क्लियरट्रिप का ‘क्रिएटर्स क्लब’ बदलेगा कंटेंट क्रिएटर्स की दुनिया

सोशल मीडिया अब सिर्फ यात्रा की प्रेरणा का मंच नहीं, बल्कि कमाई का नया जरिया भी बनता जा रहा है। इसी बदलते ट्रेंड को देखते हुए क्लियरट्रिप ने ‘क्लियरट्रिप क्रिएटर्स क्लब’ लॉन्च किया है। यह ऐसा एफिलिएट प्रोग्राम है, जो ट्रैवल कंटेंट को सीधे बुकिंग से जोड़कर क्रिएटर्स को उनकी पहुंच और प्रभाव के आधार पर कमाई का अवसर देता है। खास बात यह है कि इसमें शामिल होने के लिए न्यूनतम फॉलोअर्स की कोई शर्त नहीं है, बल्कि एंगेजमेंट को प्राथमिकता दी गई है।

क्लियरट्रिप की चीफ मार्केटिंग एंड रेवेन्यू ऑफिसर पल्लवी सक्सेना ने कहा, “जेन-ज़ेड ने ट्रैवल निर्णय लेने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। अब यात्रा की प्रेरणा सोशल मीडिया से शुरू होती है और इसी बदलाव के केंद्र में क्रिएटर्स हैं।” उन्होंने आगे कहा, “क्लियरट्रिप क्रिएटर्स क्लब हर पोस्ट को कमाई के अवसर और हर बुकिंग को नई प्रेरणा में बदलने का मंच देता है। हमारा लक्ष्य एक ऐसा सतत इकोसिस्टम बनाना है, जिसमें क्रिएटर्स और यात्रियों—दोनों को लाभ मिले।”

पायलट चरण में क्षेत्रीय क्रिएटर्स का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, जिसमें तेलुगु कंटेंट सबसे तेजी से उभरते सेगमेंट्स में शामिल रहा। कंपनी का लक्ष्य 2026 के अंत तक 10,000 से अधिक क्रिएटर्स को इस पहल से जोड़ना है।

 ‘वाराणसी’ में खत्म हुई महायुद्ध की तैयारी!

भारतीय सिनेमा को ‘बाहुबली’ और ‘आरआरआर’ जैसी विश्वस्तरीय ब्लॉकबस्टर देने वाले विज़नरी निर्देशक एस.एस. राजामौली अब अपनी अगली मेगा फिल्म ‘वाराणसी’ के साथ एक और सिनेमाई इतिहास रचने की तैयारी में हैं। महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा जोनास और पृथ्वीराज सुकुमारन अभिनीत यह भव्य एक्शन-एडवेंचर फिल्म पहले ही देश की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हो चुकी है। अब राजामौली ने खुलासा किया है कि फिल्म के सभी विशाल और हाई-वोल्टेज एक्शन सीक्वेंस की शूटिंग पूरी हो चुकी है, जबकि शेष भावनात्मक और कहानी को आगे बढ़ाने वाले दृश्यों की शूटिंग सितंबर या अक्टूबर तक समाप्त हो जाएगी। 

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्म को आईमैक्स के लिए किसी कृत्रिम बदलाव के बजाय उसी विज़न के साथ शूट किया गया है, जिसे शुरुआत से बड़े पर्दे के लिए कल्पना की गई थी। दूसरी ओर, ‘बाहुबली: द इटरनल वॉर’ के जरिए एनिमेशन की दुनिया में भी राजामौली भारतीय कहानी कहने की भव्यता को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के लिए उत्साहित हैं।

7 अप्रैल 2027 को रिलीज होने वाली ‘वाराणसी’ से दर्शकों को एक बार फिर भव्य दृश्य, दमदार भावनाएं और विश्वस्तरीय सिनेमाई अनुभव मिलने की पूरी उम्मीद है।

कारोबारियों के नाम कैशफ्री का फेस्टिव गिफ्ट

त्योहारों के सीज़न से पहले छोटे और उभरते कारोबारियों के लिए बड़ी राहत देते हुए एआई-नेटिव पेमेंट्स कंपनी कैशफ्री पेमेंट्स ने नए बिज़नेस के लिए पहले ₹20 लाख की बिक्री तक 0% पेमेंट गेटवे फीस की घोषणा की है। 31 मार्च 2027 तक लागू यह ऑफर ऑनलाइन कारोबार शुरू करने वाले एसएमबी और डी2सी ब्रांड्स को शुरुआती लागत कम करने और मुनाफा बढ़ाने का अवसर देगा। कंपनी का कहना है कि व्यापारी कुछ ही मिनटों में ऑनबोर्ड हो सकेंगे, अगले दिन पेमेंट सेटलमेंट मिलेगा और पूरे त्योहारी सीज़न में उन्हें डेडिकेटेड अकाउंट मैनेजर का सहयोग भी मिलेगा।

