मलेशिया का नया पर्यटन दांव, 2027 तक बढ़ा ‘विज़िट मलेशिया’ अभियान

भारतीय पर्यटकों के बढ़ते वैश्विक महत्व को देखते हुए मलेशिया ने अपने पर्यटन अभियान को और रफ्तार दी है। ‘विज़िट मलेशिया 2026’ अभियान को अब 2027 तक बढ़ा दिया गया है। इसी कड़ी में 12 से 20 अगस्त के बीच चेन्नई, मुंबई और नई दिल्ली में ‘सेल्स मिशन सीरीज़ 2’ का आयोजन किया जा रहा है।

टूरिज्म मलेशिया के महानिदेशक मोहम्मद अमीरुल रिज़ाल अब्दुल रहीम के नेतृत्व में और बैटिक एयर के सहयोग से आयोजित इस रोड शो में 47 मलेशियाई पर्यटन हितधारक हिस्सा ले रहे हैं। भारत-मलेशिया के बीच हर सप्ताह 190 से अधिक सीधी उड़ानें 37,000 से ज्यादा यात्रियों की क्षमता उपलब्ध करा रही हैं।

मलेशिया अब भारतीयों को सिर्फ कुआलालंपुर तक सीमित नहीं रखना चाहता। “लंगकावी, पेनांग, सारावाक, जोहोर और सबाह जैसे गंतव्य भारतीय यात्रियों के लिए रोमांच, संस्कृति, खरीदारी और डेस्टिनेशन वेडिंग के नए अनुभव खोलते हैं।”

दिसंबर 2023 में वीजा-मुक्त प्रवेश सुविधा शुरू होने के बाद 2025 में 15 लाख से अधिक भारतीय मलेशिया पहुंचे। “भारत अब हमारे शीर्ष पांच अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन बाजारों में है और हमारा लक्ष्य इस गति को और मजबूत करना है।” इसके लिए भारतीय यात्रियों के लिए आकर्षक और विशेष ट्रैवल पैकेज भी पेश किए जा रहे हैं।

19 अगस्त को खुलेगा गजा का मेगा आईपीओ

गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड का बहुप्रतीक्षित आईपीओ 19 अगस्त 2026 को खुलने जा रहा है। कंपनी ने इश्यू के लिए ₹152 से ₹160 प्रति इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशक 21 अगस्त तक बोली लगा सकेंगे, जबकि एंकर निवेशकों के लिए विंडो 18 अगस्त को खुलेगी।

कंपनी का कुल ऑफर साइज ₹550 करोड़ तक है। इसमें ₹450 करोड़ तक का फ्रेश इश्यू और ₹100 करोड़ तक का ऑफर फॉर सेल शामिल है। निवेशकों के लिए न्यूनतम बोली 93 शेयरों की होगी और इसके बाद 93 शेयरों के गुणक में आवेदन किया जा सकेगा।

फ्रेश इश्यू से प्राप्त रकम का इस्तेमाल कंपनी फंड IV के लिए शेष स्पॉन्सर कमिटमेंट और ब्रिज लोन की अदायगी, प्रस्तावित फंड V के स्पॉन्सर कमिटमेंट तथा सेकेंडरीज फंड के स्पॉन्सर कमिटमेंट और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों में करेगी।

इश्यू के शेयर बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है और एनएसई को डेजिग्नेटेड स्टॉक एक्सचेंज बनाया गया है। जेएम फाइनेंशियल और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।

“बिग बॉस 20 ब्लॉकबस्टर, रामायण बनेगी मेगा हिट” – डॉ. खोजा की भविष्यवाणी

 प्रसिद्ध ज्योतिषी, वास्तु विशेषज्ञ, हस्तरेखा एवं फेस रीडर डॉ. खोजा ने मनोरंजन जगत से लेकर वैश्विक शांति तक कई दिलचस्प भविष्यवाणियां की हैं। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. खोजा के अनुसार ‘बिग बॉस 20’ टीआरपी के मामले में शानदार प्रदर्शन करेगा। 6 सितंबर 2026 से जियोहॉटस्टार और कलर्स टीवी पर शुरू होने वाले इस सीजन का ‘ब्लेसिंग’ थीम दर्शकों से मजबूत जुड़ाव बनाएगा और यह पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ सकता है।

