भारत की पहली पत्रकार डॉ. वैदेही तामण ने कश्मीर की आध्यात्मिक और सभ्यतागत विरासत पर लिखीं पाँच विशेष क्रॉनिकल्स

ऐसे समय में जब कश्मीर अक्सर राजनीति, सुरक्षा और समकालीन मुद्दों के संदर्भ में चर्चा का विषय बनता है, महाराष्ट्र की वरिष्ठ पत्रकार, लेखिका और शोधकर्ता डॉ. वैदेही तामण ने एक अनूठी उपलब्धि हासिल की है। कश्मीर की आध्यात्मिक, साहित्यिक और सभ्यतागत विरासत पर पाँच विशेष क्रॉनिकल्स लिखकर वह ऐसा करने वाली भारत की पहली पत्रकार बन गई हैं।

पिछले कई वर्षों से डॉ. तामण ने कश्मीर घाटी की व्यापक यात्राएँ कर वहां की प्राचीन परंपराओं, संतों, दार्शनिकों, रहस्यवादियों, सांस्कृतिक विरासत और सभ्यतागत स्मृतियों पर गहन शोध किया है। उनका कार्य कश्मीर के उस पक्ष को सामने लाता है जो मुख्यधारा की पत्रकारिता में अपेक्षाकृत कम दिखाई देता है।

परंपरागत रिपोर्टिंग से अलग, डॉ. तामण की कश्मीर यात्रा वर्षों के फील्ड रिसर्च, विद्वानों, इतिहासकारों, लेखकों, सांस्कृतिक हस्तियों और स्थानीय लोगों के साथ संवाद का परिणाम है। उनका उद्देश्य केवल इतिहास का अध्ययन करना नहीं, बल्कि उसे आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करना भी है।

उनकी पुस्तकों में “Lal Ded – The Mother of Kashmir”, “Abhinavagupta – The Voice of Eternal Shiva” तथा नीलमत पुराण से जुड़े अध्ययन शामिल हैं। ये कृतियाँ कश्मीर की प्राचीन परंपराओं, पवित्र भूगोल, दर्शन, साहित्य और आध्यात्मिक विकास को विस्तार से प्रस्तुत करती हैं।

लाल डेड पर उनकी पुस्तक 14वीं शताब्दी की महान संत-कवयित्री के जीवन और विचारों को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। वहीं अभिनवगुप्त पर उनका शोध कश्मीर शैव दर्शन, भारतीय सौंदर्यशास्त्र और आध्यात्मिक चिंतन की समृद्ध परंपरा को सामने लाता है।

डॉ. तामण का मानना है कि कश्मीर को केवल वर्तमान राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से नहीं समझा जा सकता, बल्कि उसकी गहरी सांस्कृतिक और बौद्धिक जड़ों को भी जानना आवश्यक है।

डॉ. वैदेही तामण कहती हैं, “कश्मीर सुर्खियों से कहीं अधिक है। उसका दिव्य इतिहास पुस्तकों में संरक्षित होना चाहिए। जो इतिहास लिखा जाता है, वह हमेशा जीवित रहता है। मेरा प्रयास उसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सहेजना है।”

उनके कार्य को जम्मू-कश्मीर के साहित्यिक और सांस्कृतिक जगत में भी सराहना मिली है। उनकी पुस्तक “Lal Ded – The Mother of Kashmir” का लोकार्पण श्रीनगर में आयोजित लाल डेड लिटरेरी अवॉर्ड्स समारोह में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की उपस्थिति में किया गया था।

गुलशन बुक्स, कश्मीर द्वारा प्रकाशित उनकी पुस्तकों ने कश्मीर की साहित्यिक, दार्शनिक और आध्यात्मिक परंपराओं पर नई चर्चा को जन्म दिया है।

डॉ. तामण की पाँच विशेष कश्मीर क्रॉनिकल्स केवल पुस्तकें नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक स्मृति को संरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास हैं। उनके लिए कश्मीर केवल एक समाचार नहीं, बल्कि एक इतिहास, एक दर्शन, एक आध्यात्मिक विरासत और एक सभ्यतागत धरोहर है, जिसे समझना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना आवश्यक है।

लैब-ग्रोन डायमंड ज्वैलरी में नया दांव, 30 सितंबर को खुलेगा नित्यास जेम्स का आईपीओ

