President visit Himachal देवभूमि में राष्ट्रपति का गरिमामय आगमन : द्रौपदी मुर्मु के स्वागत में सजी राजधानी शिमला, कई कार्यक्रमों में होंगी शामिल
देवभूमि हिमाचल प्रदेश की वादियों में एक बार फिर संवैधानिक गरिमा और राष्ट्रीय महत्व का माहौल देखने को मिल रहा है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने ग्रीष्मकालीन प्रवास के तहत 27 अप्रैल से 1 मई 2026 तक हिमाचल प्रदेश के दौरे पर पहुंच चुकी हैं। सोमवार को उनका शिमला आगमन बेहद खास और औपचारिक रहा, जहां राज्य के शीर्ष नेतृत्व और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। शिमला के कल्याणी हेलीपैड पर राष्ट्रपति के पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया गया। इस दौरान हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। पारंपरिक हिमाचली अंदाज में उनका स्वागत किया गया, जिसमें स्थानीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिली।
राष्ट्रपति अपने इस दौरे के दौरान शिमला के समीप स्थित मशोबरा में राष्ट्रपति निवास में ठहरेंगी। यह स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है, जो ग्रीष्मकालीन प्रवास के लिए उपयुक्त माना जाता है। राष्ट्रपति का यह दौरा न केवल औपचारिक कार्यक्रमों से जुड़ा है, बल्कि यह राज्य के साथ केंद्र के संबंधों को भी और मजबूत करने का प्रतीक है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आगमन को लेकर पूरे शिमला शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था में भी अस्थायी बदलाव किए हैं। शहर में जहां-जहां से राष्ट्रपति का काफिला गुजरेगा, वहां ट्रैफिक को करीब आधा घंटा पहले ही रोक दिया जाएगा।
इससे आम लोगों को थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि यह कदम सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आवश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकलें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। इसके साथ ही, वैकल्पिक और कम भीड़भाड़ वाले मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। पर्यटकों को भी आश्वस्त किया गया है कि उनके सफर में किसी तरह की बड़ी बाधा नहीं आने दी जाएगी और सभी व्यवस्थाएं संतुलित तरीके से संचालित की जाएंगी।राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, द्रौपदी मुर्मु 28 अप्रैल को राज्यपाल द्वारा लोक भवन, शिमला में आयोजित एक औपचारिक भोज में शामिल होंगी। इसके बाद 29 अप्रैल को उनका प्रसिद्ध अटल टनल का दौरा प्रस्तावित है, जो देश की महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं में से एक है।
शैक्षणिक, सैन्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भरपूर रहेगा राष्ट्रपति का दौरा
राष्ट्रपति का यह दौरा केवल औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शिक्षा, सैन्य और सामाजिक कार्यक्रमों की भी अहम भूमिका है। 30 अप्रैल को द्रौपदी मुर्मु पालमपुर स्थित चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। इस दौरान वह छात्रों को संबोधित करेंगी और उन्हें उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित करेंगी। शाम को मशोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास में ‘एट होम’ स्वागत समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के प्रमुख गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। यह कार्यक्रम सामाजिक और औपचारिक संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।
दौरे के अंतिम दिन, यानी 1 मई को, राष्ट्रपति शिमला में स्थित सेना प्रशिक्षण कमान का दौरा करेंगी।
यह दौरा भारतीय सेना के प्रशिक्षण और तैयारियों को समझने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी। इस दौरान प्रदेश के राजनीतिक नेताओं ने भी राष्ट्रपति के दौरे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने लिखा कि हिमाचल की पावन धरा पर राष्ट्रपति का आगमन प्रदेशवासियों के लिए सम्मान और प्रेरणा का विषय है।वहीं, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी राष्ट्रपति के आगमन का स्वागत करते हुए इसे देवभूमि के लिए गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का यह दौरा प्रदेश के विकास और पहचान को नई दिशा देगा।
राष्ट्रपति का यह दौरा हिमाचल प्रदेश के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है। इससे जहां एक ओर राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर और पहचान मिलेगी, वहीं प्रशासनिक और विकासात्मक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।