कैशफ्री पेमेंट्स के सह-संस्थापक और सीईओ आकाश सिन्हा ने कहा, “एक एसएमबी या डी2सी बिज़नेस की लगभग 40 फीसदी सालाना बिक्री त्योहारों के सीज़न में होती है। हमारा उद्देश्य इस महत्वपूर्ण समय में व्यापारियों की लागत कम करके उन्हें तेज़ी से आगे बढ़ने का अवसर देना है।”

उन्होंने आगे कहा, “त्योहारों से पहले जुड़ने वाले अधिकांश नए व्यापारी ₹20 लाख से कम की बिक्री करते हैं, इसलिए यह ऑफर उनके पूरे फेस्टिव सीज़न को कवर करता है। इससे वे बचाई गई राशि को इन्वेंट्री, मार्केटिंग और बिज़नेस विस्तार में निवेश कर सकेंगे।”

यह पहल भारत के पेमेंट गेटवे सेक्टर में सबसे आकर्षक ऑफर्स में से एक मानी जा रही है, जो नए कारोबारियों को बिना अतिरिक्त फीस के डिजिटल ग्रोथ का मजबूत लॉन्चपैड देने का वादा करती है।

जब अदालत में खुलेगा धर्मांतरण के रहस्यमयी नेटवर्क का राज, राजन मिश्रा की ‘आर्टिकल 25’ मचाएगी हलचल

सिनेमा जब समाज के संवेदनशील और जटिल मुद्दों को कहानी के जरिए सामने लाता है, तो उसका असर पर्दे से कहीं आगे तक जाता है। ऐसी ही एक कोशिश है बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘आर्टिकल 25’, जो धर्मांतरण, न्याय, सत्ता के कथित दुरुपयोग, राजनीतिक दबाव और साजिश जैसे संवेदनशील विषयों को कोर्टरूम ड्रामा के अंदाज में प्रस्तुत करने जा रही है। मेगापिक्सल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बनी यह फिल्म अब शूटिंग पूरी करने के बाद रिलीज के लिए तैयार है।

फिल्म की कहानी लखनऊ की युवा मनोचिकित्सक सारा शेख के इर्द-गिर्द बुनी गई है। एक भयावह घटना उसकी जिंदगी को पूरी तरह बदल देती है। हालात ऐसे बनते हैं कि उसके सामने परिवार और राजनीतिक दबाव के आगे झुकने या फिर न्याय के लिए आवाज उठाने के बीच चुनाव करने की चुनौती खड़ी हो जाती है। सारा पीछे हटने के बजाय न्याय की लड़ाई लड़ने का फैसला करती है और यहीं से शुरू होती है एक ऐसी कानूनी जंग, जो धीरे-धीरे उसकी निजी जिंदगी से निकलकर एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक सवाल का रूप ले लेती है।

अदालत में मुकदमा जैसे-जैसे आगे बढ़ता है, कहानी की परतें खुलती जाती हैं। सत्ता, भ्रष्टाचार, राजनीतिक साजिश और बड़े स्तर पर धर्मांतरण से जुड़े कथित नेटवर्क के चौंकाने वाले पहलू सामने आने लगते हैं। सारा की लड़ाई अब सिर्फ अपने लिए नहीं रह जाती, बल्कि सच और न्याय की तलाश में बदल जाती है। फिल्म इसी संघर्ष को कोर्टरूम के तनाव, सवाल-जवाब और नाटकीय घटनाक्रम के माध्यम से पर्दे पर उतारने का प्रयास करती है।

‘आर्टिकल 25’ की खासियत इसका संवेदनशील विषय होने के साथ-साथ इसका कोर्टरूम ट्रीटमेंट भी है। फिल्म दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करने की कोशिश करती है कि जब व्यक्तिगत अधिकार, सामाजिक विश्वास, राजनीतिक प्रभाव और न्याय व्यवस्था आमने-सामने हों, तो सच की तलाश कितनी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। फिल्म में यशपाल शर्मा, विन्न मोडगिल, राजगोपाल अय्यर, शक्ति कुमार, सुशील पराशर, आकांक्षा पांडे, पारुल राय और गरिमा कपूर प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। कलाकारों की यह मजबूत टीम कहानी के अलग-अलग किरदारों में जान फूंकने की कोशिश करेगी। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी गौतम चौधरी ने की है, जिससे कहानी के कोर्टरूम तनाव और भावनात्मक उतार-चढ़ाव को प्रभावशाली विजुअल ट्रीटमेंट मिलने की उम्मीद है।