लैब-ग्रोन डायमंड से जड़ी सोने की ज्वैलरी के डिजाइन, निर्माण और बिक्री से जुड़ी नित्यास जेम्स एंड ज्वैलरी लिमिटेड का आईपीओ 30 सितंबर 2026 को खुलने जा रहा है। कंपनी इस इश्यू के जरिए ऊपरी मूल्य बैंड पर करीब 108.42 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। आईपीओ के लिए 70 से 75 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का मूल्य दायरा तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 200 शेयरों का है। इश्यू में कुल 1,44,56,000 इक्विटी शेयर शामिल हैं, जिनका अंकित मूल्य 5 रुपये प्रति शेयर है।

कंपनी के अनुसार, आईपीओ से प्राप्त शुद्ध राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से कार्यशील पूंजी की जरूरतों और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 29 सितंबर को होगी, जबकि आईपीओ 5 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। कंपनी के शेयरों को एनएसई और बीएसई पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है।

इश्यू में योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत, गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) के लिए न्यूनतम 15 प्रतिशत और खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत हिस्सेदारी निर्धारित की गई है। चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड इस इश्यू की बुक रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड रजिस्ट्रार है।वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने 2,028.94 मिलियन रुपये का राजस्व, 309.74 मिलियन रुपये का ईबीआईटीडीए और 223.15 मिलियन रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। कंपनी प्रबंधन के अनुसार, आईपीओ से मिलने वाली पूंजी कारोबार के विस्तार के साथ-साथ विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने में मदद करेगी। 

लाल साड़ी में छाईं मधुरिमा तुली, जन्मदिन के जश्न ने जोड़ी ग्लैमर में रिश्तों की गर्माहट

अभिनेत्री मधुरिमा तुली के हालिया दो खास मौके उनके व्यक्तित्व के दो बेहद खूबसूरत पहलुओं को सामने लाते हैं—एक तरफ उनका शानदार फैशन सेंस, तो दूसरी तरफ अपनों के साथ रिश्तों को लेकर उनकी सादगी और भावनात्मक जुड़ाव। अवॉर्ड फंक्शन में लाल साड़ी में नजर आईं माधुरिमा ने जहां अपने क्लासिक ग्लैमर से महफिल लूट ली, वहीं जन्मदिन का निजी जश्न उन्होंने दोस्तों और परिवार के बीच प्यार, हंसी और खूबसूरत यादों के साथ मनाया।

अवॉर्ड फंक्शन में माधुरिमा का लाल साड़ी वाला लुक खास आकर्षण का केंद्र रहा। खूबसूरत ड्रेपिंग, मैचिंग फिटेड ब्लाउज़ और सॉफ्ट रेडिएंट मेकअप ने उनके पूरे अंदाज़ को बेहद एलिगेंट बना दिया। उन्होंने भारी-भरकम एक्सेसरीज या जरूरत से ज्यादा सजावट के बजाय सादगी को अपनी खूबसूरती की सबसे बड़ी ताकत बनाया। लाल रंग ने उनके लुक में ग्लैमर, आत्मविश्वास और भारतीय नारीत्व का शानदार मेल पेश किया।

अगर रेड कार्पेट पर मधुरिमा का अंदाज़ ग्लैमर और आत्मविश्वास की कहानी कहता नजर आया, तो उनके जन्मदिन का जश्न उनकी जिंदगी में रिश्तों की अहमियत को सामने लाया। भव्य पार्टी के बजाय उन्होंने अपने करीबी दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताना पसंद किया। केक कटिंग, हंसी-मजाक, गले मिलना और दिल से दी गई शुभकामनाओं ने इस शाम को बेहद आत्मीय बना दिया।

इस खास मौके पर मधुरिमा के चेहरे की मुस्कान और अपनों के साथ बिताए सहज पल इस बात की गवाही देते रहे कि जिंदगी की सबसे खूबसूरत यादें हमेशा बड़े आयोजनों से नहीं बनतीं। कई बार परिवार और दोस्तों के साथ बिताया गया सुकून भरा समय ही सबसे अनमोल बन जाता है। मधुरिमा ने अपने जन्मदिन के जश्न को लेकर कहा कि उनके लिए जन्मदिन तब और खास हो जाता है, जब आसपास ऐसे लोग मौजूद हों जो उन्हें दिल से प्यार करते हैं और हर कदम पर साथ देते हैं। उनकी बातों में अपने रिश्तों के प्रति आभार और जिंदगी में मिले प्यार की अहमियत साफ झलकती है।