वहीं रणबीर कपूर अभिनीत नितेश तिवारी की ‘रामायण’ को लेकर भी उन्होंने बड़ी सफलता की उम्मीद जताई। उनके मुताबिक ‘रा’ अक्षर से शुरू होने वाले राज कपूर, राज कुमार, राजेंद्र कुमार, राजेश खन्ना और रणबीर कपूर जैसे नामों की सफलता की परंपरा इस फिल्म के लिए सकारात्मक संकेत देती है।

वैश्विक तनाव पर डॉ. खोजा ने दिसंबर तक शांति और सहयोग बढ़ने की उम्मीद जताई। वास्तु को उन्होंने अंधविश्वास नहीं, बल्कि दिशाओं, वातावरण और प्राकृतिक ऊर्जा को समझने की एक पारंपरिक पद्धति बताया। उनके अनुसार पुराने रीति-रिवाजों में भी जीवन को संतुलित रखने के पीछे व्यावहारिक तर्क छिपे थे।

एनसीडी बाजार में इंडेल मनी की बड़ी एंट्री

गोल्ड लोन और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में सक्रिय इंडेल मनी लिमिटेड ने बाजार में बड़ा फंड जुटाने की तैयारी कर ली है। कंपनी 500 करोड़ रुपये तक का सिक्योर्ड, रेटेड और लिस्टेड एनसीडी पब्लिक इश्यू लेकर आ रही है। इश्यू 18 अगस्त को खुलेगा और 31 अगस्त 2026 को बंद होगा। इसमें 250 करोड़ रुपये का बेस इश्यू और अतिरिक्त 250 करोड़ रुपये का ग्रीन शू विकल्प शामिल है।

निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक पहलू 12.25% सालाना तक की प्रभावी यील्ड है। एनसीडी की अवधि 400 दिन से लेकर 72 महीने तक होगी और इन्हें बीएसई पर सूचीबद्ध किए जाने का प्रस्ताव है। न्यूनतम आवेदन 10,000 रुपये का रखा गया है। कंपनी जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से आगे कर्ज देने, मौजूदा उधारी के वित्तपोषण/रीफाइनेंसिंग और डेट सर्विसिंग में करेगी।

इंडेल मनी के पूर्णकालिक निदेशक उमेश मोहनन ने कहा , ‘‘हमें अपने पिछले एनसीडी इश्यूज के दौरान बाजार से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली और हमें इस इश्यू के लिए भी ऐसी ही प्रतिक्रिया की उम्मीद है. निवेशकों के लगातार भरोसे से पता चलता है कि हमारे कारोबारी मॉडल, प्रबंधन टीम, कॉरपोरेट संचालन की व्यवस्थाओं और दीर्घकालिक विकास की रणनीति पर वे यकीन करते हैं।

शिपरॉकेट आईपीओ की धमाकेदार दस्तक

लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म Shiprocket लिमिटेड का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 12 अगस्त 2026 को खुलेगा और 14 अगस्त 2026 को बंद होगा। कंपनी ने आईपीओ के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹92 से ₹97 का प्राइस बैंड तय किया है। एंकर निवेशकों के लिए बोली 11 अगस्त को खुलेगी।

आईपीओ में न्यूनतम 154 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगाई जा सकेगी और इसके बाद 154 शेयरों के गुणक में आवेदन किया जा सकेगा। कुल ऑफर साइज ₹1,617.485 करोड़ तक है, जिसमें ₹885.50 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹731.985 करोड़ का ऑफर फॉर सेल शामिल है। फ्रेश इश्यू से प्राप्त राशि का इस्तेमाल Shiprocket के प्लेटफॉर्म्स के विकास के लिए मार्केटिंग पहलों, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमताओं में निवेश के साथ-साथ कंपनी के कुछ कर्ज के पूर्ण या आंशिक पुनर्भुगतान/प्रीपेमेंट में किया जाएगा। इसके अलावा, अज्ञात अधिग्रहणों के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए भी राशि का उपयोग प्रस्तावित है।

कंपनी के इक्विटी शेयर बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध होंगे, जिसमें एनएसई को इस ऑफर के लिए नामित स्टॉक एक्सचेंज बनाया गया है। एक्सिस कैपिटल , बोफा सिक्योरिटीज इंडिया , जेएम फाइनेंसियल और कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।

ओनिडा का ‘रीवायर्ड’ अवतार, 100-इंच स्क्रीन से प्रीमियम बाजार पर बड़ा दांव

कभी अपने आइकॉनिक ‘डेविल’ से भारतीय घरों में पहचान बनाने वाला ओनिडा अब नए दौर की तकनीक के साथ अपनी कहानी को फिर से लिखने की तैयारी में है। ‘ओनिडा रीवायर्ड’ के जरिए कंपनी ने प्रीमियम कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में नई ऊर्जा के साथ उतरने का ऐलान किया है। इसकी पहली झलक कंपनी के फ्लैगशिप 100-इंच क्यूडी मिनी एलईडी टीवी में दिखाई देती है।

