प्रधानमंत्री का काशी प्रवास : चुनावी रैलियों और सिक्किम दौरे के बाद आज पीएम मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचेंगे
दो दिन के सिक्किम दौरे के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी की धरती पर कदम रखने जा रहे हैं। काशी में उनके आगमन को लेकर उत्साह अपने चरम पर है। शहर की गलियों से लेकर घाटों तक हर जगह हलचल है और लोग अपने सांसद के स्वागत के लिए तैयार हैं। पिछले 11 वर्षों में पीएम मोदी का यह 54वां दौरा होगा, जो यह दिखाता है कि काशी उनके दिल के कितने करीब है। इससे पहले वह नवंबर 2025 में यहां आए थे। इस बार का दौरा खास इसलिए भी है क्योंकि यह 2026 का उनका पहला काशी प्रवास है।
प्रधानमंत्री के आगमन से पहले ही भाजपा संगठन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन वाराणसी पहुंच चुके हैं, जहां उनका स्वागत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस दौरान डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद रहे। काशी के चौसठी घाट पर बंगाली महिलाओं ने शंखनाद कर माहौल को और भी खास बना दिया। महिलाओं ने पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत का भरोसा जताते हुए इस आयोजन को उत्सव का रूप दिया। प्रधानमंत्री इस दौरे में काशीवासियों को 6,332.08 करोड़ रुपये की 163 परियोजनाओं की सौगात देंगे। इनमें 1,054.69 करोड़ रुपये की 50 परियोजनाओं का लोकार्पण और 5,277.39 करोड़ रुपये की 113 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
इन परियोजनाओं में रेल और सड़क से जुड़े बड़े कामों के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया है। खास तौर पर सिग्नेचर ब्रिज और कबीरचौरा मंडलीय चिकित्सालय में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की आधारशिला को इस दौरे की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। प्रधानमंत्री का कार्यक्रम भी काफी व्यस्त रहने वाला है। वह शाम 4 बजे के बाद वाराणसी पहुंचेंगे और एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर के जरिए बरेका हेलीपैड पर उतरेंगे। इसके बाद वह बीएलडब्ल्यू ग्राउंड में आयोजित एक बड़ी सभा को संबोधित करेंगे, जिसमें करीब 40 हजार महिलाएं शामिल होंगी। इस सभा में पीएम मोदी ‘नारी शक्ति वंदन’ से जुड़े मुद्दों पर महिलाओं से संवाद करेंगे और उनकी राय भी जानेंगे। इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी का विकास, महिला सशक्तिकरण और पूर्वांचल पर फोकस
प्रधानमंत्री का यह दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि विकास और जनसंवाद दोनों का बड़ा मंच बनने जा रहा है। जिन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास होगा, उनका सीधा फायदा न सिर्फ वाराणसी बल्कि पूरे पूर्वांचल और पड़ोसी बिहार के लोगों को भी मिलेगा।
कबीरचौरा अस्पताल में बनने वाला सुपर स्पेशियलिटी सेंटर स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देगा। इससे गंभीर बीमारियों का इलाज अब स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा और लोगों को बड़े शहरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा। वहीं रेल और सड़क परियोजनाओं से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। रामनगरी अयोध्या से मुम्बई के लिए अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन का शुभारंभ पीएम मोदी वाराणसी से वर्चुअल रूप से हरी झंडी दिखाकर करेंगे।
यह ट्रेन अयोध्या धाम जंक्शन से शाम 04.45 बजे रवाना होगी। अयोध्या से मुम्बई के बीच आधुनिक सुविधाओं से युक्त अमृत भारत एक्सप्रेस का नियमित रूप से (ट्रेन संख्या- 22111/22112) के रूप में परिचालन किया जाएगा। हालांकि अभी समय सारिणी और किराया नहीं तय हुआ है। मंगलवार को पहले फेरे में ट्रेन नंबर- 02212 अयोध्या धाम- लोकमान्य तिलक टर्मिनस अमृत भारत इनॉगरल स्पेशल के रूप में चलेगी। इस ट्रेन में स्लीपर और जनरल कोच के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होगी। उल्लेखनीय है कि काशी पहले ही आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में जानी जाती है, ऐसे में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होगा। राजनीतिक नजरिए से भी यह दौरा अहम माना जा रहा है।
हाल ही में प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और असम में चुनावी रैलियां की हैं। ऐसे में काशी का यह दौरा संगठन और कार्यकर्ताओं के लिए ऊर्जा का काम करेगा। भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। जगह-जगह स्वागत की तैयारियां की गई हैं और शहर को सजाया गया है। दो दिन के इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और लोगों से सीधे संवाद करेंगे। यह दौरा एक बार फिर यह संदेश देगा कि काशी और उसके विकास को लेकर केंद्र सरकार कितनी गंभीर है। पीएम मोदी का यह काशी दौरा विकास, जनभागीदारी और राजनीतिक संदेश तीनों का संगम बनने जा रहा है।