मधुरिमा तुली के ये दोनों अंदाज़ मिलकर उनकी एक ऐसी तस्वीर पेश करते हैं, जिसमें ग्लैमर और सादगी एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि खूबसूरत साथी नजर आते हैं। एक ओर लाल साड़ी में उनका आत्मविश्वास फैशन की दुनिया में अपनी छाप छोड़ता है, तो दूसरी ओर अपनों के बीच उनकी सहज मुस्कान बताती है कि असली खूबसूरती रिश्तों और भावनाओं से भी जुड़ी होती है।

फीफा अध्यक्ष के विशेष निमंत्रण से उर्वशी रौतेला ने रचा इतिहास

भारतीय अभिनेत्री उर्वशी रौतेला ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया है। फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो से विशेष निमंत्रण प्राप्त करने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री बनने का दावा उनके वैश्विक सफर में एक नया अध्याय जोड़ता है। इस खास मुलाकात के दौरान इन्फैन्टिनो ने उर्वशी को “ग्लोबल आइकन सुपरस्टार” बताते हुए उनसे मिलकर खुशी जाहिर की, जिसके बाद यह चर्चा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। 

पिछले कुछ वर्षों में उर्वशी ने फैशन, मनोरंजन और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में अपनी प्रभावशाली मौजूदगी से अलग पहचान बनाई है। दुनिया के बड़े मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली उर्वशी आज वैश्विक मनोरंजन जगत में एक चर्चित भारतीय चेहरा बन चुकी हैं। फीफा अध्यक्ष से मिला यह सम्मान केवल उनकी लोकप्रियता का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय प्रतिभा की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का भी संकेत माना जा रहा है। उनके प्रशंसक इसे देश के लिए गर्व और उर्वशी के अंतरराष्ट्रीय सफर की एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं।

आयुष्मान खुराना की जालना यात्रा, बच्चों की सुरक्षा का संदेश

प्रसिद्ध अभिनेता और यूनिसेफ इंडिया के राष्ट्रीय एम्बेसडर आयुष्मान खुराना ने महाराष्ट्र के जालना में सीजनल माइग्रेशन से प्रभावित बच्चों और परिवारों से मुलाकात कर सुरक्षित बचपन का मजबूत संदेश दिया। यूनिसेफ समर्थित किनशिप और कम्युनिटी केयर कार्यक्रम के तहत बच्चों को परिवार और समुदाय के संरक्षण में रखते हुए उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और मानसिक सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

खुराना ने कहा, “किसी भी बच्चे को अपनी परिस्थितियों के कारण अपना बचपन नहीं खोना चाहिए। किनशिप केयर केवल सुरक्षित घर नहीं देता, बल्कि रिश्तों को बनाए रखता है, आत्मविश्वास लौटाता है और बेहतर भविष्य की उम्मीद देता है।” उन्होंने युवा वालंटियरों, बालमित्रों, किशोरियों और परिवारों से संवाद कर जमीनी बदलाव को समझा। उन्होंने 18 वर्षीय शिल्पा का उदाहरण देते हुए कहा, “लड़कियों के सपने पूरे हो सकते हैं, जब बच्चे शिक्षित, स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण में बड़े होते हैं।”

यूनिसेफ के कार्यवाहक प्रतिनिधि जेस्पर मोलर ने कहा, “बच्चों के खिलाफ हिंसा रोकी जा सकती है। हमें ऐसी प्रणालियों को मजबूत करना होगा, जो जोखिमों की पहचान कर परिवारों को जरूरी सेवाओं से जोड़ें।”
जालना में 2024-25 के दौरान 5,800 से अधिक बच्चे किनशिप केयर में बने रहे। यह पहल शिक्षा से जुड़े रहने के साथ बाल मजदूरी और बाल विवाह जैसे जोखिमों को कम करने में भी मदद कर रही है।

मुंह का अल्सर न करें नजरअंदाज, बच सकती है जिंदगी: हेड एंड नेक कैंसर पर विशेषज्ञ की चेतावनी

भारत में हेड एंड नेक कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच विशेषज्ञों ने इलाज के बाद भी सतर्क रहने की जरूरत पर जोर दिया है। विश्व हेड एंड नेक कैंसर दिवस के अवसर पर एसएसओ हॉस्पिटल के हेड एंड नेक कैंसर सर्जन डॉ. अमित चक्रवर्ती ने बताया कि इलाज करा चुके मरीजों में कैंसर दोबारा होने की आशंका बनी रहती है, इसलिए नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली बेहद जरूरी है।