ओनिडा इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के सीईओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर गुंजन श्रीवास्तव ने कहा, ओनिडा रीवायर्ड’ का हमारी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण कदम है। प्रीमियम इनोवेशन, बेहतर ग्राहक अनुभव और मजबूत रिटेल व सर्विस नेटवर्क के जरिए हम ओनिडा को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं।”

इसी दिशा में ओनिडा ने पूर्वी भारत में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। कंपनी की राष्ट्रीय विकास रणनीति में महाराष्ट्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। चार दशकों से अधिक समय से ग्राहकों का भरोसा हासिल करने वाले ओनिडा के लिए ‘ओनिडा रीवायर्ड’ उसकी बदलाव की यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसके जरिए कंपनी प्रीमियम कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स श्रेणियों में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करना चाहती है। इस रणनीति के तहत ओनिडा का जोर तेजी से नए उत्पाद और तकनीक विकसित करने, ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने, अपने रिटेल और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार करने तथा बिक्री के बाद की सेवाओं को और मजबूत करने पर रहेगा।

आज ग्राहकों की पसंद तेजी से प्रीमियम, स्मार्ट और कनेक्टेड टेक्नोलॉजी वाले उत्पादों की ओर बढ़ रही है। इसे देखते हुए ओनिडा नई तकनीक, बेहतर संचालन और बाजार की जरूरतों के अनुरूप उत्पादों के जरिए ग्राहकों को बेहतर और अलग अनुभव देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। ओनिडा के लिए पूर्वी भारत एक महत्वपूर्ण विकास बाजार है और ‘ओनिडा रीवायर्ड’ के तहत कंपनी यहां अपने विस्तार को और गति देगी। इस रणनीति में मुंबई की अहम भूमिका होगी।

इस लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए ओनिडा इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के चीफ बिजनेस ऑफिसर श्री फारूक बेग ने कहा, “प्रीमियम टेलीविजन सेगमेंट में ग्राहकों की पसंद तेजी से बदल रही है। आज ग्राहक बड़ी स्क्रीन, सिनेमा जैसा देखने का अनुभव और ऐसी स्मार्ट टेक्नोलॉजी चाहते हैं, जो घर पर मनोरंजन के अनुभव को और बेहतर बनाए।

लीप इंडिया आईपीओ का धमाका! ₹2,480 करोड़ जुटाने बाजार में उतरी कंपनी

सप्लाई चेन मैनेजमेंट सेक्टर की कंपनी लीप इंडिया लिमिटेड का इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) 7 अगस्त 2026 को खुलेगा और 11 अगस्त को बंद होगा। कंपनी ने ₹1 फेस वैल्यू वाले शेयर के लिए ₹151 से ₹159 का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशक न्यूनतम 94 इक्विटी शेयर और इसके बाद 94 के मल्टीपल में बोली लगा सकेंगे।

आईपीओ में ₹480 करोड़ का फ्रेश इश्यू और प्रमोटर वर्टिकल होल्डिंग्स II प्राइवेट लिमिटेड तथा केआईए ईबीटी स्कीम 3 की ओर से ₹2,000 करोड़ का ऑफर-फॉर-सेल शामिल है। फ्रेश इश्यू से मिलने वाली ₹360 करोड़ की राशि का इस्तेमाल कंपनी कर्ज के रिपेमेंट या प्रीपेमेंट में करेगी। 2013 में शुरू हुई लीप इंडिया ‘शेयर एंड रीयूज’ यानी पूलिंग मॉडल पर काम करती है।

 31 मार्च 2026 तक कंपनी के पास 1.47 करोड़ एसेट्स, 10,100 से अधिक कस्टमर टचपॉइंट्स और 1,000 से ज्यादा ग्राहक थे। तिमाही 26 में कंपनी की कुल आय ₹747.36 करोड़, एबिट्डा ₹378.83 करोड़ और पैट ₹62.34 करोड़ रहा। कंपनी के शेयरों को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है।

विश्व बौद्ध महासंघ में भारत महिला प्रकोष्ठ की उपाध्यक्ष नियुक्त हुईं डॉ. अनुभा पुंडीर चौहान