फिल्म का लेखन और निर्देशन राजन मिश्रा एवं अंशुमन श्रीवास्तव ने किया है। इसके निर्माता राजन मिश्रा, तिरस पाल सिंह और अखिलेश त्रिपाठी हैं। मेगापिक्सल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले तैयार की गई यह फिल्म विषय की गंभीरता के साथ-साथ मनोरंजक और प्रभावशाली सिनेमाई प्रस्तुति का दावा करती है। राजन मिश्रा के लिए ‘आर्टिकल 25’ एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। फिल्म के जरिए धर्मांतरण के नेटवर्क और उससे जुड़े कथित दुष्प्रचार को कहानी का हिस्सा बनाया गया है। 

‘आर्टिकल 25’ एक ऐसी कहानी लेकर सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है, जिसमें अदालत सिर्फ मुकदमे की जगह नहीं, बल्कि सच और सत्ता के बीच टकराव का मैदान बनती दिखाई देगी। सवाल कई हैं, जवाब अदालत में तलाशे जाएंगे और फैसला दर्शक करेंगे कि यह कहानी उन्हें कितना सोचने पर मजबूर करती है।

154 कृत्रिम अंगों ने बदली 104 दिव्यांगजनों की जिंदगी

मुंबई में शनिवार को उस समय भावुक और प्रेरणादायक माहौल देखने को मिला, जब 104 दिव्यांगजन अपने जीवन की नई शुरुआत की ओर कदम बढ़ाते नजर आए। वडाला स्थित निको हॉल में आयोजित नारायण सेवा संस्थान के निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं कैलीपर्स वितरण शिविर में 154 अत्याधुनिक कृत्रिम अंगों का वितरण किया गया। यह केवल उपकरणों का वितरण नहीं था, बल्कि उन लोगों को आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता लौटाने का प्रयास था, जो वर्षों से शारीरिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

जापानी और जर्मन तकनीक पर आधारित 3D प्रिंटिंग प्रोस्थेटिक समाधान लाभार्थियों को उपलब्ध कराए गए, जिनकी सटीक फिटिंग और आरामदायक उपयोगिता उन्हें बेहतर गतिशीलता प्रदान करेगी। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के कौशल एवं उद्यमिता विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा, “लाभार्थियों को आत्मनिर्भरता की ओर अपना पहला कदम बढ़ाते देखना हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति रखते हैं।” नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा, “एक कृत्रिम अंग केवल शरीर का सहारा नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और नए सपनों का आधार होता है। हमारा लक्ष्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में सशक्त रूप से स्थापित करना है।”

उल्लेखनीय है कि संस्थान अब तक 39,591 से अधिक दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग उपलब्ध करा चुका है, जबकि 4.52 लाख से अधिक लोगों को निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं। मुंबई का यह शिविर सेवा, संवेदना और सामाजिक सशक्तिकरण का एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा।

लॉजिस्टिक्स सुधार से वैश्विक दौड़ में आगे बढ़ेगा भारत

भारत का खनन और धातु (माइनिंग एंड मेटल्स) क्षेत्र वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मजबूत कर सकता है, बशर्ते लॉजिस्टिक्स को केवल परिवहन नहीं बल्कि रणनीतिक आधार के रूप में देखा जाए। फिक्की के ‘एन्हांसिंग कॉम्पिटिटिवनेस ऑफ माइनिंग एंड मेटल्स’ सम्मेलन में विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि भारत में माल ढुलाई की लागत दुनिया के कई देशों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी है, लेकिन बिखरे हुए मल्टीमॉडल नेटवर्क, खदानों तक कमजोर कनेक्टिविटी और सड़क परिवहन पर अत्यधिक निर्भरता उद्योग की गति धीमी कर रही है। सम्मेलन में आधुनिक तकनीक, समर्पित फ्रेट कॉरिडोर और डिजिटल समाधान अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।