डॉ. अमित चक्रवर्ती कहते हैं, “हेड एंड नेक कैंसर का इलाज करा चुके हर 100 मरीजों में से 20 से 40 मरीजों में कैंसर दोबारा हो सकता है। लेकिन समय पर पहचान और नियमित फॉलो-अप से इसका सफल इलाज संभव है।”

43 वर्षीय मिहिर जोबनपुत्रा और 70 वर्षीय दिनकर आढाव ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि समय पर जांच और सर्जरी के कारण वे आज स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। दोनों ने लोगों से तंबाकू और धूम्रपान से दूर रहने तथा मुंह में अल्सर, सफेद दाग या किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करने की अपील की। विशेषज्ञों के अनुसार तंबाकू, गुटखा, सुपारी, शराब और एचपीवी संक्रमण हेड एंड नेक कैंसर के प्रमुख कारण हैं। एसएसओ हॉस्पिटल जल्द ही हेड एंड नेक कैंसर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू करने जा रहा है, जहां जांच, सर्जरी, रिकंस्ट्रक्टिव उपचार, रेडिएशन, पुनर्वास और फॉलो-अप जैसी सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।

कान्स की चमक लेकर ALF NOVA के उद्घाटन में छाईं कोमल ठक्कर  

कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर तीन बार अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकीं अभिनेत्री कोमल ठक्कर ने पवई के हिरानंदानी गार्डन्स में ALF NOVA एस्थेटिक स्किन क्लिनिक का उद्घाटन किया। कान्स के ग्लोबल मंच से लेकर मुंबई की एस्थेटिक और वेलनेस इंडस्ट्री तक, कोमल ठक्कर की मौजूदगी ने इस खास मौके को ग्लैमर और सेलिब्रेशन से भर दिया।

ALF NOVA की स्थापना कंसल्टिंग एस्थेटिक फिजिशियन, कॉस्मेटोलॉजिस्ट, ट्राइकोलॉजिस्ट एवं एस्थेटिक गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. अलिफिया रिज़वी ने की है। उद्घाटन समारोह में उन्होंने आधुनिक दौर में एस्थेटिक और वेलनेस सेवाओं की बढ़ती मांग पर बात करते हुए लोगों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम में शिवाज सैलून के शिवराम भंडारी, मैग्नेट पब्लिशिंग के संस्थापक एवं सोसाइटी अचीवर्स मैगजीन के प्रकाशक अशोक धामणकर, बिल्डर डॉ. अख्तर रिज़वी तथा रिज़वी एजुकेशन सोसाइटी की निदेशक एडवोकेट रुबीना रिज़वी सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। अतिथियों ने पारंपरिक दीप प्रज्वलन कर क्लिनिक के नए सफर की शुरुआत की और डॉ. अलिफिया रिज़वी को शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर कोमल ठक्कर ने कहा कि आज के तेज़ रफ्तार दौर में आत्मविश्वास और व्यक्तित्व की प्रस्तुति का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, आधुनिक एस्थेटिक क्लिनिक लोगों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने डॉ. अलिफिया रिज़वी को नई पहल के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

गुजराती सिनेमा में अपनी अलग पहचान बना चुकीं कोमल ठक्कर Aa To Prem Chhe, Kasoombo, Hameer और Sanghvi & Sons जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। वर्ष 2022, 2023 और 2025 में कान्स फिल्म फेस्टिवल में उनकी उपस्थिति ने उनके करियर में अंतरराष्ट्रीय ग्लैमर का एक और अध्याय जोड़ा। एडवोकेट रुबीना रिज़वी ने इस मौके को परिवार के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि डॉ. अलिफिया रिज़वी ने ALF NOVA को स्थापित करने के लिए अथक मेहनत की है। उनके अनुसार, यह क्लिनिक एस्थेटिक मेडिसिन के प्रति डॉ. अलिफिया के समर्पण और लोगों में आत्मविश्वास जगाने की उनकी सोच को दर्शाता है।

कान्स के रेड कार्पेट पर तीन बार चल चुकीं कोमल ठक्कर की मौजूदगी और ALF NOVA की नई शुरुआत ने इस उद्घाटन समारोह को खास बना दिया। ग्लैमर, एस्थेटिक केयर और वेलनेस के इस संगम में समारोह ने यह भी रेखांकित किया कि आज खूबसूरती के साथ आत्मविश्वास और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति को भी समान महत्व दिया जा रहा है।