ग्राफिक एरा हिल विश्वविद्यालय, देहरादून की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुभा पुंडीर चौहान को विश्व बौद्ध महासंघ (World Buddhist Federation) के भारत महिला प्रकोष्ठ की उपाध्यक्ष (Vice President – Women’s Wing, India) नियुक्त किया गया है। उन्हें वर्ल्ड पीस इंस्टीट्यूट–संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से इस दायित्व के लिए नियुक्त होने वाली प्रथम प्रतिनिधि के रूप में भी माना जाता है।

अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित “झोलाप्रेन्योर” डॉ. चौहान “भारतीय झोला वुमन” के नाम से विख्यात हैं। उन्होंने एकल-उपयोग प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े के झोले को अपनाने हेतु एक अनूठा जन-जागरूकता अभियान चलाया है। उनके इस अभियान ने भारतीय हथकरघा, स्वदेशी कला, सांस्कृतिक विरासत तथा पर्यावरण संरक्षण को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया है।

डॉ. चौहान एक प्रशिक्षित शास्त्रीय कलाकार एवं सांस्कृतिक दूत भी हैं। उन्होंने अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कला और भारतीय परंपराओं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा सांस्कृतिक मूल्यों का प्रभावी संदेश दिया है।

अपने नवीन दायित्व में डॉ. अनुभा पुंडीर चौहान महिला सशक्तिकरण, शांति, करुणा, सांस्कृतिक समरसता तथा मानवीय सेवा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगी तथा भारत एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विश्व बौद्ध महासंघ का प्रतिनिधित्व करेंगी

ब्रिटिश स्टैंडर्ड्स इंस्टीट्यूशन ने जोखिम प्रबंधन के लिए आरईसी की ISO 31000:2018 मान्यता का नवीनीकरण किया

REC लिमिटेड, विद्युत मंत्रालय के अधीन महारत्न सीपीएसई और अग्रणी इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग एबीएफसी, ने ब्रिटिश स्टैंडर्ड्स इंस्टीट्यूशन (बीएसआई) द्वारा किए गए व्यापक पुनर्मूल्यांकन के बाद जोखिम प्रबंधन दिशानिर्देशों (Risk Management Guidelines) के लिए अपने ISO 31000:2018 मान्यता पत्र को सफलतापूर्वक नवीनीकृत कर लिया है। यह नवीनीकृत मान्यता, बदलते व्यावसायिक परिवेश में वैश्विक स्तर के जोखिम प्रबंधन अभ्यासों को बनाए रखने और संगठनात्मक लचीलेपन को मजबूत करने के प्रति आरईसी की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।

आरईसी के जोखिम प्रबंधन प्रभाग ने बदलते विनियामक आवश्यकताओं, उभरते व्यावसायिक जोखिमों, उद्योग की सर्वोत्तम प्रथाओं और बदलती बाजार गतिशीलता के अनुरूप संगठन के एंटरप्राइज रिस्क मैनेजमेंट (ERM) ढांचे का मूल्यांकन और उसे बढ़ाने के लिए पुनर्मूल्यांकन अभ्यास किया। एक व्यापक ऑडिट और मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद, BSI ने ISO 31000:2018 के तहत निर्धारित सिद्धांतों और दिशानिर्देशों के अनुपालन के लिए आरईसी के मान्यता पत्र (Letter of Recognition) को नवीनीकृत किया।

सद्गुरुदेव महात्मा सुशील कुमार के अवतरण दिवस पर उमड़ा श्रद्धा का सागर, 51 साधकों को मिली शक्तिपात-दीक्षा

