उम्र नहीं, जुनून मायने रखता है: निवेदिता बसु की नई उड़ान

उम्र अक्सर लोगों के लिए ठहराव का पड़ाव बन जाती है, लेकिन निवेदिता बसु के लिए यह नई शुरुआत का समय है। 45 की उम्र के बाद उन्होंने खुद को एक बार फिर नए सिरे से गढ़ने का साहस दिखाया है। भारतीय टेलीविज़न की दुनिया में दो दशक से अधिक समय बिताने वाली बसु निर्देशक, क्रिएटिव लीडर और कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट के तौर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। बालाजी टेलीफिल्म्स में कंटेंट और बिज़नेस अलायंस की वाइस प्रेसिडेंट की भूमिका निभाने के बाद उन्होंने 2015 में सुरक्षित कॉर्पोरेट दायरे से बाहर निकलकर अपनी प्रोडक्शन कंपनी हाउस ऑफ ओरिजिनल्स शुरू की।

इसके बाद ULLU, Atrangii, Hari Om और Dangal जैसे अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स के साथ काम करते हुए उन्होंने बदलते मनोरंजन जगत के साथ खुद को लगातार ढाला। बॉक्स क्रिकेट लीग की टीम कोलकाता बाबू मोशायेस की मालिक बनने से लेकर हॉस्पिटैलिटी और पब्लिशिंग तक उनका सफर लगातार प्रयोगों से भरा रहा।

‘Self-Made Woman’ डिजिटल मैगज़ीन शुरू करना उनके विज़न का एक और विस्तार है। लेकिन सबसे दिलचस्प अध्याय है स्क्वैश। मास्टर्स सर्किट में उतरकर वह अपनी कैटेगरी में भारत की नंबर 3 सीडेड खिलाड़ी हैं और अब प्रोफेशनल खिलाड़ी बनने की तैयारी कर रही हैं। निवेदिता बसु की कहानी यही संदेश देती है—अनुभव कभी अंत नहीं होता, वह अगली शुरुआत की सबसे मजबूत नींव बन सकता है।

बोतल फेंकने का दौर खत्म, अब कचरे से बनेगा उपयोगी सामान

पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक कचरे के बेहतर प्रबंधन की दिशा में महाराष्ट्र सरकार, ठाणे नगर निगम और हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज ने महा r-PET अभियान का विस्तार किया है। ठाणे में नए PET कलेक्शन सेंटर का उद्घाटन कर इस्तेमाल की गई प्लास्टिक बोतलों के संग्रहण, छंटाई और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने की पहल की गई। कार्यक्रम में समर्पित कलेक्शन बिन्स, रिटेलर्स के लिए ग्रीन कूल दुकान स्टिकर और सहभागिता प्रमाणपत्र भी लॉन्च किए गए। इसके अलावा, संग्रहण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तीन इलेक्ट्रिक वाहनों को हरी झंडी दिखाई गई।

महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे ने इस अभियान को जनभागीदारी से जोड़ते हुए कहा कि अब समय इस्तेमाल के बाद बोतलों को फेंकने के बजाय एकत्र करने का है। उन्होंने बताया कि ठाणे के बाद इस पहल को छत्रपति संभाजीनगर, नासिक और बीड तक ले जाने की योजना है। अभियान के तहत एकत्रित PET बोतलों को अधिकृत रीसाइक्लिंग चैनलों तक पहुंचाने के लिए कलेक्शन पार्टनर्स और रिटेलर्स का नेटवर्क विकसित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में रीसाइकिल्ड PET प्लास्टिक से बनी बेंचों का भी अनावरण किया गया, जो कचरे को उपयोगी उत्पादों में बदलने की संभावनाओं को दर्शाती हैं। HCCB के अविनाश कांत कुमार के अनुसार, संग्रहण से लेकर प्रोसेसिंग तक पूरी व्यवस्था में सहयोग और बेहतर ट्रेसेबिलिटी जरूरी है। यह पहल प्लास्टिक रिकवरी और संसाधनों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

शूलिनी विश्वविद्यालय ने रचा नया मुकाम

हिमालयी क्षेत्र से निकलकर वैश्विक अकादमिक मंच पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा शूलिनी विश्वविद्यालय लगातार तीसरे वर्ष दुनिया की Top 500 यूनिवर्सिटीज में शामिल हुआ है। टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में विश्वविद्यालय को 451–500 बैंड में स्थान मिला है और भारत में वह तीसरे स्थान पर रहा। भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु और साविता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंसेज के बाद Top 500 में जगह बनाने वाला शूलिनी भारत का तीसरा संस्थान है।

विश्वविद्यालय के फाउंडर चांसलर प्रो. पी.के. खोसला ने कहा, “हमारा उद्देश्य था कि हिमालयी क्षेत्र में स्थित कोई विश्वविद्यालय भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सके। हमारा लक्ष्य अगले तीन वर्षों में दुनिया की Top 200 यूनिवर्सिटीज में शामिल होना है।”

शूलिनी ने Research Quality में वैश्विक 184वां स्थान हासिल किया है, जबकि International Outlook में भारत में तीसरा स्थान मिला है। प्रो चांसलर प्रो. विशाल आनंद ने कहा, “लगातार तीन वर्षों तक Top 500 में बने रहना निरंतर प्रयास और प्रदर्शन की मांग करता है। यह उपलब्धि शूलिनी से जुड़े सभी लोगों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।”  चांसलर प्रो. विशाल आनंद ने कहा, “एक बार Top 500 में जगह बनाना निश्चित रूप से एक उपलब्धि है। लेकिन लगातार तीन वर्षों तक इस सूची में बने रहना अधिक चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि इसके लिए हर वर्ष निरंतर प्रयास और प्रदर्शन की आवश्यकता होती है। यह परिणाम उन सभी लोगों के प्रयासों को दर्शाता है जो शूलिनी की प्रगति में लगातार योगदान दे रहे हैं।” 2027 की THE रैंकिंग में दुनिया के 2,297 संस्थान शामिल हैं, जिनमें भारत के 143 संस्थान हैं। यह उपलब्धि शूलिनी के शोध, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और उच्च शिक्षा में बढ़ती वैश्विक मौजूदगी को रेखांकित करती है।

प्रभास के ‘पिता’ बनेंगे बड़े स्टार, ‘सालार 2’ में खुलेगा नया राज!

प्रभास की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘सालार: पार्ट 1 – सीजफायर’ की जबरदस्त सफलता के बाद अब दर्शकों की नजरें इसके बहुप्रतीक्षित सीक्वल ‘सालार: पार्ट 2 – शौर्यांग पर्वम’ पर टिकी हैं। प्रशांत नील के निर्देशन में बनने वाली इस फिल्म को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। खबरों के मुताबिक, एक बड़े और जाने-माने अभिनेता फिल्म में प्रभास के किरदार देवा के पिता धरा शौर्यांग की भूमिका निभाएंगे।

यह किरदार कहानी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पहले भाग के अंत में देवा की पहचान और उसकी वंशावली से जुड़े रहस्य ने आगे की कहानी के लिए कई सवाल खड़े किए थे। ऐसे में पिता के किरदार की एंट्री कहानी को नई दिशा देने के साथ-साथ खांसार की दुनिया में छिपे कई राज भी खोल सकती है। होम्बले फिल्म्स के प्रोड्यूसर विजय किरागंदूर और प्रशांत नील सीक्वल के प्री-प्रोडक्शन पर तेजी से काम कर रहे हैं। ‘सालार 2’ से अब दर्शकों को पहले से भी बड़ा एक्शन, ड्रामा और रोमांच देखने की उम्मीद है।