पूर्व नीति आयोग सदस्य डॉ. वी. के. सारस्वत ने कहा, “लॉजिस्टिक्स को माइनिंग और मेटल्स सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का रणनीतिक निर्धारक माना जाना चाहिए।” उन्होंने बताया कि खदानों तक पहले और अंतिम मील की कनेक्टिविटी, सड़क परिवहन पर अत्यधिक निर्भरता और खनिज ढुलाई की मौजूदा चुनौतियां उद्योग की लागत बढ़ा रही हैं। उन्होंने समर्पित मिनरल फ्रेट कॉरिडोर, कन्वेयर सिस्टम, स्लरी पाइपलाइन, पोर्ट मैकेनाइजेशन और डिजिटलाइजेशन सहित 10 सूत्रीय राष्ट्रीय रणनीति का सुझाव दिया।

फिक्की-डेलॉइट की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार भारत की फ्रेट टैरिफ वैश्विक मानकों के अनुरूप है, लेकिन बिखरा हुआ लॉजिस्टिक्स नेटवर्क इसकी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को कम कर रहा है। रेलवे बोर्ड के अतिरिक्त सदस्य (ट्रैफिक) देवेंद्र कुमार ने बताया कि रेलवे एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स सेवाओं का विस्तार कर रहा है और भविष्य में दो किलोमीटर लंबी मालगाड़ियां भी भारतीय ट्रैक पर दौड़ सकती हैं। सम्मेलन में यह भी रेखांकित किया गया कि 2047 के विकसित भारत लक्ष्य को हासिल करने के लिए माल ढुलाई क्षमता में कई गुना वृद्धि और आधुनिक, टिकाऊ लॉजिस्टिक्स अवसंरचना का निर्माण अनिवार्य होगा।

कला से मनोरंजन तक, American Express Card Members के लिए NMACC में खास सुविधाओं की सौगात

कला, संस्कृति, मनोरंजन और हॉस्पिटैलिटी के अनुभवों को और खास बनाने की दिशा में अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कोर्प., इंडिया और नीता मुकेश अम्बानी कल्चरल सेंटर (NMACC) ने रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस सहयोग के तहत पात्र अमेरिकन एक्सप्रेस इंडिया कार्ड मेंबर्स को NMACC में चुनिंदा सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अनुभवों तक विशेष पहुंच मिलेगी।

अमेरिकन एक्सप्रेस इस साझेदारी में प्रेफेर्रेड पेमेंट्स पार्टनर के रूप में कार्ड सदस्यों को प्री-सेल और चुनिंदा प्रस्तुतियों में कॉम्प्लिमेंट्री एक्सेस, विशेष डाइनिंग बेनिफिट्स, प्रीमियम सेवाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने के अवसर प्रदान करेगा।

अमेरिकन एक्सप्रेस इंडिया के सीईओ और कंट्री मैनेजर संजय खन्ना ने कहा, “भारत की कला और संस्कृति की विरासत असाधारण है। NMACC ने इसे दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के साथ वैश्विक अनुभवों को भारत तक पहुंचाने का शानदार मंच बनाया है।”

वहीं, जिओ वर्ल्ड सेंटर के सीईओ देवेंद्र भरमा ने कहा, “भारत की समृद्ध कलात्मक विरासत का उत्सव मनाने और भारत व दुनिया के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए यह साझेदारी स्वाभाविक कदम है।” यह सहयोग दोनों संस्थाओं के उस साझा दृष्टिकोण को मजबूत करता है, जिसमें संस्कृति के जरिए लोगों को जोड़ते हुए दर्शकों को यादगार और विशिष्ट अनुभव उपलब्ध कराना शामिल है।

TPS Music पर रोमांस की नई बहार, तिवारी सरकार के गीतों की होगी लगातार बारिश

हिंदी म्यूजिक इंडस्ट्री में TPS Music लगातार नए और भव्य म्यूजिक प्रोजेक्ट्स के साथ अपनी अलग पहचान बना रहा है। अभिनेता, निर्माता और निर्देशक एसके तिवारी (तिवारी सरकार) एक बार फिर अपने नए रोमांटिक गीत “तारा जो टूटा हुआ है” के जरिए दर्शकों के दिलों को छूने की तैयारी में हैं। अमित गुप्ता की मधुर आवाज, यश ईश्वरी के भावपूर्ण बोल और तिवारी सरकार का दमदार अभिनय इस गीत को खास बनाते हैं।

पोस्ट-प्रोडक्शन के अंतिम चरण में पहुंचा यह म्यूजिक वीडियो जल्द ही रिलीज होगा। इसके साथ ही TPS Music पर उदित नारायण, जावेद अली, मोहम्मद इरफान, शहजाद अली, दिव्या कुमार, अमित गुप्ता और सुदेश भोसले जैसे दिग्गज गायकों के कई नए गीत भी रिलीज होने वाले हैं, जिनकी शूटिंग मुंबई में तेज़ी से जारी है। दूसरी ओर, सनातन वर्ल्ड के माध्यम से एसके तिवारी भक्ति संगीत को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। रोमांस और आध्यात्म—दोनों रंगों को साथ लेकर चल रहा यह संगीत सफर जल्द ही उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘कोतवाल’ के साथ एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है।