साकेत स्थित माँ मनोकामना देवी मंदिर सोमवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के अद्भुत संगम का साक्षी बना। अन्तर्राष्ट्रीय इस्सयोग समाज के तत्वावधान में ब्रह्मलीन सद्गुरुदेव महात्मा सुशील कुमार के 89वें अवतरण दिवस तथा माँ मनोकामना देवी की प्राण-प्रतिष्ठा वर्षगाँठ पर आयोजित समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों इस्सयोगियों ने गुरुचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। अखंड संकीर्तन, मंत्रोच्चार, आरती और साधना से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। सद्गुरू देव महात्मा सुशील कुमार जी के
महाअवतरण समारोह को संबोधित करते हुए संस्था की अध्यक्ष एवं ब्रह्मनिष्ठ सद्गुरुमाता माँ विजया ने अपने आर्शीबचन में कहा कि ब्रह्मलीन सद्गुरुदेव महात्मा सुशील कुमार ने माँ मनोकामना देवी की स्थापना मानव की भौतिक कामनाओं की पूर्ति के लिए की थी। श्रद्धा और विश्वास से यहाँ की गई प्रार्थना कभी निष्फल नहीं जाती, किंतु मनुष्य जीवन का परम लक्ष्य केवल इच्छापूर्ति नहीं, बल्कि आत्मिक जागरण और परम शांति की प्राप्ति है। यह मार्ग साधना, सद्गुरु-कृपा और आत्मसमर्पण से ही प्रशस्त होता है।
उन्होंने कहा कि मनुष्य प्रत्येक क्षण परिवर्तनशील है। शरीर की कोशिकाएँ बदलती रहती हैं,परिस्थितियाँ बदलती हैं और जीवन की चुनौतियाँ भी बदलती रहती हैं। इन सबके बीच जो साधक गुरु से जुड़कर इस्सयोग की साधना करता है,वह मानसिक विकारों,भय,तनाव और मोह से ऊपर उठकर आंतरिक शांति का अनुभव करता है। उन्होंने कहा कि इस्सयोग केवल साधना-पद्धति नहीं, बल्कि मानवता को सद्गुरुदेव का अनुपम आध्यात्मिक उपहार है।
संस्था के संयुक्त सचिव डॉ. अनिल सुलभ ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10 बजे संयुक्त सचिव-सह-कोषाध्यक्ष ई. उमेश कुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। संस्था के सचिव कुमार सहाय वर्मा ने सद्गुरुदेव के चित्र पर माल्यार्पण किया। पंडित प्रभात झा के सस्वर ‘गुरु शतनाम स्तोत्र’ पाठ के साथ वातावरण पूर्णतः गुरुमय हो उठा। इसके बाद एक घंटे का अखंड संकीर्तन, आह्वान साधना, सद्गुरुदेव की आरती तथा माँ मनोकामना देवी का विधिवत पूजन-अर्चन संपन्न हुआ।पूरे मंदिर परिसर में भक्ति, अनुशासन और आध्यात्मिक एकाग्रता का अनूठा वातावरण बना रहा।इस अवसर पर लंदन से आए अभिषेक आनंद, लुधियाना के सुधांशु सुमन,ओडिशा के दुर्गादास पंडा, भुवनेश्वर की डॉ. गीता जेना,लखनऊ के दुष्यंत यादव, बोकारो के कैलाश सुहासरिया, बेंगलुरु के हरि पंडा, फरीदाबाद की वंदना कर्ण, बिहार की शैल कुमारी एवं ऋतुबाला, हरियाणा के श्रीकांत कुमार,मनीषा अग्रवाल, अल्पना श्रीवास्तव तथा सविता कुमारी सहित अनेक साधकों ने सद्गुरुदेव की कृपा और इस्सयोग साधना से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
संस्था के सचिव कुमार सहाय वर्मा ने माँ मनोकामना मंदिर की स्थापना का संक्षिप्त इतिहास प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह मंदिर केवल मनोकामनाओं की पूर्ति का स्थल नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा, साधना और आत्मबोध का आध्यात्मिक केंद्र है। उन्होंने सद्गुरुदेव एवं गुरुमाता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
समारोह का प्रमुख आकर्षण शक्तिपात-दीक्षा रहा। माँ विजया ने 51 नव-जिज्ञासुओं को इस्सयोग की आंतरिक साधना के लिए शक्तिपात-दीक्षा प्रदान की। दीक्षा के इस आध्यात्मिक क्षण ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।श्रद्धालुओं ने इसे अपने जीवन की अमूल्य आध्यात्मिक उपलब्धि बताया।कार्यक्रम में संयुक्त सचिव लक्ष्मी प्रसाद साहू, संगीता झा, शिवम झा,सरोज गुटगुटिया, दीनानाथ शास्त्री, सी.एल. प्रसाद, वंदना वर्मा, डॉ. जेठानंद सोलंकी, डॉ. दार्शनिका पटेल, माया साहू,विजय मालिनी, योगेंद्र प्रसाद, राधेश्याम पांडेय, गिरिजेश गुप्ता, वीरेंद्र राय, ललन प्रसाद, आर.सी. तिवारी, विजय रंजन,ममता जमुआर, मंजिता अंजलि तथा वरिष्ठ पत्रकार विनोद तकियावाला सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों इस्सयोगियों ने इस महामहोत्सव में शामिल हुए ।