ईरान पर अमेरिका का कड़ा रुख, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ने कहा- लक्ष्य पूरा होने तक जारी रहेगा अभियान
ईरान के खिलाफ जारी सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस से राष्ट्र को संबोधित करते हुए अपने रुख को और सख्त कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि जब तक सभी रणनीतिक लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते, तब तक अमेरिका की सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। ट्रम्प ने इसे सिर्फ मौजूदा संघर्ष नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी लड़ाई बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका दुश्मन को पूरी तरह तबाह कर सकता है। अपने संबोधन में ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी सेना आधुनिक हथियारों के साथ लगातार कार्रवाई कर रही है और अत्याधुनिक बमवर्षक विमानों ने ईरान में प्रभावी भूमिका निभाई है। उनके मुताबिक ईरान के सैन्य ठिकानों और मिसाइल क्षमता को निशाना बनाया जा रहा है। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान बड़े पैमाने पर मिसाइलें तैयार कर रहा था और अमेरिका उसे किसी भी कीमत पर परमाणु ताकत नहीं बनने देगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वहां के शासन को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है और यह कार्रवाई अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी थी। उन्होंने अपने फैसलों की तुलना पिछले प्रशासन से करते हुए कहा कि किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने वह नहीं किया जो उन्होंने किया है। ट्रम्प ने पूर्व राष्ट्रपति Barack Obama पर आरोप लगाया कि उन्होंने ईरान को बड़ी आर्थिक मदद दी थी, जबकि उनकी सरकार ने उस नीति को समाप्त कर दिया।
ट्रम्प ने दावा किया कि युद्ध के बाद अमेरिका को भारी निवेश मिला है। ऊर्जा संकट को लेकर उठ रही चिंताओं पर उन्होंने कहा कि तेल की कोई कमी नहीं होगी क्योंकि वैकल्पिक आपूर्ति के इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तो बिजली संयंत्रों और अन्य महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बनाया जा सकता है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका के पास सभी विकल्प मौजूद हैं और वह पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि बड़े संघर्ष लंबा समय लेते हैं, लेकिन अमेरिका अपने लक्ष्य तक पहुंचकर ही रुकेगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और समझौते पर दो से तीन सप्ताह में फैसला
भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह दिए गए संबोधन में ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में जाकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। उनके अनुसार, संघर्ष समाप्त होने के बाद यह मार्ग खुल जाएगा और वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतों में गिरावट आएगी। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी और आने वाले दो से तीन सप्ताह में और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष समाप्ति की ओर बढ़ रहा है और अमेरिका का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ट्रम्प ने संकेत दिया कि आने वाले हफ्तों में समझौते की संभावना भी है, लेकिन यदि बातचीत सफल नहीं हुई तो अमेरिका और आक्रामक रणनीति अपना सकता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ अहम पुलों और महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बनाया जा सकता है। ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान वार्ता की मेज पर आता है, तो यह बेहतर विकल्प होगा। हालांकि उन्होंने दोहराया कि अमेरिका को रोकना मुश्किल है और कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक सभी लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। उनके बयान के बाद वैश्विक स्तर पर तनाव और बढ़ गया है, खासकर ऊर्जा बाजार और मध्य पूर्व की सुरक्षा को लेकर चिंताएं तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अंत में कहा कि स्थिति पर अमेरिका की नजर बनी हुई है और जल्द राहत मिल सकती है। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो कार्रवाई और तेज होगी। ट्रम्प के इस कड़े रुख से संकेत मिल रहे हैं कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अभी और बढ़ सकता है और आने वाले सप्ताह इस संघर्ष की दिशा तय करेंगे।