‘राजमहल बना दूँ पटना में’ ने सोशल मीडिया पर मचाया धमाल

राज रंजीत और युक्ति कपूर पर फिल्माया गया बॉलीवुड स्टाइल म्यूजिक वीडियो “राजमहल बना दूँ पटना में” महज़ 10 दिनों में 2 करोड़ (20 मिलियन) से अधिक व्यूज़ हासिल कर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। मशहूर कोरियोग्राफर गणेश आचार्य के निर्देशन और हूक स्टेप ने इस गीत को वायरल बना दिया है, जबकि अमित मिश्रा और कल्पना पटवारी की आवाज़ तथा कुणाल मिश्रा के संगीत ने इसे चार्टबस्टर का दर्जा दिलाया। मुंबई के बॉम्बे कॉकटेल बार में फिल्माए गए इस गीत में राज रंजीत और युक्ति कपूर की केमिस्ट्री को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है और लाखों रील्स इस पर बनाई जा चुकी हैं।

राज रंजीत कहते हैं, “मैं सभी दर्शकों का दिल से आभारी हूँ। एक नए चेहरे को 20 मिलियन लोगों का प्यार मिलना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।” अपने म्यूजिक लेबल हर्ष म्यूजिक रिकॉर्ड्स (एचएमआर) के जरिए राज रंजीत अब साफ-सुथरे और पारिवारिक संगीत को बढ़ावा देना चाहते हैं। इसी सोच के तहत भोजपुरी गीत “सेनूरा का कसूर” और “विवाह रीत” भी रिलीज किए गए हैं। ‘विवाह रीत’ में जरीना वहाब और पल्लवी सिंह जैसे कलाकार पारिवारिक मूल्यों और बिहार की सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत करते नज़र आते हैं।

राज रंजीत का कहना है, “हमारा उद्देश्य नए कलाकारों को मंच देना और राजश्री व यश चोपड़ा की फिल्मों जैसी पारिवारिक और संस्कारपूर्ण संगीत परंपरा को आगे बढ़ाना है।”

पल्लवी सिंह ने कहा, “जरीना वहाब जी के साथ काम करना यादगार अनुभव रहा। ‘विवाह रीत’ की विदाई वाले दृश्य की शूटिंग के दौरान मैं सचमुच भावुक हो गई थी।” 150 से अधिक म्यूजिक एल्बमों में अपनी आवाज़ दे चुके राज रंजीत अब अभिनेता, गायक और निर्माता के रूप में एचएमआर को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के मिशन पर हैं।

जागरूकता से मजबूत हो रहा किसान समुदाय

साक्षरता अब सिर्फ पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं रही। अपने अधिकारों को समझना, जरूरी दस्तावेजों की जानकारी रखना और सही समय पर सही फैसला लेना भी साक्षरता का अहम हिस्सा है। खासकर किसानों के लिए जागरूकता उनकी जमीन, आजीविका और भविष्य से सीधे जुड़ी है।

इसी सोच को आगे बढ़ा रही है खावड़ा 4C पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड, जो परियोजना से जुड़े किसानों को भूमि मुआवजा प्रक्रिया, स्वामित्व रिकॉर्ड, जरूरी दस्तावेज और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। भिवंडी तालुका में पोट हिस्सा सर्वेक्षण इसका प्रभावी उदाहरण है। TILR और SDM भिवंडी के सहयोग से 16 में से 15 गांवों में 115 में से 105 सर्वे नंबरों का महज तीन दिनों में मानचित्रण किया गया। इससे सत्यापित स्वामित्व रिकॉर्ड के आधार पर मुआवजा प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिली।

निनाद पितले (सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं ग्रुप हेड, कॉर्पोरेट अफेयर्स, खावड़ा 4C पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड) कहते हैं, “साक्षरता सिर्फ पढ़ने और लिखने तक सीमित नहीं है। अपने अधिकारों, जिम्मेदारियों और आजीविका से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझना भी उतना ही जरूरी है। जागरूक किसान ही सशक्त किसान है। लगातार संवाद और सही जानकारी से भ्रांतियां दूर होती हैं और समुदाय विकास प्रक्रिया में अधिक भरोसे व आत्मविश्वास के साथ भागीदार बनता है।”