माउंट मैरी फेयर में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश

मुंबई के बांद्रा में आयोजित माउंट मैरी फेयर 2026 में आस्था और सामुदायिक सहभागिता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देखने को मिला। हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज (HCCB), BMC और Sangam Pratishthan के सहयोग से GreenSweep पहल के तहत इस्तेमाल की गई PET बोतलों के जिम्मेदारीपूर्ण संग्रह और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मेले में 20 से अधिक स्वयंसेवकों को प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है, जो श्रद्धालुओं और आगंतुकों को निर्धारित संग्रह केंद्रों का इस्तेमाल करने तथा कचरे के स्रोत स्तर पर पृथक्करण के लिए जागरूक कर रहे हैं। एकत्र PET बोतलों को अधिकृत रीसाइक्लिंग माध्यमों के जरिए आगे भेजने की व्यवस्था की गई है।

इस पहल की खासियत केवल संग्रह अभियान तक सीमित नहीं है। मराठी और हिंदी में पथनाट्य व नुक्कड़ नाटकों के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश सरल और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। Sangam Pratishthan की सचिव Komal Ghag Nadar ने कहा, “माउंट मैरी फेयर विभिन्न समुदायों को जोड़ता है।

GreenSweep के माध्यम से हमारा प्रयास है कि सामुदायिक भागीदारी, स्वयंसेवकों और जागरूकता गतिविधियों के जरिए PET बोतलों के जिम्मेदारीपूर्ण संग्रह और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा मिले।” यह अभियान HCCB के महाराष्ट्र सरकार के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और MPCB के साथ Maha r-PET Abhiyaan के तहत चल रहे सहयोग को भी आगे बढ़ाता है।

ऑफलाइन’ के लिए जावेद खान का ट्रांसफॉर्मेशन

फिल्मी दुनिया में शानदार अभिनय सिर्फ कैमरे के सामने नहीं, बल्कि उसके पीछे की अथक मेहनत से जन्म लेता है—और अभिनेता जावेद खान इसका जीता-जागता उदाहरण बनकर उभर रहे हैं। अपनी आगामी फिल्म ‘ऑफलाइन’ के लिए उनकी तैयारी की झलक जब हाल ही में सामने आई, तो उसने यह साफ कर दिया कि वह इस भूमिका को सिर्फ निभा नहीं रहे, बल्कि उसे पूरी तरह जी रहे हैं।

बिहाइंड-द-सीन्स तस्वीरों में जावेद का रफ-टफ अंदाज़, थकान से भरा चेहरा और आंखों में झलकती गहरी एकाग्रता उनके किरदार की गंभीरता को बयां करती है। हर शॉट से पहले की उनकी रिहर्सल, सीन के बीच भी उनका फोकस और सेट पर अनुशासित दिनचर्या इस बात का संकेत है कि उन्होंने अपने प्रदर्शन को एक नए स्तर तक ले जाने का संकल्प लिया है।

सूत्रों की मानें तो ‘ऑफलाइन’ जावेद के करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण फिल्मों में से एक है, जिसमें उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों ही सीमाओं को पार करना पड़ा है। यही वजह है कि उनके इस समर्पण ने न सिर्फ टीम बल्कि फैंस को भी प्रभावित किया है।

अगर ये झलकियां कोई संकेत हैं, तो ‘ऑफलाइन’ में दर्शकों को जावेद खान का अब तक का सबसे गहन और प्रभावशाली रूप देखने को मिल सकता है।

वर्मोरा ग्रैनिटो आईपीओ की धमाकेदार एंट्री, 22 सितंबर से खुलेगा वाला इश्यू

वर्मोरा ग्रैनिटो लिमिटेड का बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) 22 सितंबर 2026, मंगलवार को खुलने जा रहा है। कंपनी ने आईपीओ के लिए ₹140 से ₹148 प्रति इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू 24 सितंबर को बंद होगा, जबकि एंकर निवेशकों के लिए बोली 21 सितंबर को खुलेगी।

निवेशक न्यूनतम 101 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे और इसके बाद 101 शेयरों के गुणकों में आवेदन किया जा सकेगा। कंपनी के आईपीओ में ₹3,200 करोड़ तक का फ्रेश इश्यू शामिल है। इसके अलावा कटसूरा इंवेस्टमेंट्स द्वारा 2,62,17,634 इक्विटी शेयरों तक का ऑफर फॉर सेल भी शामिल है। आईपीओ के बाद वर्मोरा ग्रैनिटो के इक्विटी शेयरों को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है, जिसमें एनएसई को डेजिग्नेटेड स्टॉक एक्सचेंज बनाया गया है।

कंपनी ने यह ऑफर बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के तहत पेश किया है।