का रोडमैप बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य असम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है और इसके लिए जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। सरमा ने दावा किया कि युवाओं, खासकर नई पीढ़ी का भरोसा भाजपा के साथ है और पार्टी इस चुनाव में अधिकतम सीटें जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरी है। उन्होंने कहा कि राज्य को आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक रूप से मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता होगी।
जनता के सुझावों पर आधारित ‘संकल्प’, तीसरे कार्यकाल का रोडमैप
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि संकल्प पत्र तैयार करने से पहले पार्टी ने व्यापक जनसंवाद अभियान चलाया। इसके तहत राज्य के विभिन्न हिस्सों में जाकर लोगों से सुझाव लिए गए। उन्होंने बताया कि तीन लाख से अधिक लोगों ने अपने विचार साझा किए, जिनके आधार पर यह दस्तावेज तैयार किया गया है। सोनोवाल ने कहा कि यह संकल्प पत्र वास्तव में जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है और आगामी कार्यकाल में इन्हीं प्राथमिकताओं के अनुसार काम किया जाएगा।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा कि 2026 का विधानसभा चुनाव असम के भविष्य के लिए बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस चुनाव को सुरक्षित और विकसित असम के लक्ष्य के साथ लड़ रही है। सैकिया ने बताया कि संकल्प पत्र तैयार करने के लिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों से करीब 2.45 लाख सुझाव प्राप्त हुए, जिन्हें ध्यान में रखते हुए विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है।
भाजपा ने संकल्प पत्र में राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने, निवेश बढ़ाने, उद्योगों को प्रोत्साहन देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया है। इसके अलावा कृषि क्षेत्र को मजबूत करने, ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विस्तार करने और पर्यटन को बढ़ावा देने की भी प्रतिबद्धता जताई गई है। पार्टी का दावा है कि इन कदमों से असम की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और राज्य को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने में मदद मिलेगी।
असम में विधानसभा की 126 सीटों के लिए एक चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि चुनाव नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है और मतदाताओं को लुभाने के लिए घोषणाओं का दौर जारी है।
भाजपा का कहना है कि उसका ‘संकल्प पत्र’ केवल चुनावी वादों का दस्तावेज नहीं बल्कि आगामी वर्षों के लिए विकास का खाका है। पार्टी नेतृत्व का दावा है कि पिछले कार्यकाल में किए गए कार्यों के आधार पर जनता एक बार फिर भाजपा को मौका देगी। वहीं विपक्षी दल इस संकल्प पत्र को चुनावी वादा बताते हुए इसकी व्यवहारिकता पर सवाल उठा रहे हैं।
इस तरह ‘संकल्प पत्र’ जारी होने के साथ ही असम विधानसभा चुनाव की राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है। अब सभी दलों की नजर 9 अप्रैल को होने वाले मतदान और 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी है, जो राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा तय करेंगे।

